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इटावा आरटीओ कार्यालय में हुए भ्रष्टाचार मामले में आया नया मोड़, फिर फंसे एआरटीओ

Thu, 21 Feb 2019 10:10 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Thu, 21 Feb 2019 10:10 PM IST
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etawah rto office corruption case take a new turn
डेमो
इटावा एआरटीओ कार्यालय में 11 माह पहले हुए भ्रष्टाचार के मामले में एक और नया तथ्य सामने आया है। बुधवार को नारायण कॉलेज ऑफ साइंस एवं आर्ट्स की बसों के फिटनेस के नाम पर धनराशि लेने और ब्योरा अभिलेख में दर्ज नहीं करने पर तत्कालीन एआरटीओ हिमांशु जैन सहित तीन लोगों के खिलाफ सिविल लाइन थाने में मामला दर्ज हुआ है। यह रिपोर्ट के आदेश से कॉलेज प्रबंधन ने दर्ज कराई है। 
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11 माह पहले एआरटीओ कार्यालय में अवकाश के दिन कार्य होने पर तत्कालीन एसएसपी वैभव कृष्ण ने छापा डलवाया था। वहां पर एक प्राइवेट व्यक्ति कार्य करता हुआ मिला। इसकी पहचान प्रदीप गुप्ता उर्फ गुड्डा के रूप में हुई। पड़ताल में यह भी सामने आया कि उस समय एआरटीओ कार्यालय में प्रदीप की बहुत धाक थी। सभी कार्य प्रदीप करता था।
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इस मामले में एक महिला बेबी का भी नाम सामने आया

यहां तक वाहनों की फिटनेश आदि कार्यों का धन जमा कर रसीद भी खुद ही जारी करता था। बाद में इसी मामले में तत्कालीन एआरटीओ प्रशासन हिमांशु जैन व एआरटीओ प्रवर्तन मोहम्मद अजीम को गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में एक महिला बेबी का भी नाम सामने आया था। जिसे पुलिस आजतक पकड़ नहीं पाई है।

एआरटीओ कार्यालय में भ्रष्टाचार का भंडाफोड़ होने पर जब नए अफसर व क्लर्क आए तो तमाम वाहनों के फिटनेश, रजिस्ट्रेशन आदि की धनराशि का ब्योरा राजस्व अभिलेखों में नहीं पाया गया। जांच की गई तो पता चला कि वाहन स्वामियों ने धनराशि जमा की। इसकी रसीदें भी उनके पास हैं, जो उन्होंने उपलब्ध कराईं।  

धोखाधड़ी नारायण कालेज साइंस एंड आर्ट्स के निदेशक के साथ हुई

इसी तरह की धोखाधड़ी नारायण कालेज साइंस एंड आर्ट्स के निदेशक के साथ हुई। कालेज की बसों की फिटनेश आदि की करीब ढाई लाख रुपये की धनराशि की रसीद तो कालेज निदेशक को मिली, परंतु ब्योरा अभिलेखों में दर्ज नहीं था। इस पर कॉलेज के निदेशक हरिकिशोर तिवारी पुत्र सुमित नारायण ने पुलिस से गुहार लगाई।

सुनवाई नहीं होने पर कोर्ट का सहारा लिया। बुधवार को कोर्ट के आदेश पर तत्कालीन एआरटीओ प्रशासन हिमांशु जैन, प्रदीप और बेबी के खिलाफ सिविल लाइन थाने में मामला दर्ज हुआ है। यात्री कर अधिकारी एके जैसल ने बताया कि इस मामले के आरोपी सभी लोगों की जमानत हो चुकी है। हिमांशु जैन और मोहम्मद अजीम लखनऊ मुख्यालय से अटैच हैं। 
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