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Etawah: सफारी में बनी मजार को हटाने का आदेश, वन विभाग कोर्ट ने दिया बेदखली का आदेश; सबूत नहीं दिखा पाए पक्षकार

Sat, 18 Apr 2026 09:40 AM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इटावा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इटावा Published by: Himanshu Awasthi Updated Sat, 18 Apr 2026 09:40 AM IST
सार

Etawah News: इटावा के फिशर वन में अवैध रूप से बनी सैयद बाबा की मजार को वन विभाग कोर्ट ने हटाने का आदेश दिया है, क्योंकि पक्षकार भूमि के स्वामित्व के साक्ष्य नहीं दे सके।

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Etawah Order Issued to Remove Shrine Located Within Safari Forest Department Court Directs Eviction
फिशर वन क्षेत्र में बनी दरगाह - फोटो : Amar ujala

विस्तार

इटावा जिले में वन विभाग ने सफारी के पास फिशर वन में बनी सैयद बाबा की मजार के स्वामित्व को लेकर पर्याप्त साक्ष्य न दे पाने पर उसे हटाने के आदेश दिए हैं। वन विभाग ने इसकी रिपोर्ट जिलाधिकारी व एसएसपी को भेज दी है। अब जिला प्रशासन इस मामले में आगे की कार्रवाई करेगा। सफारी सड़क से लगभग एक किलोमीटर अंदर फिशर वन क्षेत्र में यह मजार बनी है।

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संरक्षित वन भूमि पर बनी मजार पर स्वामित्व को लेकर प्राधिकृत अधिकारी वन विभाग कोर्ट में सुनवाई हुई। इसमें वन विभाग कोर्ट ने पक्षकारों को भूमि संबंधी अभिलेख व कागजात प्रस्तुत करने के लिए 28 मार्च तक का मौका दिया था। सुनवाई में देखरेख करने वाले फजले इलाही और उनके अधिवक्ता कोर्ट में मजार के स्वामित्व को लेकर पर्याप्त सुबूत व साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सके।

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लोग बीहड़ वाले सैयद बाबा की मजार कहते हैं
वन विभाग की ओर से वादी बने वन दरोगा अशोक शर्मा का दावा है कि डीएफओ कोर्ट में दरगाह पक्ष के लोग कोई भी पुख्ता दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके हैं। बता दें कि सफारी सड़क से लगभग एक किलोमीटर अंदर जंगल में एक मजार बनी है। इसे लोग बीहड़ वाले सैयद बाबा की मजार कहते हैं। एक शिकायत पर वन विभाग की टीम ने इस मजार के अस्तित्व की जांच की थी।

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कोर्ट की ओर से बेदखली के आदेश
वन विभाग के रिकॉर्ड में कोई भी दरगाह का जिक्र नहीं मिला था। मजार को 0.0281 हेक्टेयर वन भूमि पर अवैध बताकर नोटिस जारी किया गया था। क्षेत्रीय वन अधिकारी व इस मामले की पैरवी कर रहे अशोक शर्मा ने बताया कि दूसरे पक्ष को सुबूत पेश के लिए पर्याप्त समय दिया गया, लेकिन वह दे नहीं सके। इसके लिए कोर्ट की ओर से बेदखली के आदेश हुए हैं। इसकी रिपोर्ट जिलाधिकारी व एसएसपी को भेज दी गई है। आगे की कार्रवाई जिला प्रशासन की ओर से की जाएगी।

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