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यूपी: रेलवे के कई विभागों में फर्जी नौकरी का फर्जीवाड़ा, अबतक सामने आए ये मामले, जांच शुरू
Tue, 31 Aug 2021 09:32 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Tue, 31 Aug 2021 09:32 PM IST
सार
जीआरपी प्रभारी रहे अजीत कुमार सिंह ने बताया कि अभी तक किसी ने नई तहरीर नहीं दी है। तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज कर जीआरपी जांच शुरू करेगी।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर जून 2021 में फर्जी टीटीई समेत कॉमर्शियल विभागों में फर्जी नौकरी के झांसे में आए युवकों के खुलासे के बाद कई अन्य विभागों में भी इसकी जड़ें फैली हैं। रेलवे के फजलगंज स्थित ट्रैक्शन मोटर शेड (टीएमएस) में भी बीते दिनों तीन युवक फर्जी नियुक्ति पत्र लेकर पहुंचे थे।
लेकिन जब पता चला कि वह भी गिरोह के झांसे में आ गए हैं और मामला पुलिस तक जाएगा तो वह भाग निकले। फिलहाल रेलवे ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है। अभी किसी युवक ने जीआरपी में तहरीर नहीं दी है। ककवन निवासी अमन सहित तीन युवक नियुक्ति पत्र लेकर बीते दिनों टीएमएस पहुंचे थे।
इस दौरान उन्हें पता चला कि उनके पास मौजूद नियुक्ति पत्र फर्जी है। इसके बाद युवक कानपुर सेंट्रल आए पर जैसे ही आरपीएफ और जीआरपी ने मुकदमा दर्ज कराने की बात कही तो तीनों युवक वहां से भाग निकले थे। इस मामले की जांच को लेकर जीआरपी ने सक्रियता बढ़ा दी है।
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जून 2021 में जीआरपी ने फर्जी नौकरी करने वाले 16 युवकों को पकड़ा था। गिरोह का सरगना रुद्र प्रताप सिंह पनकी में रहकर गैंग संचालित कर रहा है, जिसने कोर्ट में सरेंडर किया था। जीआरपी प्रभारी रहे अजीत कुमार सिंह ने बताया कि अभी तक किसी ने नई तहरीर नहीं दी है।
तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज कर जीआरपी जांच शुरू करेगी। हालांकि जानकारी के मुताबिक रेलवे पुलिस अपने स्तर से अभी इस मामले को पूर्व के मामलों से जोड़कर एक अंदरूनी जांच कर रही है। रेलवे भी अपने स्तर से टीएमएस आए तीनों युवकों के बारे में पड़ताल कर रही है।
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लेकिन जब पता चला कि वह भी गिरोह के झांसे में आ गए हैं और मामला पुलिस तक जाएगा तो वह भाग निकले। फिलहाल रेलवे ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है। अभी किसी युवक ने जीआरपी में तहरीर नहीं दी है। ककवन निवासी अमन सहित तीन युवक नियुक्ति पत्र लेकर बीते दिनों टीएमएस पहुंचे थे।
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इस दौरान उन्हें पता चला कि उनके पास मौजूद नियुक्ति पत्र फर्जी है। इसके बाद युवक कानपुर सेंट्रल आए पर जैसे ही आरपीएफ और जीआरपी ने मुकदमा दर्ज कराने की बात कही तो तीनों युवक वहां से भाग निकले थे। इस मामले की जांच को लेकर जीआरपी ने सक्रियता बढ़ा दी है।
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जून 2021 में जीआरपी ने फर्जी नौकरी करने वाले 16 युवकों को पकड़ा था। गिरोह का सरगना रुद्र प्रताप सिंह पनकी में रहकर गैंग संचालित कर रहा है, जिसने कोर्ट में सरेंडर किया था। जीआरपी प्रभारी रहे अजीत कुमार सिंह ने बताया कि अभी तक किसी ने नई तहरीर नहीं दी है।
तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज कर जीआरपी जांच शुरू करेगी। हालांकि जानकारी के मुताबिक रेलवे पुलिस अपने स्तर से अभी इस मामले को पूर्व के मामलों से जोड़कर एक अंदरूनी जांच कर रही है। रेलवे भी अपने स्तर से टीएमएस आए तीनों युवकों के बारे में पड़ताल कर रही है।