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एपीफैनी मामला : 22 लोगों की गवाही पर 1200 पेज की चार्जशीट दाखिल
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कानपुर। कर्नलगंज पुलिस ने एपीफैनी कंपाउंड स्थित नजूल की जमीन विवाद के मामले में दूसरी चार्जशीट दाखिल कर दी है। करीब 1200 पेज की चार्जशीट में 22 लोगों की गवाही और अन्य दस्तावेजों को आधार बनाया गया है। यह एफआईआर अधिवक्ता धीरेंद्र कुमार सिंह की तहरीर पर 11 जनवरी 2025 में दर्ज हुई थी जिसमें आठ आरोपी नामजद थे।
कर्नलगंज पुलिस इंस्पेक्टर विनीत कुमार ने बताया कि अधिवक्ता की तहरीर पर मो. रईस, मो. सलीम, मो. रफीक, अनिल कुमार, अर्पित मिश्रा, अनिल साइलस, दीपक कुमार और दुर्योधन प्रसाद के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई थी। आरोप थे कि इन लोगों ने एलडीटीए के अधिकृत अधिवक्ता होने के नाते कंपनी की संपत्ति को निजी स्वार्थ के लिए मनमाने ढंग से बांटा था।
आरोपियों ने इंडियन चर्च ट्रस्टीज के नाम से मिलती-जुलती संस्था बना 100 रुपये के स्टांप पर जमीन हस्तांतरित कर दी थी। पुलिस ने मामले में 22 लोगों की गवाही कराई जिसमें अधिकतर आरोप सही मिलने पर चार्जशीट दाखिल की गई है। इससे पहले लेखपाल की तहरीर वाले मामले में चार्जशीट दाखिल की गई थी। उसकी विवेचना में पूर्व मंत्री शिवकुमार बेरिया का भी नाम आया था।
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कर्नलगंज पुलिस इंस्पेक्टर विनीत कुमार ने बताया कि अधिवक्ता की तहरीर पर मो. रईस, मो. सलीम, मो. रफीक, अनिल कुमार, अर्पित मिश्रा, अनिल साइलस, दीपक कुमार और दुर्योधन प्रसाद के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई थी। आरोप थे कि इन लोगों ने एलडीटीए के अधिकृत अधिवक्ता होने के नाते कंपनी की संपत्ति को निजी स्वार्थ के लिए मनमाने ढंग से बांटा था।
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आरोपियों ने इंडियन चर्च ट्रस्टीज के नाम से मिलती-जुलती संस्था बना 100 रुपये के स्टांप पर जमीन हस्तांतरित कर दी थी। पुलिस ने मामले में 22 लोगों की गवाही कराई जिसमें अधिकतर आरोप सही मिलने पर चार्जशीट दाखिल की गई है। इससे पहले लेखपाल की तहरीर वाले मामले में चार्जशीट दाखिल की गई थी। उसकी विवेचना में पूर्व मंत्री शिवकुमार बेरिया का भी नाम आया था।
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