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‘छोटी सी बात’ से नाराज बेटी ने जहर खाकर लगाई फांसी तो बेबस पिता ट्रेन से कट कर मरा
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Tue, 17 Jan 2017 11:38 PM IST
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‘छोटी सी बात’ से नाराज बेटी ने जहर खाकर फांसी ली तो ये सब देखकर पिता ने अपने होशो हवास खो दिए और ट्रेन से कट कर आत्महत्या कर ली। बेटी का इलाज अस्पताल में कराया जा रहा है। पिता की बॉडी को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मामला यूपी के कानपुर शहर का है।
कानपुर के कलक्टरगंज में शिक्षक पिता के डांटने पर छात्रा ने दो बार खुदकुशी का प्रयास किया। कीटनाशक पीने के बाद फांसी लगाने पर बेटी को मंगलवार सुबह हैलट के आईसीयू में पिता ने भर्ती कराया। इसके बाद क्षुब्ध पिता ने मरे कंपनी पुल के पास ट्रेन से कटकर जान दे दी। पुलिस को मौके से सुसाइड नोट मिला है। इसमें टीचर ने घटना के लिए खुद को जिम्मेदार ठहराया है। रंजीतपुरवा धनकुट्टी निवासी डॉ. अरविंद सौदाई शर्मा उन्नाव स्थित राजा शंकर सहाय इंटर कॉलेज में शिक्षक थे। परिवार में पत्नी अर्चना, बेटी अवंतिका (17) और बेटा अनुपम हैं। अवंतिका हाईस्कूल और अनुपम छठवीं कक्षा में कैंट स्थित मैथाडिस्ट स्कूल में पढ़ रहे हैं। बड़े भाई रवींद्र शर्मा ने बताया कि अवंतिका पढ़ाई से ज्यादा मोबाइल पर ध्यान देती थी। वह अक्सर स्कूल से लेट घर लौटती थी। अवंतिका को मोबाइल पर बात करता देख सोमवार को पिता ने उसे डांट दिया। साथ ही पढ़ाई पर ध्यान देने की नसीहत दी। इससे क्षुब्ध अवंतिका ने रात को कीटनाशक पी लिया। इसके बाद कमरे में दुपट्टे के सहारे पंखे से फांसी लगाई तो अचानक कमरे में पहुंची मां चीख पड़ीं। इस पर परिवार के लोग कमरे की ओर दौड़े और अवंतिका को फंदे से उतार कर हैलट लाए। परिजनों ने बताया कि कुछ देर के बाद किसी को बताए बगैर अरविंद हैलट से चले गए। परिजनों को मरे कंपनी पुल के पास अरविंद के ट्रेन से कटने की सूचना पुलिस के जरिए फोन से मिली। कैंट इंस्पेक्टर की मौजूदगी में रवींद्र और परिवार के अन्य लोगों ने मौके पर पहुंचकर शव की शिनाख्त की।
आयोग से हुए थे चयनित
छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष रवींद्र शर्मा ने बताया कि छोटे भाई डॉ. अरविंद मेधावी थे। उन्होंने हाईस्कूल से एमएड तक की परीक्षा प्रथम श्रेणी की उत्तीर्ण की। इसके बाद एजुकेशन विषय से पीएचडी की। शिक्षक कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षा पास करने के बाद उनकी तैनाती उन्नाव के राजाशंकर सहाय इंटर कालेज में हुई थी।
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खुद को जिम्मेदार ठहराया
डॉ. अरविंद ने सुसाइड नोट में लिखा है कि वह इस कृत्य के लिए खुद ही जिम्मेदार हैं। किसी अन्य को इसके लिए परेशान न किया जाए। पुलिस ने सुसाइड नोट को कब्जे में ले लिया है।
बेहोश हुई अर्चना
पति के आत्महत्या करने की सूचना मिलते ही पत्नी अर्चना रोते-रोते कई बार अचेत हो गईं। मुंह पर पानी की छींटे डालने कर उन्हें बार-बार होश में लाया जा रहा था। शाम को शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
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कानपुर के कलक्टरगंज में शिक्षक पिता के डांटने पर छात्रा ने दो बार खुदकुशी का प्रयास किया। कीटनाशक पीने के बाद फांसी लगाने पर बेटी को मंगलवार सुबह हैलट के आईसीयू में पिता ने भर्ती कराया। इसके बाद क्षुब्ध पिता ने मरे कंपनी पुल के पास ट्रेन से कटकर जान दे दी। पुलिस को मौके से सुसाइड नोट मिला है। इसमें टीचर ने घटना के लिए खुद को जिम्मेदार ठहराया है। रंजीतपुरवा धनकुट्टी निवासी डॉ. अरविंद सौदाई शर्मा उन्नाव स्थित राजा शंकर सहाय इंटर कॉलेज में शिक्षक थे। परिवार में पत्नी अर्चना, बेटी अवंतिका (17) और बेटा अनुपम हैं। अवंतिका हाईस्कूल और अनुपम छठवीं कक्षा में कैंट स्थित मैथाडिस्ट स्कूल में पढ़ रहे हैं। बड़े भाई रवींद्र शर्मा ने बताया कि अवंतिका पढ़ाई से ज्यादा मोबाइल पर ध्यान देती थी। वह अक्सर स्कूल से लेट घर लौटती थी। अवंतिका को मोबाइल पर बात करता देख सोमवार को पिता ने उसे डांट दिया। साथ ही पढ़ाई पर ध्यान देने की नसीहत दी। इससे क्षुब्ध अवंतिका ने रात को कीटनाशक पी लिया। इसके बाद कमरे में दुपट्टे के सहारे पंखे से फांसी लगाई तो अचानक कमरे में पहुंची मां चीख पड़ीं। इस पर परिवार के लोग कमरे की ओर दौड़े और अवंतिका को फंदे से उतार कर हैलट लाए। परिजनों ने बताया कि कुछ देर के बाद किसी को बताए बगैर अरविंद हैलट से चले गए। परिजनों को मरे कंपनी पुल के पास अरविंद के ट्रेन से कटने की सूचना पुलिस के जरिए फोन से मिली। कैंट इंस्पेक्टर की मौजूदगी में रवींद्र और परिवार के अन्य लोगों ने मौके पर पहुंचकर शव की शिनाख्त की।
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आयोग से हुए थे चयनित
छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष रवींद्र शर्मा ने बताया कि छोटे भाई डॉ. अरविंद मेधावी थे। उन्होंने हाईस्कूल से एमएड तक की परीक्षा प्रथम श्रेणी की उत्तीर्ण की। इसके बाद एजुकेशन विषय से पीएचडी की। शिक्षक कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षा पास करने के बाद उनकी तैनाती उन्नाव के राजाशंकर सहाय इंटर कालेज में हुई थी।
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खुद को जिम्मेदार ठहराया
डॉ. अरविंद ने सुसाइड नोट में लिखा है कि वह इस कृत्य के लिए खुद ही जिम्मेदार हैं। किसी अन्य को इसके लिए परेशान न किया जाए। पुलिस ने सुसाइड नोट को कब्जे में ले लिया है।
बेहोश हुई अर्चना
पति के आत्महत्या करने की सूचना मिलते ही पत्नी अर्चना रोते-रोते कई बार अचेत हो गईं। मुंह पर पानी की छींटे डालने कर उन्हें बार-बार होश में लाया जा रहा था। शाम को शव का अंतिम संस्कार कर दिया।