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पिता-पुत्र हत्याकांड: 25 साल बाद फैसला...छह को आजीवन कारावास, दोषियों की मांग पर हुई थी CBCID जांच

Sat, 29 Apr 2023 10:42 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Sat, 29 Apr 2023 10:42 AM IST
सार

Fatehpur News: पिता-पुत्र की गोली मारकर हत्या करने वाले एक परिवार के छह लोगों को कोर्ट नंबर एक के न्यायाधीश अखिलेश पांडेय ने उम्रकैद और अर्थदंड की सजा सुनाई है। करीब 25 साल बाद आए फैसले को पीड़ित परिवार ने सराहा है।

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Father son murder case, Verdict after 25 years., life imprisonment to six culprits, CBCID investigation was do
Father-son murder case - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

फतेहपुर जिले में हुए पिता-पुत्र हत्याकांड के मामले की जांच सीबीसीआईडी ने की थी। दोषियों ने खुद को निर्दोष होना बताकर शासन से जांच कराने की मांग की थी। हालांकि जांच दौरान सीबीसीआईडी ने चार्जशीट आरोपियों के खिलाफ दाखिल की थी।

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बकोली गांव के पिता पुत्र की हत्या के बाद दोषी पक्ष को हाईकोर्ट से जमानत मिली थी। दोषी पक्ष ने राज्यपाल से मामले की सीबीसीआईडी जांच कराने की मांग की थी। सीबीसीआईडी के विवेचक सुशील कुमार कनौजिया ने प्रकरण की पूरी जांच के बाद कोर्ट में दोषियों के खिलाफ चार्जशीट लगाई थी।
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इसके अलावा वादी विनय सिंह ने बयान दर्ज कराए थे। मलवां थाने के विवेचक विशंभर नाथ तिवारी ने भी दोषियों के खिलाफ चार्जशीट लगाई थी। घटनास्थल पर मौजूद रहने वाला एक गवाह सुनील सिंह कोर्ट में बयान से मुकरा गया था। पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों के बयान कोर्ट में दर्ज हुए थे।

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देर हुई लेकिन फैसले से खुश परिवार
पिता-पुत्र हत्याकांड के मामले में आए फैसले से पीड़ित परिवार के लोग खुश हैं। मुकदमा वादी विनय सिंह ने बताया कि उसके पिता भानू और बाबा विशेषर की हत्या के समय नाबालिग था। पिता और बाबा का साया छिनने के बाद लगता था कि सबकुछ खत्म हो गया। उन्हें फैसले का 25 साल से इंतजार था।

Father son murder case, Verdict after 25 years., life imprisonment to six culprits, CBCID investigation was do
Father-son murder case - फोटो : अमर उजाला

गांव से एक किमी दूर है ननिहाल
जाहिर है कि पूरे परिवार को फैसले से खुशी है। उनके गांव बकोली से एक किलोमीटर दूर ननिहाल पचभीटा गांव है। पचभीटा गांव में नाना महावीर सिंह को कोई औलाद नहीं है। तभी नाना की संपत्ति भी मिली है। वह लोग बचपन से नाना के घर ही रहते हैं।

दोषियों में गुड्डू बीजेपी नेता और प्रधानपति
दोषियों में गोला उर्फ गुड्डू शामिल है। गोला का असली नाम पंकज शुक्ला है। वह मलवां ब्लाक का बीजेपी मंडल अध्यक्ष है। पिछले पंचायत चुनाव में पंकज शुक्ला को प्रधान चुना गया था। इस पंचायत चुनाव में महिला सीट हुई, तो उसने पत्नी श्वेता शुक्ला को चुनाव लड़ाया। वर्तमान में श्वेता प्रधान हैं।

Father son murder case, Verdict after 25 years., life imprisonment to six culprits, CBCID investigation was do
Father-son murder case - फोटो : अमर उजाला

एक दोषी ने आत्मसर्मपण किया
प्रकरण की 25 अप्रैल को कोर्ट में अंतिम सुनवाई हुई। इस दिन मुन्ना उर्फ राजेश शुक्ला कोर्ट में मौजूद नहीं था। कोर्ट ने गैरजमानती वारंट कर पुलिस को मुन्ना की गिरफ्तारी के आदेश दिए थे। इसके बाद मुन्ना ने शुक्रवार को कोर्ट में आत्मसर्मपण किया है।

दोनों पक्षों के बीच पुरानी रंजिश
घटना के पीछे पीड़ित और आरोपी परिवार के बीच पारिवारिक पुरानी रंजिश बताई जा रही है। ग्रामीणों में चर्चा है कि 25 साल पहले पक्षों के बीच वर्चस्व और जमीन को लेकर विवाद बना रहता था। घटना के बाद दोनों ही पक्ष शांत हो गए थे। वादी विनय सिंह ने बताया कि तालाब की जमीन को लेकर परिवारिक रंजिश रही है।

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Father-son murder case - फोटो : अमर उजाला

ये था पूरा मामला
घटना मलवां थाना क्षेत्र के बकोली गांव में 16 जुलाई 1998 को हुई थी। गांव के विशेषर सिंह अपने बेटे भानू प्रताप सिंह के साथ घटना की रात करीब नौ बजे दरवाजे पर छप्पर के नीचे बैठे। गांव के सगे भाई महेश उर्फ पप्पू शुक्ला, मुन्ना उर्फ राजेश शुक्ला, राजू उर्फ राजेंद्र शुक्ला व सगे भाई भोने उर्फ जयप्रकाश, टिर्रा उर्फ रामप्रकाश और गोला उर्फ गुड्डू लाइसेंसी बंदूकों के साथ मृतकों के घर पहुंचे थे।

पिता-पुत्रों पर फायरिंग की
मार डालने के लिए ललकारा और पिता-पुत्रों पर फायरिंग की थी। गोली लगने से भानू प्रताप सिंह की मौके पर मौत हो गई थी। जान बचाकर विशेषर भागा और पड़ोसी दयाशंकर के घर में छिपने लगा। दौड़ाकर विशेषर की भी आरोपियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।

Father son murder case, Verdict after 25 years., life imprisonment to six culprits, CBCID investigation was do
Father-son murder case - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो

25 अप्रैल को हुई अंतिम सुनवाई
प्रकरण की अंतिम सुनवाई 25 अप्रैल को हुई। कोर्ट ने सभी आरोपियों को शु्क्रवार को दोषी माना। प्रत्येक को 27-27 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। सारे आरोपी रिश्ते में चचेरे भाई हैं। घटना से एक हफ्ते पहले मृतक के मवेशी दोषियों के खेत में चले गए थे।

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