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नकली दवा के कारोबार का मामला: मुजफ्फरनगर में एक और फैक्टरी पर छापा, आरोपी फरार, अब तक 12 की गिरफ्तारी
Tue, 29 Jun 2021 10:40 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Tue, 29 Jun 2021 10:40 PM IST
सार
एडीसीपी अपराध दीपक भूकर ने बताया कि दूसरे राज्यों पर मिले कनेक्शन खंगालने के लिए सर्विलांस टीम की मदद ली जाएगी। जो आरोपी पकड़े गए हैं उनके कॉल डिटेल के आधार पर नए सिरे से क्राइम ब्रांच काम करेगी।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
नकली दवा के कारोबार पर नकेल कसते हुए क्राइम ब्रांच ने मंगलवार को मुजफ्फरनगर में एक और नकली दवा फैक्टरी पर छापा मारा। हालांकि पुलिस को वहां कुछ हाथ नहीं लगा। पुलिस को शक है कि एक दिन पहले हुई कार्रवाई के बाद यह फैक्टरी खाली कर दी गई थी।
एडीसीपी अपराध दीपक भूकर ने बताया कि दूसरे राज्यों पर मिले कनेक्शन खंगालने के लिए सर्विलांस टीम की मदद ली जाएगी। जो आरोपी पकड़े गए हैं उनके कॉल डिटेल के आधार पर नए सिरे से क्राइम ब्रांच काम करेगी। इसके लिए दूसरे राज्यों के लिए गई टीम वापस बुला ली गई है।
अब तक 12 की गिरफ्तारी
क्राइम ब्रांच नकली दवा के कारोबार में लिप्त अब तक 12 लोगों को गिरफ्तार कर करीब साढ़े चार करोड़ की कीमत की नकली दवा और रैपर बरामद कर चुकी है। क्राइम ब्रांच ने एक दिन पहले ही मुजफ्फरनगर और बागपत में नकली दवा फैक्टरी पकड़ी थी। चार लोगों को गिरफ्तार किया था।
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फैक्टरी चलाने वाले बलराज ने मुजफ्फरनगर के एक और नकली दवा कारोबारी अजय त्यागी उर्फ कबरा के बारे में जानकारी दी थी। उसके ठिकानों पर क्राइम ब्रांच ने छापा मारा लेकिन वह फरार हो गया। अजय त्यागी उर्फ कबरा मेरठ का रहने वाला है। जो मुजफ्फरनगर में नकली दवा कारोबार से जुड़ा है। कबरा वहीं के एक बड़े व्यापारी चौधरी के संपर्क में है जो नकली दवा का बड़ा कारोबार करता है।
बलराज के संपर्क में बद्दी और रुड़की के कई कारोबारी
बलराज का हिमाचल प्रदेश के बद्दी और उत्तराखंड के रुड़की में आना जाना था। वहां बड़ी दवा कंपनियों की फैक्टरियां हैं। पुलिस सर्विलांस के जरिए उसके संपर्क खोजने का प्रयास कर रही है। साथ ही यूपी के कई राज्यों में उसके माल की सप्लाई थी। पुलिस ने छानबीन का दायरा भी बढ़ा दिया है।
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एडीसीपी अपराध दीपक भूकर ने बताया कि दूसरे राज्यों पर मिले कनेक्शन खंगालने के लिए सर्विलांस टीम की मदद ली जाएगी। जो आरोपी पकड़े गए हैं उनके कॉल डिटेल के आधार पर नए सिरे से क्राइम ब्रांच काम करेगी। इसके लिए दूसरे राज्यों के लिए गई टीम वापस बुला ली गई है।
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अब तक 12 की गिरफ्तारी
क्राइम ब्रांच नकली दवा के कारोबार में लिप्त अब तक 12 लोगों को गिरफ्तार कर करीब साढ़े चार करोड़ की कीमत की नकली दवा और रैपर बरामद कर चुकी है। क्राइम ब्रांच ने एक दिन पहले ही मुजफ्फरनगर और बागपत में नकली दवा फैक्टरी पकड़ी थी। चार लोगों को गिरफ्तार किया था।
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फैक्टरी चलाने वाले बलराज ने मुजफ्फरनगर के एक और नकली दवा कारोबारी अजय त्यागी उर्फ कबरा के बारे में जानकारी दी थी। उसके ठिकानों पर क्राइम ब्रांच ने छापा मारा लेकिन वह फरार हो गया। अजय त्यागी उर्फ कबरा मेरठ का रहने वाला है। जो मुजफ्फरनगर में नकली दवा कारोबार से जुड़ा है। कबरा वहीं के एक बड़े व्यापारी चौधरी के संपर्क में है जो नकली दवा का बड़ा कारोबार करता है।
बलराज के संपर्क में बद्दी और रुड़की के कई कारोबारी
बलराज का हिमाचल प्रदेश के बद्दी और उत्तराखंड के रुड़की में आना जाना था। वहां बड़ी दवा कंपनियों की फैक्टरियां हैं। पुलिस सर्विलांस के जरिए उसके संपर्क खोजने का प्रयास कर रही है। साथ ही यूपी के कई राज्यों में उसके माल की सप्लाई थी। पुलिस ने छानबीन का दायरा भी बढ़ा दिया है।
कैलशियम की गोली में भरते थे ग्लूकोज
एडीसीपी दीपक भूकर ने बताया कि मुज्जफरनगर, बागपत, लखनऊ और कानपुर से पकड़े गए आरोपियों से पता चला है कि नकली दवा के कारोबारी कैलशियम (शेलकेल) के नाम पर लोगों को ग्लूकोज की गोली थमा रहे थे। आरोपी ये दवा ज्यादातर ग्रामीण इलाकों के मेडिकल स्टोरों और झोलाछाप को सप्लाई करते थे।
जिस शहर का अपराधी, उसी शहर में होगी एफआईआर
नकली दवा पर काम कर रही क्राइम ब्रांच ने इस धंधे को जड़ से उखाड़ने का एक नया तरीका खोजा है। क्राइम ब्रांच की टीम दूसरे शहरों में जाकर इस रैकेट को पकड़ेगी मगर आरोपियों को शहर नहीं लाया जाएगा। वहीं की लोकल पुलिस को शामिल कर उन्हीं के थाने में एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। क्राइम ब्रांच कानपुर महज गुडवर्क वाली फर्द में शामिल होगी। एडीसीपी क्राइम ने बताया कि इससे समय और कोर्ट की कार्रवाई में बचत होगी। क्राइम ब्रांच की टीम जहां बुलाया जाएगा वहां जाकर बयान दर्ज करा देगी।
एडीसीपी दीपक भूकर ने बताया कि मुज्जफरनगर, बागपत, लखनऊ और कानपुर से पकड़े गए आरोपियों से पता चला है कि नकली दवा के कारोबारी कैलशियम (शेलकेल) के नाम पर लोगों को ग्लूकोज की गोली थमा रहे थे। आरोपी ये दवा ज्यादातर ग्रामीण इलाकों के मेडिकल स्टोरों और झोलाछाप को सप्लाई करते थे।
जिस शहर का अपराधी, उसी शहर में होगी एफआईआर
नकली दवा पर काम कर रही क्राइम ब्रांच ने इस धंधे को जड़ से उखाड़ने का एक नया तरीका खोजा है। क्राइम ब्रांच की टीम दूसरे शहरों में जाकर इस रैकेट को पकड़ेगी मगर आरोपियों को शहर नहीं लाया जाएगा। वहीं की लोकल पुलिस को शामिल कर उन्हीं के थाने में एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। क्राइम ब्रांच कानपुर महज गुडवर्क वाली फर्द में शामिल होगी। एडीसीपी क्राइम ने बताया कि इससे समय और कोर्ट की कार्रवाई में बचत होगी। क्राइम ब्रांच की टीम जहां बुलाया जाएगा वहां जाकर बयान दर्ज करा देगी।