यूपीपीसीएल ने दी बड़ी राहत: कोरोना से मौत पर संविदा कर्मियों के परिजनों को मिलेंगे 50 लाख
किसी संविदा कर्मचारी की अगर कोरोना से मौत होती है तो उसके परिजनों को 50 लाख रुपये की एकमुश्त रकम मुआवजे के तौर पर मिलेगी।
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केस्को में 1604 संविदा कर्मचारी
यूपीपीसीएल ने संविदा कर्मचारियों को फ्रंटलाइन वर्कर घोषित किया है। केस्को में 1604 संविदा कर्मचारी हैं। 1055 लाइनमैन और हेल्पर, 290 कंप्यूटर ऑपरेटर, 241 संविदा मीटर रीडर और 18 फॉल्ट अटेंड गैंग इसके दायरे में आएंगे।
ईएसआई से संबद्ध अस्पतालों में इलाज
संविदा कर्मचारियों का सरकारी और निजी जो भी ईएसआई से संबद्ध हैं, उनका इलाज हो सकेगा। जो अभी कोविड अस्पताल हैं, इसके लिए डिस्कॉम के अधिकारियों को उन्हें इलाज दिलाने की जिम्मेदारी लेनी होगी। इसके अलावा ईपीएफ के तहत आने वाले संविदा कर्मचारियों को बीमा ईडीएलआई योजना के तहत अधिकतम छह लाख रुपये तक मिलेगा। श्रम विभाग और ईएसआई का बीमा लाभ भी परिजनों को दिलाने के लिए केस्को या दक्षिणांचल समेत जिस डिस्कॉम से संबंधित कर्मचारी होगा, उसके प्रबंधन की जिम्मेदारी होगी।
संविदा कर्मचारियों की इन मांगों को सरकार और कारपोरेशन ने सुना है, जिसके सभी कर्मचारी और उनके परिजन उनके आभारी हैं। कम से कम कोविड से मरने वाले फ्रंटलाइन वर्करों के परिजनों के सामने भूखे मरने की नौबत नहीं आएगी। वह आसानी से अपनी जिंदगी गुजार लेंगे।
दिनेश सिंह भोले, महामंत्री, संविदा कर्मचारी संगठन केस्को