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रहस्यमयी आफत: बुखार से दो और की जान गई, कुरसौली में पांचवीं मौत, तेजी से बिगड़ रही महिलाओं की हालत

Tue, 07 Sep 2021 09:12 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Tue, 07 Sep 2021 09:12 PM IST
सार

उत्तर प्रदेश के कानपुर सहित आसपास के जिलों में रहस्यमयी बुखार कहर बनकर टूट पड़ा है। कानपुर में बुखार से पिछले तीस दिनों में बाइस लोग मौत की नींद सो चुके हैं।

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Fever killed two more, fifth death in Kursauli, condition of women deteriorating rapidly
बुखार से मौतें - फोटो : amar ujala

विस्तार

कानपुर में बुखार ने दो और रोगियों की जान ले ली है। इस तरह एक महीने में बुखार से 22 मौतें हो चुकी हैं। कुरसौली गांव में पांचवीं मौत है। इनमें एक पुुरुष और चार महिलाएं हैं। बुखार से महिलाओं की स्थिति अधिक गंभीर हो रही है। दो-तीन दिन के बाद ही उनकी हालत बिगड़ जाती है।
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अभी तक कुरसौली के बुखार के जिन रोगियों की मौत हुई है, उनकी कोरोना, मलेरिया और डेंगू रिपोर्ट निगेटिव बताई जा रही है। कुरसौली में राकेश कुमार की बेटी सोनाली गौतम (14) की मौत हो गई। उसे कई दिनों से बुखार आ रहा था और वह कल्याणपुर क्षेत्र के निजी अस्पताल में भर्ती रही।
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इसी अस्पताल में सोनाली की बड़ी बहन शिवानी (32) भी भर्ती है। इसके पहले गांव में लक्ष्मी, जूली, तन्नू और शिवराम प्रजापति की मौत हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग सभी की रिपोर्ट डेंगू निगेटिव बता रहा है। गांव के अभी करीब 25 बुखार के रोगी निजी अस्पतालों में भर्ती हैं।

इनमें डेंगू जैसे लक्षण पाए जा रहे हैं। सीबीसी जांच में प्लेटलेट्स काउंट कम आया है। इसी तरह मंधना क्षेत्र की 50 वर्षीय महिला राधा देवी की बुखार से मौत हुई है। परिजनों ने बताया कि उन्हें कई दिनों से बुखार था। मंगलवार सुबह काम करते वक्त रसोई में बेहोशी हो गईं।

परिजन निजी वाहन से उसे लेकर अस्पताल आ रहे थे। रास्ते में मौत हो गई। जीएसवीएम मेडिकल कालेज की उप प्राचार्य और मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. रिचा गिरि ने बताया कि महिलाएं एनीमिक होती हैं और देर से इलाज कराती हैं। जब हालत गंभीर होती है तो अस्पताल लाया जाता है। इसी से स्थिति बिगड़ती है।
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