तीमारदार और डॉक्टरों में मारपीट: पट्टी करने की बात पर कहा गया- तुम्हारे बाप के नौकर नहीं, मरीज के साथी पर लात मारने का आरोप
जूनियर डॉक्टरों का कहना है कि तीमारदार तुरंत पट्टी करने के लिए कह रहा था, उस वक्त पांच रोगियों के टांके लग रहे थे। उससे कुछ देर रुकने के लिए कहा गया। इस पर देख लेंगे? अपना नाम बताओ? इसी में बहस हुई। बताया जा रहा है कि तीमारदार के जल्दी पट्टी करने की बात कहने पर कहा गया कि तुम्हारे बाप के नौकर नहीं कि सबसे पहले तुम्हारा काम करूं। इसी पर वे बाहर आ गए।
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हैलट इमरजेंसी में घायल के साथ आए तीमारदार और सर्जरी विभाग के जूनियर डॉक्टरों में झगड़ा हो गया। बहस के दौरान मामला बढ़ गया। डॉक्टरों ने तीमारदार को बहुत पीटा। इसके बाद तीमारदार घायल के साथ भाग खड़ा हुआ। घटना से हंगामा मचा रहा। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के सारे अधिकारी भाग कर मौके पर पहुंचे। बाद में जूनियर डॉक्टरों ने अज्ञात के नाम तहरीर दी है। मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने उस वक्त के सीसीटीवी फुटेज निकलवाए। जिससे घटनाक्रम के संबंध में खुलासा हुआ। इसके साथ ही प्राचार्य डॉ. संजय काला ने जांच कमेटी गठित कर दी है।
बाइक से गिरकर घायल एक व्यक्ति तीमारदार के साथ हैलट इमरजेंसी में आया। उसके हाथ में चोट लगी हुई थी और खून बह रहा था। वे सीधे माइनर ओटी में पहुंचे। जहां से उनसे रोगी पर्चा बनवाने के लिए कहा गया। वे कुछ देर तक माइनर ओटी में बैठे रहे। यहां बहस के बाद वे बाहर ईएमओ कक्ष के सामने हॉल में आ गए। यहीं तीमारदार और जूनियर डॉक्टरों में फिर बहस होने लगी।
घायल और तीमारदार के चले जाने के बाद सीसीटीवी फुटेज निकलवाए गए। इसमें आवाज तो नहीं सुनाई दे रही। लेकिन बहस के दौरान टोपी पहने तीमारदार पहले लात मारते हुए दिख रहा है। इसके बाद बवाल शुरू हो गया और सब भागकर बाहर की तरफ गए। फुटेज में रिटायर्ड फौजी गार्ड बीच-बचाव करते भी दिख रहा है। वहीं सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में गालियां सुनाई पड़ रही हैं।
सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. जीडी यादव ने बताया कि घटना की सूचना पर वह भी मौके पर पहुंचे, उस वक्त पांच घायलों की पट्टी हो रही थी। घायल तीमारदार के साथ चला गया। उसका नाम नहीं पता और पर्चा भी नहीं बना था। इस प्रकरण में प्राचार्य डॉ. संजय काला ने सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. यादव की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित कर दी है।
माइनर ओटी में चार टेबल हैं, इन पर घायलों को टांके लग रहे थे। टेबल खाली न होने से एक घायल का इलाज बाहर हो रहा था। तभी वह शख्स एक घायल को लेकर आया। जेआर ने पर्चा बनवाने के लिए कहा तो देख लेने की धमकी दी। फिर मारपीट हुई। सच जानने के लिए सीसीटीवी फुटेज निकलवा कर देखा गया। झगड़े के बाद वे चले गए। थाने में तहरीर देने के साथ ही जांच कमेटी की भी गठित कर दी है। अगर जूनियर डॉक्टरों का दोष होगा तो कार्रवाई होगी। जब घटना हुआ तो ईएमओ और दूसरे लोग भी हैं। तीमारदार ने जेआर को लात मारी थी। डॉ. संजय काला, प्राचार्य जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज