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फर्रुखाबाद: कोतवाल समेत नौ के खिलाफ एससी एसटी एक्ट की रिपोर्ट, कोर्ट के आदेश पर हुई कार्रवाई, पढ़ें पूरा मामला
Sat, 13 Nov 2021 11:34 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sat, 13 Nov 2021 11:34 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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फर्रुखाबाद जिले के मोहम्मदाबाद में महिला किसान की शिकायत पर मोहम्मदाबाद कोतवाल समेत नौ लोगों के खिलाफ जाति सूचक गाली-गलौज कर मारपीट करने का मुकदमा दर्ज किया गया है। कार्रवाई कोर्ट के आदेश पर की गई है।
जांच सीओ मोहम्मदाबाद करेंगे। गांव नगला की निवासी महिला किसान लक्ष्मी देवी की शिकायत पर दर्ज रिपोर्ट में कोतवाल दिलीप कुमार बिंद, दरोगा अनिल कुमार, सिपाही प्रिंस व गांव निवासी ससुरालीजन गुड्डू, प्रभुदयाल, पंचम, आरती, निशा, मुकेश पर आरोप लगाया है कि 30 मई को पति सहित ससुरालीजनों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराया था।
चार्जशीट के बाद ससुरालीजनों ने समझौता कर लिया और वह ससुराल में रहने लगी। छह जून को ससुरालीजनों ने फिर मारा पीटा। बहन शीला व भाई रामानंद के साथ कोतवाली में तहरीर दी। पुलिस ने गांव में दबिश दी लेकिन घर पर कोई नहीं मिला।
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पुलिस के जाने के बाद रात को ससुरालीजनों ने भाई से मारपीट कर उसके दोनों पैर तोड़ दिए। 27 अगस्त को पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। कोतवाल सहित हमलावर समझौता करने का दबाव बना रहे थे। इनकार करने पर जाति सूचक गाली गलौज कर अपमानित किया। एसपी से शिकायत के बाद कार्रवाई नहीं हुई तब कोर्ट में शरण ली।
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जांच सीओ मोहम्मदाबाद करेंगे। गांव नगला की निवासी महिला किसान लक्ष्मी देवी की शिकायत पर दर्ज रिपोर्ट में कोतवाल दिलीप कुमार बिंद, दरोगा अनिल कुमार, सिपाही प्रिंस व गांव निवासी ससुरालीजन गुड्डू, प्रभुदयाल, पंचम, आरती, निशा, मुकेश पर आरोप लगाया है कि 30 मई को पति सहित ससुरालीजनों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराया था।
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चार्जशीट के बाद ससुरालीजनों ने समझौता कर लिया और वह ससुराल में रहने लगी। छह जून को ससुरालीजनों ने फिर मारा पीटा। बहन शीला व भाई रामानंद के साथ कोतवाली में तहरीर दी। पुलिस ने गांव में दबिश दी लेकिन घर पर कोई नहीं मिला।
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पुलिस के जाने के बाद रात को ससुरालीजनों ने भाई से मारपीट कर उसके दोनों पैर तोड़ दिए। 27 अगस्त को पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। कोतवाल सहित हमलावर समझौता करने का दबाव बना रहे थे। इनकार करने पर जाति सूचक गाली गलौज कर अपमानित किया। एसपी से शिकायत के बाद कार्रवाई नहीं हुई तब कोर्ट में शरण ली।