{"_id":"dd3840bffb1fb36d10b1b10835619a16","slug":"enhanced-heat-in-kanpur-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पारा फिर 40 के पार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पारा फिर 40 के पार
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
Updated Mon, 04 May 2015 01:39 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रविवार को दिन का पारा 40.2 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। वहीं, यूपी में बांदा और इसके आसपास इलाके में हुई ओलावृष्टि और बारिश की वजह से रात का तापमान लुढ़क कर 19.8 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया।
मौसम विज्ञानियों की मानंे तो रात का तापमान एकाएक कम होना और दिन व रात के तापमान में दोगुने का अंतर मौसम के लिहाज से सही नहीं है। यह मौसम में कभी भी बड़ा परिवर्तन ला सकता है।
चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम विज्ञानी डॉ. सीबी सिंह ने बताया कि फिलहाल आंधी और बारिश की संभावना नहीं है।
पर, दिन और रात के तापमान में उतार चढ़ाव बना रहेगा। रविवार को अधिकतम तापमान 38.6 से 40.2 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया वहीं न्यूनतम पारा 22.0 से 2.2 डिग्री सेल्सियस लुढ़क गया।
विज्ञापन
डॉ. सिंह ने बताया कि दिन रात के तापमान में दूने का अंतर होना मौसम के लिहाज से ठीक नहीं है। कभी बारिश तो कभी तेज गर्मी से इनकार नहीं किया जा सकता है।
मई माह में पिछले कई सालों में रात का पारा इतना कम नहीं रहा। डॉ. सिंह की माने तो मौसम में उतार-चढ़ाव आने वाले मानसून के लिए भी खतरनाक है।
विज्ञापन
मौसम विज्ञानियों की मानंे तो रात का तापमान एकाएक कम होना और दिन व रात के तापमान में दोगुने का अंतर मौसम के लिहाज से सही नहीं है। यह मौसम में कभी भी बड़ा परिवर्तन ला सकता है।
विज्ञापन
चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम विज्ञानी डॉ. सीबी सिंह ने बताया कि फिलहाल आंधी और बारिश की संभावना नहीं है।
पर, दिन और रात के तापमान में उतार चढ़ाव बना रहेगा। रविवार को अधिकतम तापमान 38.6 से 40.2 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया वहीं न्यूनतम पारा 22.0 से 2.2 डिग्री सेल्सियस लुढ़क गया।
विज्ञापन
डॉ. सिंह ने बताया कि दिन रात के तापमान में दूने का अंतर होना मौसम के लिहाज से ठीक नहीं है। कभी बारिश तो कभी तेज गर्मी से इनकार नहीं किया जा सकता है।
मई माह में पिछले कई सालों में रात का पारा इतना कम नहीं रहा। डॉ. सिंह की माने तो मौसम में उतार-चढ़ाव आने वाले मानसून के लिए भी खतरनाक है।