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Exclusive: 172 करोड़ खर्च होने के बाद भी काम की नहीं 13 योजनाएं, पढ़ें पूरी खबर
Thu, 15 Sep 2022 01:29 PM IST
शिखा पांडेय
रजत यादव, कानपुर
रजत यादव, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Thu, 15 Sep 2022 01:29 PM IST
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बजट के अभाव में आधी-अधूरी पड़ी है एयरपोर्ट रोड
- फोटो : अमर उजाला
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कानपुर में चल रहीं करोड़ों रुपये की 13 परियोजनाएं दोराहे पर आकर खड़ी हो गई हैं। इन पर 172.49 करोड़ खर्च होने के बाद भी शहरियों को इनका लाभ नहीं मिल पा रहा है। दरअसल, इन्हें करीब 80 करोड़ रुपये की और जरूरत है। शासन को प्रस्ताव भेजे गए लेकिन यहां के लिए बजट का पिटारा नहीं खुला।
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पांच परियोजनाएं तो ऐसी हैं, जिन्हें तीन साल से एक फूटी कौड़ी नहीं मिली। ऐसे में इन पर खर्च हुए करोड़ों रुपयों का कौड़ी का भी मोल नहीं है। इन परियोजनाओं को बजट वर्ष 2020-21 से नहीं मिला है। तब जिले के प्रभारी मंत्री रहे डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने इन योजनाओं के बारे में जानकारी ली थी और बजट दिलाने का आश्वासन भी दिया था।
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इसके बाद भी बजट नहीं मिला। चार वर्ष पहले जिला योजना के तहत 10 करोड़ से अधिक की आठ परियोजनाओं पर 204.21 करोड़ रुपये से काम होने थे। शासन ने केवल 154.55 करोड़ रुपये ही जारी किए। वहीं, पांच करोड़ रुपये से अधिक और 10 करोड़ रुपये से कम की छह परियोजनाओं का काम 46.70 करोड़ रुपये से होना था। शासन से 17.93 करोड़ रुपये ही जारी हुए। वैसे जिले के विकास के लिए प्रत्येक वित्तीय वर्ष में नई परियोजनाएं बनतीं हैं, लेकिन इस बार वित्तीय वर्ष शुरू होने के पांच महीने बाद भी योजना की बैठक तक नहीं हुई।
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10 करोड़ से अधिक की परियोजनाएं
आसरा आवास योजना सजारी : वर्ष 2014 में 51.41 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा गया था। मार्च 2022 तक 45.47 करोड़ रुपये जारी हुए।
एचबीटीयू में भवन निर्माण : वर्ष 2017 में 10.9 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा था, जिसमें 8.72 करोड़ रुपये वर्ष 2019 तक जारी किए गए।
इलेक्ट्रानिक विभाग का भवन : वर्ष 2017 में 12.65 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा था, जिसमें मार्च 2021 तक 8.37 करोड़ रुपये जारी हुए।
सड़क चौड़ीकरण : वर्ष 2017 में 38 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा था, जिसमें सितंबर 2021 तक 34.4 करोड़ रुपये ही जारी हुए।
नवीन चकेरी एयरपोर्ट तक सड़क निर्माण : वर्ष 2019 में 53.24 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा था, जिसमें 39.12 करोड़ रुपये जारी हुए।
चौबेपुर बिठूर मार्ग सुंदरीकरण : वर्ष 2020 को 13.92 करोड़ का प्रस्ताव भेजा था, जिसमें जून 2021 तक 12.88 करोड़ रुपये मिले।
पीएसी के जवानों के लिए बैरक : वर्ष 2020 में 10.76 करोड़ रुपये में से जुलाई 2021 तक 3.59 करोड़ रुपये मिले।
मेडिकल कॉलेज में विद्युत सुरक्षा : वर्ष 2021 में 13.33 करोड़ रुपये में से जुलाई 2021 तक दो करोड़ रुपये ही मिले।
आसरा आवास योजना सजारी : वर्ष 2014 में 51.41 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा गया था। मार्च 2022 तक 45.47 करोड़ रुपये जारी हुए।
एचबीटीयू में भवन निर्माण : वर्ष 2017 में 10.9 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा था, जिसमें 8.72 करोड़ रुपये वर्ष 2019 तक जारी किए गए।
इलेक्ट्रानिक विभाग का भवन : वर्ष 2017 में 12.65 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा था, जिसमें मार्च 2021 तक 8.37 करोड़ रुपये जारी हुए।
सड़क चौड़ीकरण : वर्ष 2017 में 38 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा था, जिसमें सितंबर 2021 तक 34.4 करोड़ रुपये ही जारी हुए।
नवीन चकेरी एयरपोर्ट तक सड़क निर्माण : वर्ष 2019 में 53.24 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा था, जिसमें 39.12 करोड़ रुपये जारी हुए।
चौबेपुर बिठूर मार्ग सुंदरीकरण : वर्ष 2020 को 13.92 करोड़ का प्रस्ताव भेजा था, जिसमें जून 2021 तक 12.88 करोड़ रुपये मिले।
पीएसी के जवानों के लिए बैरक : वर्ष 2020 में 10.76 करोड़ रुपये में से जुलाई 2021 तक 3.59 करोड़ रुपये मिले।
मेडिकल कॉलेज में विद्युत सुरक्षा : वर्ष 2021 में 13.33 करोड़ रुपये में से जुलाई 2021 तक दो करोड़ रुपये ही मिले।
पांच करोड़ से अधिक 10 करोड़ से कम की परियोजनाएं
राजीव आवास योजना : वर्ष 2011 में 6.90 करोड़ रुपये में से सितंबर 2018 तक 4.67 करोड़ रुपये मिले।
आदर्श बाल सुधार गृह : वर्ष 2016 में 9.87 करोड़ रुपये में से मार्च 2017 तक 1.75 करोड़ रुपये जारी हुए।
मकसूदाबाद में स्पोर्ट्स कांप्लेक्स : वर्ष 2019 में 7.78 करोड़ रुपये में से जून 2021 तक 4.5 करोड़ रुपये जारी हुए।
सीएसए में छात्रावास : वर्ष 2019 में 6.78 करोड़ रुपये में से मार्च 2021 तक 2.17 करोड़ रुपये जारी हुए।
साढ़ में थाना निर्माण : वर्ष 2019 में 7.35 करोड़ रुपये में से नवंबर 2019 तक 1.83 करोड़ रुपये जारी हुए।
30 से 40 प्रतिशत ही बजट मिलता
राजीव आवास योजना : वर्ष 2011 में 6.90 करोड़ रुपये में से सितंबर 2018 तक 4.67 करोड़ रुपये मिले।
आदर्श बाल सुधार गृह : वर्ष 2016 में 9.87 करोड़ रुपये में से मार्च 2017 तक 1.75 करोड़ रुपये जारी हुए।
मकसूदाबाद में स्पोर्ट्स कांप्लेक्स : वर्ष 2019 में 7.78 करोड़ रुपये में से जून 2021 तक 4.5 करोड़ रुपये जारी हुए।
सीएसए में छात्रावास : वर्ष 2019 में 6.78 करोड़ रुपये में से मार्च 2021 तक 2.17 करोड़ रुपये जारी हुए।
साढ़ में थाना निर्माण : वर्ष 2019 में 7.35 करोड़ रुपये में से नवंबर 2019 तक 1.83 करोड़ रुपये जारी हुए।
30 से 40 प्रतिशत ही बजट मिलता
हम लोग प्रतिवर्ष शासन को पत्र लिखकर बजट की मांग करते हैं। मुश्किल से 30 से 40 फीसदी ही बजट जारी होता है। कई परियोजनाओं के लिए तीन-चार साल से पैसा ही नहीं मिला है। - चित्रा दुबे, जिला अर्थ एवं सांख्यिकी अधिकारी