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बच्ची की दुष्कर्म के बाद हत्या में दोषी को फांसी
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सजायाफ्ता दिनेश पासवान। संवाद
- फोटो : FATEHPUR
फतेहपुर। तीन साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म करके उसकी हत्या के मामले में दोषी को पॉक्सो कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई है। इसके साथ ही आरोपी पर 75 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। सजा सुनाए जाने के बाद दोषी को पुलिस अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
खागा कोतवाली क्षेत्र के सुजरही गांव में कौशांबी जनपद के कड़ाधाम थाना के दादानगर का 25 वर्षीय दिनेश पासवान किराये र घर लेकर अपनी मां के साथ रहता था। 15 अक्तूबर 202 की दोपहर 12 बजे बच्ची घर में अकेली थी।
यह देख पड़ोसी दिनेश उसे सेब खिलाने के बहाने से बुला कर अपने कमरे में ले गया। जहां बच्ची के साथ दुष्कर्म किया। इस दौरान बच्ची की मृत्यु हो गई। तो दिनेश ने बच्ची के शव को कमरे में रखे बिस्तरों के नीचे दबा दिया।
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देर शाम तक बच्ची का पता नहीं चला तो करीब साढ़े छह बजे लोगों ने दिनेश के कमरे की तलाशी ली। तो बच्ची का शव कमरे से बरामद हो गया। मामला अलग-अलग समुदायों का होने के कारण गांव का माहौल गर्म हो गया था।
सूचना पर पहुंचे पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इस मामले की चार्जशीट विवेचक ने 192 घंटे में पूरी करके लगा दी थी। इसकी पैरवी वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश वर्मा और सहायक शासकीय अधिवक्ता धर्मेंद्र उत्तम ने न्यायालय के समक्ष की। कोर्ट में 17 गवाहों के बयान दर्ज हुए।
मंगलवार को पॉक्सो कोर्ट के एएसजे मो.अहमद खान ने दोषी दिनेश पासवान को फांसी की सजा सुनाई। इसके साथ ही 75 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अधिवक्ताओं के अनुसार दुष्कर्म कर हत्या के मामले में किसी दोषी को फांसी दिए जाने का यह मामला जिले में पहला है। जिसमें अदालत ने महज 70 दिन में फैसला दिया है।
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खागा कोतवाली क्षेत्र के सुजरही गांव में कौशांबी जनपद के कड़ाधाम थाना के दादानगर का 25 वर्षीय दिनेश पासवान किराये र घर लेकर अपनी मां के साथ रहता था। 15 अक्तूबर 202 की दोपहर 12 बजे बच्ची घर में अकेली थी।
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यह देख पड़ोसी दिनेश उसे सेब खिलाने के बहाने से बुला कर अपने कमरे में ले गया। जहां बच्ची के साथ दुष्कर्म किया। इस दौरान बच्ची की मृत्यु हो गई। तो दिनेश ने बच्ची के शव को कमरे में रखे बिस्तरों के नीचे दबा दिया।
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देर शाम तक बच्ची का पता नहीं चला तो करीब साढ़े छह बजे लोगों ने दिनेश के कमरे की तलाशी ली। तो बच्ची का शव कमरे से बरामद हो गया। मामला अलग-अलग समुदायों का होने के कारण गांव का माहौल गर्म हो गया था।
सूचना पर पहुंचे पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इस मामले की चार्जशीट विवेचक ने 192 घंटे में पूरी करके लगा दी थी। इसकी पैरवी वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश वर्मा और सहायक शासकीय अधिवक्ता धर्मेंद्र उत्तम ने न्यायालय के समक्ष की। कोर्ट में 17 गवाहों के बयान दर्ज हुए।
मंगलवार को पॉक्सो कोर्ट के एएसजे मो.अहमद खान ने दोषी दिनेश पासवान को फांसी की सजा सुनाई। इसके साथ ही 75 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अधिवक्ताओं के अनुसार दुष्कर्म कर हत्या के मामले में किसी दोषी को फांसी दिए जाने का यह मामला जिले में पहला है। जिसमें अदालत ने महज 70 दिन में फैसला दिया है।

सजा सुनाए जाने के बाद दोषी को लेकर जाते पुलिस कर्मी। संवाद - फोटो : FATEHPUR