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सियासत: भगवा हुई बोली तो वोटों से भर गई झोली, 2017 में दलबदल कर आए नेता भी बने विधायक

Wed, 01 Dec 2021 01:09 PM IST
शिखा पांडेय पंकज प्रसून, अमर उजाला, कानपुर
पंकज प्रसून, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Wed, 01 Dec 2021 01:09 PM IST
सार

बसपा से भाजपा में आने वाले नेताओं को वर्ष-2017 के विधानसभा चुनाव में जिस तरह जीत हासिल हुई, उसके पीछे दो वजहें बताई जा रही हैं। पहली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभामंडल और दूसरी बसपा का कैडर वोट, जो दल बदलने वाले नेताओं के साथ भाजपा के पाले में चला आया।
 

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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

पल-पल रंग बदलती सियासत में आम माना जाने वाला दलबदल बसपा से भाजपा का दामन थामने वाले नेताओं के लिए खास हो गया है। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र की बात करें तो 11 सीटों पर ऐसे विधायक चुने गए, जिन्होंने चुनाव के समय ही बसपा छोड़कर भाजपा को गले लगाया था।
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अब 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले एक बार फिर वही सिलसिला शुरू हो गया है, भले ही चुनावी हालात पूरे 2017 जैसे न हों। कानपुर नगर और देहात जिले से बसपा के दो नेता मनोज दिवाकर और जगदेव कुरील दो दिन पहले ही भाजपा में शामिल हुए हैं।
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दोनों नेता 15 वर्ष से भी अधिक समय से बसपा की राजनीति में सक्रिय रहे। बसपा में इन दोनों की कार्यकर्ता और फिर पदाधिकारी के रूप में क्षेत्र में अच्छी पहचान रही। इनके भाजपा में आने के बाद लगातार टूट रही बसपा से दूसरे दलों में जाने वालों का सिलसिला शुरू हो गया है। इनमें ज्यादातर भाजपा का दामन थामने के इच्छुक हैं।
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नेताओं के साथ खिसकता रहा वोट
बसपा से भाजपा में आने वाले नेताओं को वर्ष-2017 के विधानसभा चुनाव में जिस तरह जीत हासिल हुई, उसके पीछे दो वजहें बताई जा रही हैं। पहली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभामंडल और दूसरी बसपा का कैडर वोट, जो दल बदलने वाले नेताओं के साथ भाजपा के पाले में चला आया।

जैसे, कानपुर देहात में लंबे समय तक बसपा और सपा का साम्राज्य रहा। यहां की सभी सीटें इन्हीं दो पार्टियों के इर्दगिर्द घूमती रही हैं। वर्तमान में कानपुर देहात की चारों विधानसभा सीटों पर भाजपा के विधायक हैं। यह सभी विधायक 2017 में बसपा से भाजपा में शामिल हुए थे।

कानपुर देहात ही नहीं, कानपुर नगर की भी दो सीटों पर बसपा से भाजपा में शामिल हुए दो नेताओं ने चुनाव जीता। इनमें बिल्हौर विधानसभा सीट से भगवती सागर और किदवईनगर सीट से महेश त्रिवेदी शामिल हैं। किदवईनगर सीट ऐसी रही, जहां से कांग्रेस अजय कपूर ने लगातार कई चुनाव जीतते रहे हैं।

बसपा से भाजपा में आए और बने विधायक
विधायक             विधानसभा सीट

मथुरा पाल            सिकंदरा (कानपुर देहात)
निर्मला संखवार   रसूलाबाद (कानपुर देहात)
प्रतिभा शुक्ला      रनियां (कानपुर देहात)
बीके कटियार     भोगनीपुर (कानपुर देहात)
भगवती सागर      बिल्हौर (कानपुर)
महेश त्रिवेदी         किदवईनगर (कानपुर)
बृजेश प्रजापति    तिंदवारी (बांदा)
प्रकाश द्विवेदी      बांदा सदर
विनय शाक्य         बिधूना (औरैया)
नागेंद्र सिंह            भोजपुर (फर्रुखाबाद)
कैलाश राजपूत    तिर्वा (कन्नौज)
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