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Etawah News: यूपी बोर्ड परीक्षा फाॅर्म में भी अपार आईडी जरूरी
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इटावा। माध्यमिक शिक्षा विभाग के सभी मान्यता प्राप्त विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए अपार आईडी बनवाना अनिवार्य कर दिया गया है। शासन के नए निर्देशों के तहत अब यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा के ऑनलाइन आवेदन पत्र भरने के साथ ही कक्षा नौ और 11 के पंजीकरण में भी अपार आईडी नंबर दर्ज करना जरूरी होगा। विभाग ने सभी विद्यालयों को निर्धारित समय सीमा के भीतर शत-प्रतिशत विद्यार्थियों की अपार आईडी बनाने के निर्देश दिए हैं।
जिले में वर्तमान में 283 माध्यमिक विद्यालयों में कक्षा नौ और 11 के विद्यार्थियों का पंजीकरण चल रहा है। इसके साथ ही हाईस्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा के ऑनलाइन फॉर्म भी भरे जा रहे हैं। अब इन सभी आवेदनों में विद्यार्थियों की अपार आईडी दर्ज करनी होगी। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, नई व्यवस्था लागू होने के बाद विद्यार्थियों का पूरा शैक्षणिक रिकॉर्ड एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध रहेगा। अपार आईडी के माध्यम से छात्र-छात्राओं के अंकपत्र और प्रमाणपत्र भी सीधे उनके डिजी लॉकर से जोड़े जाएंगे। इससे शैक्षणिक दस्तावेजों के फर्जीवाड़े और उनके खोने की समस्या पर काफी हद तक रोक लगने की उम्मीद है। अपार आईडी प्राथमिक स्तर से लेकर उच्च शिक्षा तक प्रत्येक विद्यार्थी की स्थायी डिजिटल पहचान के रूप में काम करेगी।
इस डिजिटल रिकॉर्ड में विद्यार्थी का नाम, माता-पिता का नाम, जन्मतिथि, परीक्षा परिणाम, खेलकूद की उपलब्धियां और क्रेडिट स्कोर समेत अन्य शैक्षणिक जानकारियां दर्ज रहेंगी। छात्र के विद्यालय बदलने या दूसरे राज्य में पढ़ाई के लिए जाने पर टीसी और अन्य दस्तावेजों के सत्यापन की लंबी प्रक्रिया से भी राहत मिल सकेगी। अपार आईडी का निर्माण विद्यार्थी के आधार नंबर के माध्यम से यूडीआईएस पोर्टल पर किया जा रहा है।
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सभी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को समय सीमा के अंदर विद्यार्थियों की अपार आईडी बनाने के निर्देश दिए गए हैं। जिन विद्यार्थियों की अपार आईडी नहीं बनेगी, उसकी समीक्षा की जाएगी। किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
अतुल कुमार सिंह, डीआईओएस
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जिले में वर्तमान में 283 माध्यमिक विद्यालयों में कक्षा नौ और 11 के विद्यार्थियों का पंजीकरण चल रहा है। इसके साथ ही हाईस्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा के ऑनलाइन फॉर्म भी भरे जा रहे हैं। अब इन सभी आवेदनों में विद्यार्थियों की अपार आईडी दर्ज करनी होगी। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, नई व्यवस्था लागू होने के बाद विद्यार्थियों का पूरा शैक्षणिक रिकॉर्ड एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध रहेगा। अपार आईडी के माध्यम से छात्र-छात्राओं के अंकपत्र और प्रमाणपत्र भी सीधे उनके डिजी लॉकर से जोड़े जाएंगे। इससे शैक्षणिक दस्तावेजों के फर्जीवाड़े और उनके खोने की समस्या पर काफी हद तक रोक लगने की उम्मीद है। अपार आईडी प्राथमिक स्तर से लेकर उच्च शिक्षा तक प्रत्येक विद्यार्थी की स्थायी डिजिटल पहचान के रूप में काम करेगी।
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इस डिजिटल रिकॉर्ड में विद्यार्थी का नाम, माता-पिता का नाम, जन्मतिथि, परीक्षा परिणाम, खेलकूद की उपलब्धियां और क्रेडिट स्कोर समेत अन्य शैक्षणिक जानकारियां दर्ज रहेंगी। छात्र के विद्यालय बदलने या दूसरे राज्य में पढ़ाई के लिए जाने पर टीसी और अन्य दस्तावेजों के सत्यापन की लंबी प्रक्रिया से भी राहत मिल सकेगी। अपार आईडी का निर्माण विद्यार्थी के आधार नंबर के माध्यम से यूडीआईएस पोर्टल पर किया जा रहा है।
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सभी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को समय सीमा के अंदर विद्यार्थियों की अपार आईडी बनाने के निर्देश दिए गए हैं। जिन विद्यार्थियों की अपार आईडी नहीं बनेगी, उसकी समीक्षा की जाएगी। किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
अतुल कुमार सिंह, डीआईओएस