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अन्न की फिक्र ने छीन ली सांसें, जानवरों से फसल बचाने में गंवाई जान
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sat, 29 Sep 2018 09:22 PM IST
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खेत में रोता बिलखता पिता दयाराम निषाद
- फोटो : अमर उजाला
यूपी के हमीरपुर में मजरा शिवरामपुर में एक बटाईदार की तारबाड़ी में उतरे करंट से मौत हो गई। किसान ने खेत में बोई मूंगफली की फसल को जंगली सूअरों से बचाने के लिए तारबाड़ी की थी। जिसमें उसमें एचटी लाइन से कटिया डाल रखी थी। तारों में प्रवाहित करंट की चपेट में आने से खेत में ही उसकी दर्दनाक मौत हो गई।
शिवरामपुर निवासी राम सिंह (44) बटाई में खेतीबाड़ी करता था। इस बार उसने ओमकारदास तिवारी, राजा सिंह, समलिया सिंह की करीब 50 बीघे जमीन बटाई पर ली थी। जिसमें ज्वार, अरहर, मूंगफली आदि फसलें बोई हैं। आधा बीघे में खड़ी मूंगफली की फसल जंगली सूअर नष्ट कर रहे हैं। इस पर शुक्रवार को वह सूअरों से फसल को बचाने के लिए खेत में लगी तारबाड़ी में एचटी लाइन से कटिया डालकर करंट दौड़ा रहा था। तभी चपेट में आ गया और उसकी मौत हो गई।
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शिवरामपुर निवासी राम सिंह (44) बटाई में खेतीबाड़ी करता था। इस बार उसने ओमकारदास तिवारी, राजा सिंह, समलिया सिंह की करीब 50 बीघे जमीन बटाई पर ली थी। जिसमें ज्वार, अरहर, मूंगफली आदि फसलें बोई हैं। आधा बीघे में खड़ी मूंगफली की फसल जंगली सूअर नष्ट कर रहे हैं। इस पर शुक्रवार को वह सूअरों से फसल को बचाने के लिए खेत में लगी तारबाड़ी में एचटी लाइन से कटिया डालकर करंट दौड़ा रहा था। तभी चपेट में आ गया और उसकी मौत हो गई।
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रोते-बिलखते राम सिंह के परिजन
- फोटो : अमर उजाला
खेत मालिक ओमकारदास तिवारी ने बताया राम सिंह ने उसकी जमीन बटाई पर ले रखी थी। वह नलकूप के कमरे में रहकर रखवाली करता था। सुबह करीब साढ़े पांच बजे जब वह खेत पहुंचे तो देखा रामसिंह का शव पड़ा था। इस पर उसके घरवालों को सूचना दी। उसके भाई फुलवा निषाद ने बताया पिता के नाम एक एकड़ जमीन है। इसलिए बटाई पर खेत लेकर परिवार का भरण पोषण किया जाता है। राम सिंह के छह बच्चे कांतीदेवी (25), छोटी देवी (16), कैलाश कुमार (20), दुलीचंद (6), रज्जन (9), कोमल (1) हैं। घटना से परिजन बेहाल हैं। गांव के श्रीराम ने बताया राम सिंह बहुत सीधा और मेहनती था। वह अखंड रामायण का पाठ कराता रहता था। अकेले ही रात भर रामायण पढ़ा करता था। आसपास गांव से भी रामायण पढ़ने आते थे।