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1975 में ठुकरा दिया गया, 'जननी और जनक' को अमेरिका से ढूंढने आई बहनें
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Fri, 09 Feb 2018 01:16 PM IST
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महापौर प्रमिला पांडेय के साथ रेबिका और स्टेफनी
- फोटो : अमर उजाला
अमेरिका से आई दो बेटियों ने अपने माता-पिता को खोजने के लिए गुरुवार को कानपुर की महापौर प्रमिला पांडेय से मुलाकात कर मदद मांगी है। लगभग 43 साल पहले साल 1975 में जन्म के बाद इनको ठुकरा दिया गया था। यह दोनों कानपुर में सड़क पर पड़ी मिली थीं।
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वाशिंगटन से अपने माता-पिता को खोजने के लिए शहर आईं स्टेफनी कृपा कूपर और रेबिका निर्मला पिकॉक गुरुवार को महापौर प्रमिला पांडेय से मिलने पहुंचीं। महापौर ने मुलाकात के दौरान दोनों से कहा कि वे उन्हें अपनी मां ही समझें।
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यह सुनने के बाद दोनों भावुक हो गईं। महापौर प्रमिला पांडेय ने दोनों को गले लगा लिया। साथ ही यह आश्वासन दिया कि कैंट स्थित शिशु-भवन से दोनों का रिकॉर्ड निकलवाने में पूरी मदद करेंगी। दोनों को शिशु भवन में ही रखा गया था। इसके बाद शिशु भवन की दिल्ली शाखा में भेज दिया गया था। वहां दोनों को अमेरिकी परिवारों ने गोद ले लिया था।
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स्टेफनी और रेबिका गुरुवार शाम को ‘अमर उजाला’ कार्यालय भी आईं। दोनों ने ‘अमर उजाला’ को शुक्रिया कहा। रेबिका ने बताया कि 2009 में उन्होंने बंगलूरू के शिशु-भवन से एक बच्ची को गोद लिया है। वह अब उनके साथ ही वाशिंगटन में रहती है।