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'पानी लुटेरे' बांध का पानी लूटने के बाद जो किया उससे मच गई तबाही
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Updated Mon, 12 Nov 2018 07:47 PM IST
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अर्जुन बांध की टूटी नहर से बर्बाद हो रहा पानी
- फोटो : अमर उजाला
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यूपी के महोबा जिले में रविवार देर रात आधा दर्जन से अधिक किसानों ने चरखारी के अर्जुन बांध की मुख्य शाखा की नहर से पानी लूट लिया। आरोपी किसानों ने इसके बाद जो किया उससे आसपास के दर्जनों खेत जलमग्न हो गए। सूचना पाकर जब तक सिंचाई विभाग के जेई और अमीन पहुंचते तब तक हजारों गैलन पानी बर्बाद हो गया। सिंचाई विभाग के अवर अभियंता ने आधा दर्जन किसानों के विरुद्ध चरखारी कोतवाली में नहर तोड़कर पानी बर्बाद करने का मुकदमा दर्ज कराया है।
किसानों की मांग के अनुसार रविवार को अर्जुन बांध से मुख्य नहर में पानी छोड़ा गया। पहले दिन नहर में पानी दस किमी आगे तक ही पहुंचा, तभी रात के समय सबुआ गांव के समीप आधा दर्जन किसानों ने पक्की नहर तोड़ दी और अपने खेेतों में पलेवा के लिए पानी भर लिया। नहर तोड़े जाने से हजारों लीटर पानी बर्बाद हो गया। आसपास के दर्जनों खेत पानी से जलमग्न हो गए। नहर तोड़े जाने की सूचना दूसरे किसानों ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को दी।
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किसानों की मांग के अनुसार रविवार को अर्जुन बांध से मुख्य नहर में पानी छोड़ा गया। पहले दिन नहर में पानी दस किमी आगे तक ही पहुंचा, तभी रात के समय सबुआ गांव के समीप आधा दर्जन किसानों ने पक्की नहर तोड़ दी और अपने खेेतों में पलेवा के लिए पानी भर लिया। नहर तोड़े जाने से हजारों लीटर पानी बर्बाद हो गया। आसपास के दर्जनों खेत पानी से जलमग्न हो गए। नहर तोड़े जाने की सूचना दूसरे किसानों ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को दी।
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घंटों मशक्कत के बाद टूटी नहर दुरुस्त कराई
अर्जुन बांध की टूटी नहर से बर्बाद हो रहा पानी
- फोटो : अमर उजाला
सोमवार की सुबह मौके पर पहुंचे सिंचाई विभाग के जेई शिवलाल और अमीन धर्मपाल राजपूत ने श्रमिकों को लगाकर घंटों मशक्कत के बाद टूटी नहर दुरुस्त कराई। जेई ने कोतवाली चरखारी में नहर तोड़कर पानी बर्बाद करने का मुकदमा बम्हौरीकला के तुलसीदास राजपूत, जयप्रकाश यादव, देशराज राजपूत, नंदन, मुखिया और कुसरमा निवासी राजबहादुर, सबुआ निवासी पप्पू विश्वकर्मा सहित छह लोगों के विरुद्ध दर्ज कराया है।
जेई शिवलाल ने बताया कि टेल तक सिंचाई के लिए पानी पहुंचाने के लिए विभाग प्रयासरत हैं लेकिन नहर तोड़ देने से सैकड़ों हेक्टेयर खेतों की सिंचाई की पूर्ति का पानी बर्बाद कर दिया गया है। नहर तोड़ने व पानी रोकने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि पूर्व में अर्जुन बांध में कम जल भंडारण होने के चलते सिंचाई विभाग ने महज 12 दिन ही नहर में पानी छोड़ने के निर्देश विभाग के उच्चाधिकारियों ने दिए थे।
जेई शिवलाल ने बताया कि टेल तक सिंचाई के लिए पानी पहुंचाने के लिए विभाग प्रयासरत हैं लेकिन नहर तोड़ देने से सैकड़ों हेक्टेयर खेतों की सिंचाई की पूर्ति का पानी बर्बाद कर दिया गया है। नहर तोड़ने व पानी रोकने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि पूर्व में अर्जुन बांध में कम जल भंडारण होने के चलते सिंचाई विभाग ने महज 12 दिन ही नहर में पानी छोड़ने के निर्देश विभाग के उच्चाधिकारियों ने दिए थे।