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Kanpur News: व्यायाम और वजन नियंत्रण से कम हो सकता है घुटनों का दर्द

Mon, 12 Oct 2026 02:04 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 12 Oct 2026 02:04 AM IST
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Exercise and weight control can reduce knee pain.
कानपुर। सुबह घुटनों में अकड़न, सीढ़ियां चढ़ने या कुर्सी से उठने में दर्द ऑस्टियोआर्थराइटिस के लक्षण हो सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, बढ़ती उम्र का असर मानकर इन लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। घिसी कार्टिलेज को पूरी तरह प्राकृतिक रूप से ठीक करने का कोई निश्चित उपचार नहीं है। व्यायाम और वजन नियंत्रण से घुटनों का दर्द कम हो सकता है।
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जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज हड्डी रोग विभाग के फहीम अंसारी इस पर दो साल से अध्ययन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि ऑस्टियोआर्थराइटिस में सिर्फ कार्टिलेज ही नहीं बल्कि जोड़ की हड्डियों और आसपास के ऊतकों में भी बदलाव आते हैं। बढ़ती उम्र, मोटापा, पुरानी चोट, फ्रैक्चर और लिगामेंट या मेनिस्कस की क्षति इसका जोखिम बढ़ाती है। एक्सरे में दिखने वाली घिसावट और मरीज के दर्द की गंभीरता हमेशा एक जैसी नहीं होती। शुरुआती और मध्यम अवस्था में कई मरीजों को बिना ऑपरेशन उपचार से राहत मिल सकती है। घुटने और जांघ की मांसपेशियों को मजबूत करने वाले व्यायाम इसमें महत्वपूर्ण हैं। फिजियोथैरेपी और वजन नियंत्रण भी सहायक होते हैं। वजन कम होने से घुटनों पर पड़ने वाला दबाव घटता है। चिकित्सक मरीज की स्थिति देखकर दर्द व सूजन नियंत्रित करने वाली दवाएं भी दे सकते हैं।
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डाॅ. फहीम ने बताया कि पीआरपी से हल्के से मध्यम ऑस्टियोआर्थराइटिस के कुछ मरीजों को लाभ हो सकता है। लेकिन कार्टिलेज के दोबारा बनने के निर्णायक प्रमाण नहीं हैं। हायलूरोनिक एसिड के लाभ को लेकर भी वैज्ञानिक प्रमाण एकसमान नहीं हैं। स्टेम सेल आधारित उपचारों पर अभी शोध जारी है।
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लगातार तेज दर्द, नींद और रोजमर्रा की गतिविधियों के प्रभावित होने पर नी रिप्लेसमेंट पर विचार किया जा सकता है। यह तब होता है जब अन्य उपचारों से पर्याप्त राहत नहीं मिलती। इसका फैसला केवल एक्सरे देखकर नहीं किया जाता है। मरीज की तकलीफ, स्वास्थ्य और कार्यक्षमता के आधार पर ही यह निर्णय लिया जाता है।

घुटना अचानक लाल और गर्म हो जाए। तेजी से सूजन बढ़े या बुखार के साथ तेज दर्द हो तो तुरंत जांच करानी चाहिए। जोड़ों में सूजन या लंबे समय तक सुबह अकड़न रहने पर भी इसे सामान्य घिसावट मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
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