फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Ethanol will be made from non-food products, Professor D. Swain laid emphasis on the production of raw sugar

Kanpur: गैर खाद्य उत्पादों से बनाया जाएगा इथेनॉल, प्रोफेसर डी. स्वेन ने कच्ची चीनी के उत्पादन पर दिया जोर

Tue, 30 Apr 2024 08:09 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Tue, 30 Apr 2024 08:09 PM IST
सार

Kanpur News: एनएसआई में जैव योजना के संसाधनों पर कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इसमें प्रोफेसर स्वेन ने कहा कि चीनी उद्योग को चीनी की मांग-आपूर्ति को संतुलित करने और जैव-आधारित उत्पादों, हरित प्रौद्योगिकियों के लिए एक आशाजनक केंद्र के रूप में उभरने की दिशा में तत्पर रहना होगा।

विज्ञापन
Ethanol will be made from non-food products, Professor D. Swain laid emphasis on the production of raw sugar
एनएसआई के निदेशक प्रोफेसर डी. स्वेन और डॉ. सीमा परोहा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

नेशनल शुगर इंस्टीट्यूट (एनएसआई) में जैव ऊर्जा के लिए संसाधनों की योजना और अनुकूलन विषय पर आयोजित सेमिनार में कहा गया कि गैर खाद्य उत्पादों से भी इथेनॉल बनाया जाए। इससे पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण की योजना का लक्ष्य पूरा होगा। एनएसआई के निदेशक प्रोफेसर डी. स्वेन ने कहा कि चीनी उद्योग से प्राप्त फीड स्टॉक और अनाज का उपयोग करके लक्ष्य की प्राप्ति की जा सकती है।

विज्ञापन

इसके अलावा सफेद चीनी के स्थान पर कच्ची चीनी के उत्पादन पर जोर दिया गया। यह सेहत के लिए भी अच्छी है और किफायती होती है। एनएसआई में कार्यक्रम का आयोजन एशियन एसोसिएशन ऑफ शुगरकेन टेक्नोलॉजिस्ट और स्प्रे इंजीनियरिंग डिवाइसेज के सहयोग से किया गया। निदेशक प्रोफेसर स्वेन ने दीप जलाकर कार्यक्रम की शुरुआत की।
विज्ञापन

प्रोफेसर स्वेन ने कहा कि चीनी उद्योग को चीनी की मांग-आपूर्ति को संतुलित करने और जैव-आधारित उत्पादों, हरित प्रौद्योगिकियों के लिए एक आशाजनक केंद्र के रूप में उभरने की दिशा में तत्पर रहना होगा। वसंतदादा शुगर इंस्टीट्यूट के महानिदेशक संभाजी के. पाटिल ने कहा कि चीनी उद्योग भविष्य के लिए ईंधन ग्रीन हाइड्रोजन का एक अच्छा संभावित स्रोत हो सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

राजस्व को बढ़ाने में साबित हो सकती है वरदान
प्रोफेसर एवं जैव रसायन विभागाध्यक्ष डॉ. सीमा परोहा ने कहा कि बॉयो-गैस/सीबीजी के उत्पादन के लिए फिल्टर केक का उपयोग जैव-ऊर्जा और चीनी कारखानों के राजस्व को बढ़ाने में एक वरदान साबित हो सकती है। यह समय की मांग भी है। इस मौके पर एशियन एसोसिएशन ऑफ शुगर केन टेक्नोलॉजिस्ट के अध्यक्ष केपी सिंह, स्प्रे इंजीनियरिंग डिवाइसेज के एमडी विवेक वर्मा, पीकेएन सिंह, एसके त्रिवेदी, अशोक गर्ग आदि मौजूद रहे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed