Fatehpur Train Accident: हादसे के बाद विकल्प बना डीएफसी, 24 घंटे में चालू हुई अप-डाउन लाइन
रविवार को सुबह रमवां स्टेशन पर खाली वैगन लेकर जा रही मालगाड़ी बेपटरी हो गई थी। इस हादसे में ट्रेन के डिब्बों ने एक दूसरे पर चढ़ते हुए ओएचई और अप ट्रैक को क्षतिग्रस्त कर दिया। इससे दोनों ट्रैक बाधित हो गए और डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से ट्रेनें गुजारी गईं।
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फतेहपुर में रमवां में मालगाड़ी पलटने से दिल्ली-हावड़ा रूट के समानांतर बना डीएफसी (डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर) एक विकल्प के तौर पर काम आया। रेलवे का मेन रूट बाधित होने पर ट्रेनों को डीएफसी रूट पर शिफ्ट कर दिया गया। यही वजह रही कि केवल छह ट्रेनें ही निरस्त करनी पड़ीं। लखनऊ-रायबरेली और उन्नाव-ऊंचाहार रूट पर सभी ट्रेनों को शिफ्ट करना पड़ता तो बड़ी संख्या में ट्रेनों को निरस्त करना पड़ता।
रमवां में नहीं है मेन रूट का डीएफसी संपर्क मार्ग
फतेहपुर के रमवां में मेन रूट पर मालगाड़ी रविवार सुबह पलटी थी। तब तक वंदे भारत एक्सप्रेस समेत तीन ट्रेनें रूमा के आगे पहुंच चुकी थीं। रमवां से डीएफसी का संपर्क रूट नहीं है। लिहाजा कानपुर के रूमा स्टेशन तक वापस लाने के बाद डीएफसी के न्यू रूमा स्टेशन के संपर्क मार्ग पर स्थानांतरित किया गया। उधर, प्रयागराज से खागा तक आ चुकी चौरीचौरा एक्सप्रेस को प्रयागराज ले जाया गया।
वहां प्रयागराज के सुजातपुर रेलवे स्टेशन का डीएफसी के न्यू सुजातपुर स्टेशन पर कनेक्टिंग मार्ग है। अभी कानपुर के भाऊपुर से रूमा के बीच डीएफसी नहीं बन सका है। इसलिए दिल्ली से आने जाने वाली मालगाड़ियां भाऊपुर तक तो डीएफसी के ट्रैक पर आती हैं और इसके बाद मेन रेल लाइन पर आकर रूमा तक जाती हैं। वहां से डीएफसी के न्यू रूमा स्टेशन के ट्रैक पर शिफ्ट होती हैं। डीएफसी के इस करीब 40 किमी के सेक्शन का काम पूरा होने के बाद दिल्ली से प्रयागराज तक डीएफसी पर ही मालगाड़ियां चलेंगी।
जांच में मेन रूट पर मालगाड़ी के दौड़ने का भी बिंदु
दुर्घटना स्थल पर उत्तर मध्य रेलवे के प्रमोद कुमार और डीआरएम मोहित चंद्रा ने रात भर रूट को बहाल करने के लिए डेरा डाला। इस हादसे की जांच के लिए विभागीय कमेटी बनाई गई है। इसमें हादसे की वजहों का पता लगाया जाएगा। इस बिंदु को भी शामिल किया जाएगा कि रमवां के पास डीएफसी रूट होने के बाद भी हादसाग्रस्त खाली मालगाड़ी को मेन रेल लाइन पर क्यों लिया गया।
वह भी तब तक दिवाली के मद्देनजर नियमित ट्रेनों के साथ स्पेशल ट्रेनें भी रूट पर दौड़ रही थीं। प्राथमिकता यात्रियों को त्योहार मनाने के लिए घर पहुंचाने की थी या खाली मालगाड़ी को मुगलसरांय ले जाना। खाली मालगाड़ी कितनी स्पीड में थी और ट्रैक में खराबी थी या बोगी के पहिया या किसी अन्य हिस्से में समस्या थी, इन बिंदुओं पर भी जांच होगी।
हादसे के बाद लगातार टीमों ने काम किया और 24 घंटे में अप-डाउन लाइन को चालू करा दिया गया है। रेल अफसरों ने घटना की वजह जानने के लिए जांच कमेटी गठित की है। -अमित सिंह, पीआरओ, प्रयागराज मंडल