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Etawah: इटावा लायन सफारी में बब्बर शेरनी सोना के चौथे शावक की मौत, पेट फूलने व सांस लेने में आ रही थी समस्या

Thu, 13 Jul 2023 09:57 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इटावा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इटावा Published by: शिखा पांडेय Updated Thu, 13 Jul 2023 09:57 PM IST
सार

Etawah News: इटावा में लायन सफारी पार्क में गुरुवार को शेरनी सोना के एक और शावक की मौत हो गई। इससे पहले तीन शावक दम तोड़ चुके हैं।

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Etawah: Lioness Sona fourth cub died in Etawah Lion Safari
इटावा लायन सफारी - फोटो : amar ujala

विस्तार

इटावा सफारी पार्क में बब्बर शेरनी सोना के शावकों की मौत का सिलसिला रुक नहीं रहा है। तीन शावकों की मौत होने के बाद चौथे शावक ने भी गुरुवार को दम तोड़ दिया। इससे सफारी प्रशासन में खलबली मची है। सफारी पार्क की शेरनी सोना ने छह जुलाई को दोपहर लगभग डेढ़ बजे शेरनी सोना ने एक शावक को जन्म दिया था। वह शावक स्वस्थ है। करीब 77 घंटे बाद नौ जुलाई को शेरनी ने तीन और शावकों को जन्म दिया था।

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इनमें से एक सुरक्षित था, जबकि 10 जुलाई को एक और मृत शावक पैदा हुआ था। सफारी प्रशासन की ओर से दो शावकों के स्वस्थ होने का बुधवार तक दावा किया जा रहा था। इस बीच गुरुवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे नौ जुलाई को जन्मे शावक की तबियत बिगड़ गई। पार्क के पशु चिकित्सकों की टीम के परीक्षण करने पर पाया गया कि उसके पेट फूलने एवं सांस लेने में समस्या आ रही थी। इलाज के दौरान ही अचानक 11:55 बजे शावक ने दम तोड़ दिया।

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प्रथम दृष्टया मृत शरीर के परीक्षण पर सांस रुकने के कारण ही मौत होना पाया गया। शावक के मृत शरीर के पोस्टमार्टम के उपरांत ही मृत्यु के वास्तविक कारणों का पता लग सकेगा। तीन शावकों को इटावा में पोस्टमार्टम कराने के बाद सवाल उठने पर इस शावक के शव को पोस्टमार्टम के लिए आईवीआरआई बरेली भेजा गया है। सूत्रों के अनुसार, पांचवें शावक के दूध न पीने से अभी अस्थिर है। हालांकि सफारी प्रशासन उसके और शेरनी के स्वस्थ होने का दावा कर रहा है।

पहली बार किसी शेरनी ने 100 घंटे में जन्मे पांच शावक
सफारी प्रबंधन के अनुसार भारतीय बब्बर शेरनी में प्रथम प्रसव के दौरान लगभग 100 घंटे में पांच शावकों का जन्म लेना दुर्लभ घटना है। गुजरात के विशेषज्ञों से हुई वार्ता में भी यह स्पष्ट हुआ है कि भारतीय बब्बर शेरों में प्रथम प्रसव के दौरान जन्मे शावकों का बच पाना लगभग संभव नहीं हो पाता है। बड़े लिटर साइज में यह संभावना और भी कम हो जाती है। बब्बर शेरनी सोना के छह जुलाई को जन्मे प्रथम शावक को सफारी के नियोनेटल सेंटर में वन्यजीव चिकित्सकों की सघन निगरानी में रखा गया है।
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