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बेटी बोली नहीं जाउंगी बाबुल के घर, अफसर भी हुए परेशान, जानें क्या है पूरा माजरा
Tue, 28 Jan 2020 11:02 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Tue, 28 Jan 2020 11:02 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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फर्रुखाबाद में जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह के सख्त रुख पर कंपिल पुलिस हरकत में आई। मंगलवार सुबह किशोरी को लेकर उसके नाना कलक्ट्रेट पहुंच गए। पिता को भी बुलाया गया। डीएम ने कार्यालय में फरियादियों की भीड़ के चलते मामला एसडीएम सदर के पास भेज दिया।
वहां किशोरी परिजनों के साथ जाने को राजी नहीं हुई। काफी जद्दोजहद के बावजूद बात न बनने पर किशोरी को बालिका संरक्षण गृह कानपुर भेजने की योजना बनाई गई। इस बीच किशोरी को विकास भवन स्थित प्रोवेशन विभाग ले जाया गया। वहां महिला कल्याण अधिकारी व सुगमकर्ताओं ने काउंसिलिंग कर समझाने का प्रयास किया।
काफी देर तक पिता के साथ जाने को तैयार नहीं हुई। बाल संरक्षण अधिकारी सचिन सिंह ने किशोरी की उसके पिता से बात कराई। दोनों के बीच किसी तरह सामंजस्य स्थापित हुआ। इस पर वह पिता के साथ जाने को राजी हो गई। डीपीओ भारत प्रसाद ने पिता से मानसिक उत्पीड़न न करने, बालिग होने के बाद भी मर्जी के खिलाफ शादी न करने, किसी तरह से प्रताड़ित न करने का शपथपत्र लिया गया।
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इसके बाद किशोरी को पिता की सुपुर्दगी में देकर परिजनों के साथ भेज दिया गया। बता दें कि पांच माह पहली लड़की घर से भाग गई थी। उसे बालिका संरक्षण गृह में रखा जा रहा था। बेटी की तलाश में परिजन भटकते रहे थे।
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वहां किशोरी परिजनों के साथ जाने को राजी नहीं हुई। काफी जद्दोजहद के बावजूद बात न बनने पर किशोरी को बालिका संरक्षण गृह कानपुर भेजने की योजना बनाई गई। इस बीच किशोरी को विकास भवन स्थित प्रोवेशन विभाग ले जाया गया। वहां महिला कल्याण अधिकारी व सुगमकर्ताओं ने काउंसिलिंग कर समझाने का प्रयास किया।
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काफी देर तक पिता के साथ जाने को तैयार नहीं हुई। बाल संरक्षण अधिकारी सचिन सिंह ने किशोरी की उसके पिता से बात कराई। दोनों के बीच किसी तरह सामंजस्य स्थापित हुआ। इस पर वह पिता के साथ जाने को राजी हो गई। डीपीओ भारत प्रसाद ने पिता से मानसिक उत्पीड़न न करने, बालिग होने के बाद भी मर्जी के खिलाफ शादी न करने, किसी तरह से प्रताड़ित न करने का शपथपत्र लिया गया।
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इसके बाद किशोरी को पिता की सुपुर्दगी में देकर परिजनों के साथ भेज दिया गया। बता दें कि पांच माह पहली लड़की घर से भाग गई थी। उसे बालिका संरक्षण गृह में रखा जा रहा था। बेटी की तलाश में परिजन भटकते रहे थे।