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Fatehpur: पांच हजार की रिश्वत लेते बैंक मैनेजर समेत दो गिरफ्तार, एंटी करप्शन टीम ने की कार्रवाई
Thu, 26 Sep 2024 12:26 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Thu, 26 Sep 2024 12:26 AM IST
सार
Fatehpur News: ऋण दिलाने के बदले भाजपा नेता से रिश्वत लेते बैंक मैनेजर समेत दो लोगों को लखनऊ सीबीआई की एंटी करप्शन टीम ने गिरफ्तार किया है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
लखनऊ की सीबीआई की एंटी करप्शन टीम ने बैंक ऑफ बड़ौदा के ब्रांच मैनेजर और बैंक मित्र को पांच हजार रुपये घूस लेते गिरफ्तार कर लिया। डेयरी उद्योग के लिए ऋण देने के नाम पर दरियामऊ शाखा प्रबंधक रवि कुमार और बैंक मित्र राजेंद्र कुमार भाजपा नेता से रिश्वत मांग रहे थे। खखरेरू थाने के पौली निवासी धर्मेंद्र कुमार पासवान बीजेपी के सेक्टर संयोजक हैं।
धर्मेंद्र ने अपने भाई मुकेश के साथ तीन सितंबर को भैंस खरीदने के लिए डेढ़-डेढ़ लाख के ऋण का आवेदन बीओबी की दरियामऊ शाखा में किया था। धर्मेंद्र ने बताया कि ऋण स्वीकृत होने के बाद भी बैंक मैनेजर रवि कुमार खाते में रुपये ट्रांसफर नहीं कर रहे थे। आरोप है कि चार दिन पूर्व प्रबंधक ने पांच हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। धर्मेंद्र ने लखनऊ में सीबीआई के नंबर पर इसकी सूचना दी। एंटी करप्शन टीम बुधवार दोपहर पहुंची और बैंक मैनेजर को रंगे हाथ पकड़ने के लिए जाल बिछाया। टीम ने धर्मेंद्र को पांच हजार रुपये लेकर बुलाया।
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धर्मेंद्र ने अपने भाई मुकेश के साथ तीन सितंबर को भैंस खरीदने के लिए डेढ़-डेढ़ लाख के ऋण का आवेदन बीओबी की दरियामऊ शाखा में किया था। धर्मेंद्र ने बताया कि ऋण स्वीकृत होने के बाद भी बैंक मैनेजर रवि कुमार खाते में रुपये ट्रांसफर नहीं कर रहे थे। आरोप है कि चार दिन पूर्व प्रबंधक ने पांच हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। धर्मेंद्र ने लखनऊ में सीबीआई के नंबर पर इसकी सूचना दी। एंटी करप्शन टीम बुधवार दोपहर पहुंची और बैंक मैनेजर को रंगे हाथ पकड़ने के लिए जाल बिछाया। टीम ने धर्मेंद्र को पांच हजार रुपये लेकर बुलाया।
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जब बैंक परिसर में प्रबंधक को धर्मेंद्र ने रुपये देने की कोशिश की तो प्रबंधक ने रुपये बाहर मीरपुर निवासी बैंक मित्र राजेंद्र को देने के लिए कहा। इस पर बाहर जाकर धर्मेंद्र ने राजेंद्र को रिश्वत के पांच रुपये दे दिए। इसके बाद राजेंद्र सीधे प्रबंधक के केबिन में घुसा तो पीछे से पहुंची एंटी करप्शन टीम ने राजेंद्र को दबोच लिया। टीम की पूछताछ में राजेंद्र ने प्रबंधक के कहने पर रुपये लेने की बात स्वीकार की। इस पर प्रबंधक और बैंक मित्र को रिश्वतखोरी में टीम अपने साथ ले गई। एंटी करप्शन टीम के प्रभारी निरीक्षक अंकुर त्रिपाठी ने बताया कि प्रबंधक और बैंक मित्र पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है। आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया।