35 परिवारों ने छोड़ा काकोमी बंगला, 3 दिन में एल्गिन मिल की संपत्तियों को खाली करने का आदेश
एडीएम सिटी ने बताया कि हाईकोर्ट ने प्रशासन को पांच दिसंबर तक का समय दिया है। सभी 14 परिसरों में अवैध रूप से रहने वाले लोगों को लिक्विडेटर की तरफ से पहले ही नोटिस दिए जा चुके हैं। एसीएम 1 राजपति वर्मा, एसीएम 4 रिजवाना शाहिद और एसीएम 5 प्रेम नारायण सिंह अपने क्षेत्र में आ रही परिसंपत्तियों के अवैध कब्जेदारों से मिलकर परिसर खाली करने की चेतावनी दे चुके हैं।
तहसील की टीमें इन परिसरों में रहने वाले अवैध कब्जेदारों को चिह्नित कर रहे हैं। 27 नवंबर तक परिसर खाली न करने पर फोर्स की मदद से अवैध कब्जेदारों को निकाला जाएगा। इसलिए सभी अवैध कब्जेदार समय सीमा में अपनी इच्छा से परिसर खाली कर दें।
- काकोमी बंगला बंसती नगर जूही-36431 वर्ग मीटर
- मिड डे पार्वती बांगला रोड-5110 वर्ग मीटर
- द रेस्ट तिलक नगर-2110 वर्ग मीटर
- मैक्सवेल सेटलमेंट-9075 वर्ग मीटर
- मूरोक सिविल लाइंस-6998 वर्ग मीटर
- एल्गिन नंबर वन पार्वती बांगला रोड-130080 वर्ग मीटर
- एल्गिन गेस्ट हाउस पार्वती बांगला रोड-5545 वर्ग मीटर
- आशियाना नवाबगंज रोड-2961 वर्ग मीटर
- कैनिल वर्थ नवाबगंज रोड-3833 वर्ग मीटर
- इन्वर्नेस खलासी लाइन-3751 वर्ग मीटर
- विध्यांचल खलासी लाइन-3751 वर्ग मीटर
- एल्गिन मिल दो कोपरगंज-93765 वर्ग मीटर
- एवर्सली खलासी लाइन-2155 वर्ग मीटर
- डेल खलासी लाइन-3131 वर्ग मीटर
35 परिवारों ने छोड़ा काकोमी बंगला, अन्य का सर्वे जारी
एल्गिन मिल और कानपुर टेक्सटाइल की संपत्तियों को अवैध कब्जेदार खाली करने लगे हैं। कानपुर टेक्सटाइल का जूही स्थित काकोमी बंगला 35 परिवारों ने छोड़ दिया। यहां 70 अवैध कब्जेदार सर्वे में मिले थे। एसीएम 1 राजपति वर्मा ने बताया कि काकोमी बंगले से 35 अवैध कब्जेदार खड़खड़ा, रिक्शा में अपना सामान भरकर जा चुके हैं। यहां ज्यादातर कबाड़ बीनने और अन्य छोटे-मोटे काम करने वाले लोग थे। एक चाय और पंचर की दुकान है। इनसे भी अपना सामान बटोरने को कहा गया है।
नायब तहसीलदार अमर सिंह ने बताया कि कोपरगंज स्थित शुगर मिल कंपाउंड में मिल पहले ही बंद हो चुकी है। यहां पर 53 परिवार कब्जेदार मिले। कोपरगंज में बंगला कंपाउंड खाली मिला। कानूनगो धीरज त्रिपाठी ने बताया कि एल्गिन मिल-एक पार्वती बांगला रोड में दाएं तरफ 102 आवास, 32 सर्वेंट क्वार्टर, लोअर कपाउंड में 14 मकान बने हैं। एल्गिन मिल के पीछे 13 क्वार्टर हैं। गंगा से एल्गिन मिल तक 66 झोपड़ियां भी हैं।
इनमें अवैध कब्जेदारों को चिह्नित करने के लिए रविवार को भी सर्वे किया जाएगा। इस परिसर में ज्यादातर वह लोग मिले जो पहले एल्गिन मिल में ही काम करते थे। इन लोगों की कुछ राशि बकाया भी है। तब एल्गिन मिल में अवैध रूप से बसे लोगों का ब्योरा आएगा।