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Kanpur News: हर गर्भवती और किशोरी की हो एचपीएलसी जांच
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कानपुर। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की ओर से मंगलवार को थैलीसीमिया की जांच के महत्व पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम में विभागाध्यक्ष डॉ. रेनू गुप्ता ने बताया कि थैलीसीमिया एक आनुवंशिक रक्त रोग है। इससे शरीर में हीमोग्लोबिन सही तरीके से बन नहीं पाता है जिससे बार-बार खून की कमी हो जाती है। रोगी को खून चढ़वाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि हर गर्भवती महिला और किशोरी को थैलीसीमिया के लिए एचपीएलसी जांच करानी चाहिए। हैलट में यह जांच निशुल्क होती है। अगर महिला पीड़ित है तो पति की जांच भी जरूरी है।
डॉ. नीना गुप्ता ने बताया कि अब तक विभाग में 4988 महिलाओं की थैलीसीमिया स्क्रीनिंग की जा चुकी है। यहां पर डॉ. शैली अग्रवाल, डॉ. उरूज, डॉ. फातिमा, डॉ. नीलू आदि रहीं।
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स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम में विभागाध्यक्ष डॉ. रेनू गुप्ता ने बताया कि थैलीसीमिया एक आनुवंशिक रक्त रोग है। इससे शरीर में हीमोग्लोबिन सही तरीके से बन नहीं पाता है जिससे बार-बार खून की कमी हो जाती है। रोगी को खून चढ़वाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि हर गर्भवती महिला और किशोरी को थैलीसीमिया के लिए एचपीएलसी जांच करानी चाहिए। हैलट में यह जांच निशुल्क होती है। अगर महिला पीड़ित है तो पति की जांच भी जरूरी है।
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डॉ. नीना गुप्ता ने बताया कि अब तक विभाग में 4988 महिलाओं की थैलीसीमिया स्क्रीनिंग की जा चुकी है। यहां पर डॉ. शैली अग्रवाल, डॉ. उरूज, डॉ. फातिमा, डॉ. नीलू आदि रहीं।
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