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चौपट फसल देखकर लौटे किसान की दरवाजे पर मौत, बारिश-ओला से बर्बाद हुई अरहर व चने की खेती
Sat, 14 Mar 2020 09:35 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sat, 14 Mar 2020 09:35 PM IST
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बारिश और ओलावृष्टि से बर्बाद हुई फसल
- फोटो : अमर उजाला
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बांदा के बदौसा में बारिश और ओला से बर्बाद हुई फसल देखकर लौटे कर्जदार किसान को घर के दरवाजे पर ही दिल का दौरा पड़ गया। उसकी वहीं मौत हो गई। पुत्र का कहना है कि 1.29 लाख रुपया बैंक का कर्ज है। हाल ही में बैंक से नोटिस भी आई थी।
नरैनी तहसील के कुलसारी गांव में शुक्रवार को दिन में करीब 2 बजे किसान गोला यादव (60) खेत गया था। वहां ओला और बारिश से अरहर व चना की फसल को पहुंचे नुकसान को देखकर शाम करीब 4 बजे घर लौटा। कुछ देर दरवाजे पर बैठने के बाद उसने वहीं प्राण त्याग दिए।
पुत्र मूलचंद्र ने बताया कि सन 2014 में भारतीय स्टेट बैंक, अतर्रा कृषि शाखा से 69 हजार रुपये केसीसी कर्ज लिया था। यह बढ़कर 1.29 लाख हो गया। 26 बीघा खेती होने से लघु सीमांत किसान न होने पर ऋण माफी का फायदा भी नहीं मिला।
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पुत्र के मुताबिक पिछले 6 माह में बैंक से पैसा जमा करने के लिए तीन नोटिसें आ चुके हैं। हाल ही में फरवरी माह में भी नोटिस आया था। इसे लेकर भी गोला यादव परेशान थे। पत्नी संपत से जमीन बेचने की बात भी कही थी। उधर, नरैनी एसडीएम वंदिता श्रीवास्तव ने बताया कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। राजस्व कर्मियों को भेजकर जांच कराएंगे। उधर, अतर्रा बैंक शाखा प्रबंधक ने फोन नहीं उठाया।
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नरैनी तहसील के कुलसारी गांव में शुक्रवार को दिन में करीब 2 बजे किसान गोला यादव (60) खेत गया था। वहां ओला और बारिश से अरहर व चना की फसल को पहुंचे नुकसान को देखकर शाम करीब 4 बजे घर लौटा। कुछ देर दरवाजे पर बैठने के बाद उसने वहीं प्राण त्याग दिए।
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पुत्र मूलचंद्र ने बताया कि सन 2014 में भारतीय स्टेट बैंक, अतर्रा कृषि शाखा से 69 हजार रुपये केसीसी कर्ज लिया था। यह बढ़कर 1.29 लाख हो गया। 26 बीघा खेती होने से लघु सीमांत किसान न होने पर ऋण माफी का फायदा भी नहीं मिला।
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पुत्र के मुताबिक पिछले 6 माह में बैंक से पैसा जमा करने के लिए तीन नोटिसें आ चुके हैं। हाल ही में फरवरी माह में भी नोटिस आया था। इसे लेकर भी गोला यादव परेशान थे। पत्नी संपत से जमीन बेचने की बात भी कही थी। उधर, नरैनी एसडीएम वंदिता श्रीवास्तव ने बताया कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। राजस्व कर्मियों को भेजकर जांच कराएंगे। उधर, अतर्रा बैंक शाखा प्रबंधक ने फोन नहीं उठाया।