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कोतवाली कांड: पंद्रह साल पहले कोंच में हुई थी तीन हत्याएं, सीओ समेत छह पुलिसकर्मियों को उम्रकैद
Thu, 07 Nov 2019 11:04 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, जालौन
यूपी डेस्क, अमर उजाला, जालौन
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Thu, 07 Nov 2019 11:04 PM IST
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कोर्ट ने सुनाया फैसला
- फोटो : अमर उजाला
जालौन में पंद्रह साल पहले कोंच कोतवाली में हुए तिहरे हत्याकांड मामले में गुरुवार को सुनवाई के दौरान एक सीओ, तीन दरोगा और चार सिपाहियों पर दोष साबित होने पर अपर जिला जज प्रथम अमित पाल सिंह की अदालत में उन्हें हिरासत में ले लिया गया।
पंद्रह साल पहले हुए चर्चित कोंच कोतवाली कांड में सीओ समेत छह पुलिस कर्मियों व एक अन्य को आजीवन कारावास तथा 50-50 हजार जुर्माने की सजा सुनाई गई है। सजा पाने वालों में कानपुर स्थित कर्नलगंज सर्किल के सीओ भगवान सिंह और अन्य में तत्कालीन इंस्पेक्टर कोंच देवदत्त सिंह राठौर का बेटा अनिल राठौर भी शामिल हैं। अदालत के फैसले के बाद सभी दोषियों को जेल भेज दिया गया है।
बता दें कि एक फरवरी 2004 को कोंच कोतवाली में तैनात रहे कोतवाल देवदत्त सिंह राठौर (अब मृत) ने कोतवाली परिसर में बहस होने पर अपनी सर्विस रिवाल्वर से कोंच निवासी सपा नेता सुरेंद्र निरंजन और उसके भाई रोडवेज यूनियन नेता महेंद्र निरंजन और दोस्त दयाशंकर झा की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
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पंद्रह साल पहले हुए चर्चित कोंच कोतवाली कांड में सीओ समेत छह पुलिस कर्मियों व एक अन्य को आजीवन कारावास तथा 50-50 हजार जुर्माने की सजा सुनाई गई है। सजा पाने वालों में कानपुर स्थित कर्नलगंज सर्किल के सीओ भगवान सिंह और अन्य में तत्कालीन इंस्पेक्टर कोंच देवदत्त सिंह राठौर का बेटा अनिल राठौर भी शामिल हैं। अदालत के फैसले के बाद सभी दोषियों को जेल भेज दिया गया है।
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बता दें कि एक फरवरी 2004 को कोंच कोतवाली में तैनात रहे कोतवाल देवदत्त सिंह राठौर (अब मृत) ने कोतवाली परिसर में बहस होने पर अपनी सर्विस रिवाल्वर से कोंच निवासी सपा नेता सुरेंद्र निरंजन और उसके भाई रोडवेज यूनियन नेता महेंद्र निरंजन और दोस्त दयाशंकर झा की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
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इस कांड के बाद कोंच मेें जमकर बवाल हुआ था। तत्कालीन एसपी व डीएम के साथ पहुंची पुलिस फोर्स ने बड़ी मुश्किल से इंस्पेक्टर को काबू में कर उनकी गिरफ्तारी की थी। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो इंस्पेक्टर के साथ साथ कोतवाली में मौजूद पुलिस कर्मियों ने भी गोलियां चलाईं थीं।
शासन ने मामले में तत्कालीन एसपी आरके त्रिपाठी को निलंबित भी किया था। मृतकों के परिजनों की ओर से इंस्पेक्टर राठौर के अलावा साथी पुलिस कर्मी भगवान सिंह, लालमणि समेत आठ लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया था। इंस्पेक्टर डीडीएस राठौर की जेल में ही मृत्यु हो चुकी है।
गुरुवार को इसी मामले की सुनवाई के दौरान अपर जिला जज प्रथम ने दोष साबित होने पर भगवान सिंह जो वर्तमान में कानपुर में सीओ के पद पर तैनात है, जबकि दारोगा लालमणि गौतम सेवानिवृत्त हो चुके हैं समेत आठ पुलिस कर्मियों को हिरासत में ले लिया गया। माना जा रहा है कि शुक्रवार को मामले में सभी दोषियों को सजा भी सुनाई जाएगी।
शासन ने मामले में तत्कालीन एसपी आरके त्रिपाठी को निलंबित भी किया था। मृतकों के परिजनों की ओर से इंस्पेक्टर राठौर के अलावा साथी पुलिस कर्मी भगवान सिंह, लालमणि समेत आठ लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया था। इंस्पेक्टर डीडीएस राठौर की जेल में ही मृत्यु हो चुकी है।
गुरुवार को इसी मामले की सुनवाई के दौरान अपर जिला जज प्रथम ने दोष साबित होने पर भगवान सिंह जो वर्तमान में कानपुर में सीओ के पद पर तैनात है, जबकि दारोगा लालमणि गौतम सेवानिवृत्त हो चुके हैं समेत आठ पुलिस कर्मियों को हिरासत में ले लिया गया। माना जा रहा है कि शुक्रवार को मामले में सभी दोषियों को सजा भी सुनाई जाएगी।