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Kanpur News: फर्जी रिपोर्ट लगा प्रमाण पत्र बनाने वाले पांच कर्मचारियों पर होगी एफआईआर
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कानपुर। नगर निगम जोन पांच कार्यालय से एसीएम सप्तम की फर्जी रिपोर्ट लगाकर प्रमाण पत्र जारी करने के मामले में जांच के बाद जोनल अधिकारी ने दो प्रमाण पत्रों को निरस्त कर दिया है। अब दोषी पांच कर्मचारियों पर एफआईआर होगी।
नगर निगम जोन पांच कार्यालय से जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने के नाम पर कर्मचारी बड़े स्तर पर खेल कर रहे थे। रुपये लेकर फर्जी रिपोर्ट तैयार कर अधिकारियों को गुमराह करते और प्रमाण पत्र जारी कर देते थे। अमर उजाला के 23 दिसंबर के अंक में खबर प्रकाशित होने के बाद नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने पांच कर्मचारियों को हटाकर उनकी जगह दूसरे कर्मचारियों को लगाया है। नई व्यवस्था के तहत जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए अलग-अलग कनिष्क लिपिक को लगाया गया है। इनके ऊपर एक वरिष्ठ लिपिक को तैनात किया गया है ताकि गड़बड़ी न हो सके। जोनल अधिकारी अनुपम त्रिपाठी ने बताया कि जांच के दौरान पाया गया कि जूही परमपुरवा निवासी शोएब की बेटी अराह खान का जन्म स्वरूपनगर स्थित निजी अस्पताल में हुआ था। कर्मचारियों ने उसे गोविंदनगर के एक निजी अस्पताल में दिखाया था साथ ही एसीएम की फर्जी रिपोर्ट लगाई थी। इसी तरह जूही परमपुरवा निवासी अब्दुल रईस की बेटी याशफीन के जन्म से जुडे कागज पोर्टल पर अपलोड ही नहीं थे। दोनों प्रमाण पत्रों को निरस्त कर दिया है। अन्य प्रमाण पत्रों की जांच कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि नगर आयुक्त ने पांच कर्मचारियों पर मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।
नोडल अधिकारी की भूमिका भी संदिग्ध
जोन पांच कार्यालय में जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र में लंबे समय से खेल रहा था। ऐसे में नोडल अधिकारी की भूमिका भी शक के दायरे में है। हालांकि वह इस मामले से पल्ला झाड़ रहे हैं।
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नगर निगम जोन पांच कार्यालय से जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने के नाम पर कर्मचारी बड़े स्तर पर खेल कर रहे थे। रुपये लेकर फर्जी रिपोर्ट तैयार कर अधिकारियों को गुमराह करते और प्रमाण पत्र जारी कर देते थे। अमर उजाला के 23 दिसंबर के अंक में खबर प्रकाशित होने के बाद नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने पांच कर्मचारियों को हटाकर उनकी जगह दूसरे कर्मचारियों को लगाया है। नई व्यवस्था के तहत जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए अलग-अलग कनिष्क लिपिक को लगाया गया है। इनके ऊपर एक वरिष्ठ लिपिक को तैनात किया गया है ताकि गड़बड़ी न हो सके। जोनल अधिकारी अनुपम त्रिपाठी ने बताया कि जांच के दौरान पाया गया कि जूही परमपुरवा निवासी शोएब की बेटी अराह खान का जन्म स्वरूपनगर स्थित निजी अस्पताल में हुआ था। कर्मचारियों ने उसे गोविंदनगर के एक निजी अस्पताल में दिखाया था साथ ही एसीएम की फर्जी रिपोर्ट लगाई थी। इसी तरह जूही परमपुरवा निवासी अब्दुल रईस की बेटी याशफीन के जन्म से जुडे कागज पोर्टल पर अपलोड ही नहीं थे। दोनों प्रमाण पत्रों को निरस्त कर दिया है। अन्य प्रमाण पत्रों की जांच कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि नगर आयुक्त ने पांच कर्मचारियों पर मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।
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नोडल अधिकारी की भूमिका भी संदिग्ध
जोन पांच कार्यालय में जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र में लंबे समय से खेल रहा था। ऐसे में नोडल अधिकारी की भूमिका भी शक के दायरे में है। हालांकि वह इस मामले से पल्ला झाड़ रहे हैं।
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