{"_id":"5f6cf8bc8ebc3edf732d3b8c","slug":"farmers-faces-blossomed-due-to-rain-dehat-news-knp5846232190","type":"story","status":"publish","title_hn":"बारिश से किसानों के चेहरे खिले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बारिश से किसानों के चेहरे खिले
विज्ञापन
बारिश के बाद धान की लहलहाती फसल
- फोटो : DEHAT
शिवराजपुर (बिल्हौर)। बुधवार देर शाम से रुक-रुक कर हो रही बारिश से एक ओर जहां लोगों उमस भरी गर्मी निजात मिली वहीं खेतों में खड़ी धान की फसलों को लाभ हुआ है। जबकि दूसरी ओर आलू बोने की तैयारी कर रहे किसानों को अब खेतों की पलेवा नहीं करनी पड़ेगी।
बुधवार देर शाम से शुरू हुई रिमझिम बारिश गुरुवार शाम तक जारी रही। किसानों की मानें तो इस बारिश से खेतों में खड़ी धान की फसल के साथ-साथ आलू लगाने के पूर्व पलेवा से भी राहत मिलेगी। कुर्मी खेड़ा के आशीष कटियार ने बताया कि अक्तूबर के प्रथम सप्ताह से क्षेत्र में आलू की लड़ाई शुरू हो जाती है। इसके चलते इस समय किसान दिन रात पलेवा करने में जुुटे हैं, किंतु इस बारिश से सिंचाई में होने वाले खर्च के साथ-साथ मेहनत में भी बचत होगी।
मुस्ता गांव के पंकज गुप्ता बोले कि खेतों में इस समय धान की फसल खड़ी है। इस बारिश से धान की बालियां मजबूत होने के साथ-साथ आलू की बुआई में पलेवा में बचत होगी, क्योंकि इसी नमी से हम आलू बुआई कर सकते हैं। रौतापुर गांव के अशोक कश्यप, भोला पांडे ने बताया इस बारिश से किसानों को किसी भी तरह की हानि नहीं है, यदि बारिश के साथ ही तेज हवा चल जाती तो धान खेतों में ही गिरने से उपज हल्की हो सकती थी, किंतु जिस तरह से बारिश हुई है इससे फसलों को लाभ ही लाभ है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बुधवार देर शाम से शुरू हुई रिमझिम बारिश गुरुवार शाम तक जारी रही। किसानों की मानें तो इस बारिश से खेतों में खड़ी धान की फसल के साथ-साथ आलू लगाने के पूर्व पलेवा से भी राहत मिलेगी। कुर्मी खेड़ा के आशीष कटियार ने बताया कि अक्तूबर के प्रथम सप्ताह से क्षेत्र में आलू की लड़ाई शुरू हो जाती है। इसके चलते इस समय किसान दिन रात पलेवा करने में जुुटे हैं, किंतु इस बारिश से सिंचाई में होने वाले खर्च के साथ-साथ मेहनत में भी बचत होगी।
विज्ञापन
मुस्ता गांव के पंकज गुप्ता बोले कि खेतों में इस समय धान की फसल खड़ी है। इस बारिश से धान की बालियां मजबूत होने के साथ-साथ आलू की बुआई में पलेवा में बचत होगी, क्योंकि इसी नमी से हम आलू बुआई कर सकते हैं। रौतापुर गांव के अशोक कश्यप, भोला पांडे ने बताया इस बारिश से किसानों को किसी भी तरह की हानि नहीं है, यदि बारिश के साथ ही तेज हवा चल जाती तो धान खेतों में ही गिरने से उपज हल्की हो सकती थी, किंतु जिस तरह से बारिश हुई है इससे फसलों को लाभ ही लाभ है।
विज्ञापन