शत्रु संपत्ति मामला: आकलन करने पहुंची टीम को नहीं मिला फ्लैट, अभिरक्षक कार्यालय ने मांगे फ्लैट के दस्तावेज, फिर तलाशेगी टीम
सिविल लाइंस की शत्रु संपत्ति का आकलन करने पहुंची टीम को फ्लैट ही नहीं मिला। बता दें कि गोकुल अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 602 को शत्रु संपत्ति माना जा रहा है।
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कानपुर में शत्रु संपत्तियों के मूल्यांकन के बीच डीएम आवास के सामने एक शत्रु संपत्ति को लेकर पेंच फंस गया है। मूल्यांकन कर रही तहसील, पीडब्ल्यूडी और रजिस्ट्री कार्यालय की संयुक्त टीम ने सिविल लाइंस के गोकुल अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 602 नहीं मिलने की जानकारी दी है, लेकिन शत्रु संपत्ति के अभिरक्षक कार्यालय के अनुसार अपार्टमेंट का यह फ्लैट पाकिस्तानी नागरिक हुमायूं नजर का है। उसके पाकिस्तान जाने की वजह से बंद है। टीम को यह फ्लैट वहां नहीं दिखा है।
हालांकि प्रशासन इस फ्लैट की तलाश के लिए दोबारा टीम भेजने पर विचार कर रहा है। शत्रु संपत्ति के अभिरक्षक कार्यालय ने फ्लैट से संबंधित दस्तावेज प्रभारी अधिकारी शत्रु संपत्ति से मांगे हैं। बता दें, अब तक हुए मूल्यांकन में चार शत्रु संपत्तियां एक करोड़ से कम कीमत की रही हैं जबकि पांच संपत्तियों की कीमत एक करोड़ से ज्यादा की है। एक करोड़ से कम वाली संपत्तियों में घाटमपुर के दो प्लॉट के अलावा ग्वालटोली में एक घर शामिल है।
इसके अलावा गोकुल अपार्टमेंट में न मिलने वाले फ्लैट नंबर 602 के भी एक करोड़ से कम होने का अनुमान है। वहीं, हीरामन का पुरवा व पायनियर टेनरी की तीन और ग्वालटोली की दो संपत्तियों की कीमत एक करोड़ से ज्यादा की आंकी गई है।
सुनवाई को बचे सिर्फ दो दिन
तीन संभावित शत्रु संपत्तियों के कब्जाधारकाें का पक्ष सुनने के लिए की जा रही सुनवाई के चौथे दिन सिर्फ एक कब्जाधारक अपना पक्ष रखने पहुंचा। उसने भी संपत्ति को भारतीय नागरिक से खरीदने व शत्रु संपत्ति न होने की दलील दी। फिलहाल अब तक की सुनवाई में 10 लोग ही अपना पक्ष रख चुके हैं। अब सुनवाई के लिए दो दिन बचे हैं, 12 लोगों को बुलाया गया है।