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यूपी: लाशें बिछा हासिल की हाइवे किनारे करोड़ों की जमीन, जेल से करवा दी प्लाटिंग, मिली फांसी की सजा
Fri, 22 May 2020 12:10 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
विवेक दुबे, अमर उजाला, इटावा
विवेक दुबे, अमर उजाला, इटावा
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 22 May 2020 12:10 AM IST
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इसी मन में हुई थी हत्या
- फोटो : amar ujala
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उत्तर प्रदेश में इटावा जिले के इकदिल पिलखर के रामप्रकाश उर्फ टिल्लू को भले ही फांसी की सजा सुना दी गई, लेकिन उसने वह जमीन हासिल कर ली जिसके लिए भाई और उसके पूरे परिवार को मौत के घाट उतारा था। जेल में रहने के दौरान वरासत जमीन अपने नाम दर्ज कराई फिर पत्नी के नाम सेल टू एग्रीमेंट कर हाईवे किनारे की पूरी जमीन बेच डाली।
पिलखर गांव के रामसनेही यादव के दो बेटे सुरेश चंद्र यादव और रामप्रताप उर्फ टिल्लू के अलावा पांच बेटियां सुनीता, अनीता, ताराना, हरप्यारी और रामधकेली हैं। सभी बेटियों और बेटों की रामसनेही ने शादी कर दी थी। उनके नाम नाम इटावा-कानपुर हाईवे पर किनारे 36 बीघा जमीन थी। पिता की मौत के बाद सुरेश और रामप्रताप उर्फ टिल्लू के नाम वरासतन 18-18 बीघा जमीन दर्ज हो गई।
हाईवे किनारे होने के कारण जमीन की कीमत करोड़ों में थी। ग्रामीणों के अनुसार रामप्रताप नशे और जुआ खेलने का लती था। इसी लत में उसने अपने हिस्से की 18 बीघा जमीन बेच दी थी। उसने नजर बड़े भाई सुरेश की जमीन पर थी। सुरेश अपने हिस्से की जमीन पर खेतीबाड़ी करते थे। जमीन हासिल करने के लिए ही रामप्रताप ने 27 मई 2012 में भाई, भाभी, तीन भतीजी और इकलौते भतीजे की हत्या कर दी।
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पिलखर गांव के रामसनेही यादव के दो बेटे सुरेश चंद्र यादव और रामप्रताप उर्फ टिल्लू के अलावा पांच बेटियां सुनीता, अनीता, ताराना, हरप्यारी और रामधकेली हैं। सभी बेटियों और बेटों की रामसनेही ने शादी कर दी थी। उनके नाम नाम इटावा-कानपुर हाईवे पर किनारे 36 बीघा जमीन थी। पिता की मौत के बाद सुरेश और रामप्रताप उर्फ टिल्लू के नाम वरासतन 18-18 बीघा जमीन दर्ज हो गई।
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हाईवे किनारे होने के कारण जमीन की कीमत करोड़ों में थी। ग्रामीणों के अनुसार रामप्रताप नशे और जुआ खेलने का लती था। इसी लत में उसने अपने हिस्से की 18 बीघा जमीन बेच दी थी। उसने नजर बड़े भाई सुरेश की जमीन पर थी। सुरेश अपने हिस्से की जमीन पर खेतीबाड़ी करते थे। जमीन हासिल करने के लिए ही रामप्रताप ने 27 मई 2012 में भाई, भाभी, तीन भतीजी और इकलौते भतीजे की हत्या कर दी।
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आरोपी को सजा के बाद गांव के लाेगों में खुशी
- फोटो : amar ujala
इसके बाद वह जेल चला गया। भाई व उसके परिवार की हत्या के बाद टिल्लू के परिवार ने भी गांव छोड़ दिया। सुरेश के परिवार में कोई भी व्यक्ति नहीं बचा, उसकी साढ़े सोलह बीघा जमीन रामप्रताप और डेढ़ बीघा रामप्रताप की बेटी के नाम वासतन दर्ज हो गई।
जेल में रहते टिल्लू ने अपने नाम दर्ज हुई जमीन का सेल टू एग्रीमेंट अपनी पत्नी के नाम कर दिया। इसके बाद टिल्लू की पत्नी से थोड़ी-थोड़ी करके पति और बेटी की नाम दर्ज रही सारी जमीन प्लाटिंग कर दी। इस समय उस जमीन पर मकान खड़े हैं। बहनों और किसी रिश्तेदार ने टिल्लू की इस करतूत को चुनौती नहीं दी, इससे जेल में रहते हुए भी उसने हत्या के बाद भी जमीन हासिल कर ली।
तय हो गई थी सुरेश के बेटे की शादी
टिल्लू अपने भतीजे की शादी तय होने से भी नाराज था। यह बात सुरेश के साले होमसिंह ने दर्ज कराई रिपोर्ट में कही थी। तहरीर में होमसिंह ने बताया था कि सुरेश ने अपने बेटे अवनीश की शादी तय कर दी थी। 15 जून 2012 को शादी होनी थी। टिल्लू सुरेश की जमीन हड़पना चाहता था इससे भतीजे की शादी से पहले उसने पूरा परिवार खत्म कर दिया।
जेल में रहते टिल्लू ने अपने नाम दर्ज हुई जमीन का सेल टू एग्रीमेंट अपनी पत्नी के नाम कर दिया। इसके बाद टिल्लू की पत्नी से थोड़ी-थोड़ी करके पति और बेटी की नाम दर्ज रही सारी जमीन प्लाटिंग कर दी। इस समय उस जमीन पर मकान खड़े हैं। बहनों और किसी रिश्तेदार ने टिल्लू की इस करतूत को चुनौती नहीं दी, इससे जेल में रहते हुए भी उसने हत्या के बाद भी जमीन हासिल कर ली।
तय हो गई थी सुरेश के बेटे की शादी
टिल्लू अपने भतीजे की शादी तय होने से भी नाराज था। यह बात सुरेश के साले होमसिंह ने दर्ज कराई रिपोर्ट में कही थी। तहरीर में होमसिंह ने बताया था कि सुरेश ने अपने बेटे अवनीश की शादी तय कर दी थी। 15 जून 2012 को शादी होनी थी। टिल्लू सुरेश की जमीन हड़पना चाहता था इससे भतीजे की शादी से पहले उसने पूरा परिवार खत्म कर दिया।