कानपुर में बिजली चोरी: 1.61 लाख कनेक्शन...सौ यूनिट भी खपत नहीं, मीटर शंट कर या रीडिंग स्टोर कर गड़बड़ी की आशंका
Kanpur News: यूं तो ऐसे सभी 1.61 लाख मीटरों की जांच की जा रही है, लेकिन महीने में सिर्फ 50 यूनिट तक की बिजली खपत दिखाने वाले कनेक्शन अधिक संदिग्ध हैं। 50 यूनिट या उससे कम का खर्च दिखाने वाले 67 हजार कनेक्शन चिन्हित किए गए हैं।
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कानपुर शहर के 1.61 लाख मीटर कनेक्शन शक के दायरे में आ गए है। इसकी वजह इनमें बिजली खपत का बहुत कम पाया जाना है। इन मीटरों की जांच शुरू कर दी गई है। पता लगाया जा रहा है कि बिजली की खपत इतनी कम होने के पीछे कोई वाजिब वजह है या बिजली चोरी की जा रही है।
फहीमाबाद में प्रीपेड स्मार्ट मीटरों में शंट लगाकर रीडिंग कम करने का मामला पकड़े जाने के बाद इन कनेक्शनों को चिन्हित किया गया है। चिन्हित किए गए इन कनेक्शनों में ज्यादातर स्मार्ट मीटर वाले हैं। शहर के 20 डिवीजनों के 93 सबस्टेशनों में सात लाख पांच हजार कनेक्शनधारक हैं।
सिर्फ 50 यूनिट खर्च करने वाले सर्वाधिक संदिग्ध
यूं तो ऐसे सभी 1.61 लाख मीटरों की जांच की जा रही है, लेकिन महीने में सिर्फ 50 यूनिट तक की बिजली खपत दिखाने वाले कनेक्शन अधिक संदिग्ध हैं। 50 यूनिट या उससे कम का खर्च दिखाने वाले 67 हजार कनेक्शन चिन्हित किए गए हैं।
न्यूनतम बिल 100 से 150 यूनिट
50 यूनिट या उससे कम की खपत सिर्फ उन्हीं मकानों में हो सकती है, जिनमें सिर्फ एक कमरा हो और 60 वॉट के एक पंखे और सात-सात वॉट की दो एलईडी का इस्तेमाल किया जा रहा हो। आम तौर पर एक महीने का न्यूनतम बिल 100 से 150 यूनिट का बनता है।
जीरो यूनिट वाले कनेक्शनों में चोरी का शक नहीं
केस्को की टीम को 17 हजार मीटर जीरो यूनिट वाले भी मिले। लेकिन मीटरों की जांच में पता चला कि इनका कनेक्शन कटा हुआ था लेकिन स्थायी विच्छेदन (पीडी) न कराने की वजह से वह केस्को के रिकॉर्ड में चल रहे हैं। बंद मकान का बिल भी महीने में चार से 10 यूनिट तक आ जाता है।
इन सबस्टेशनों में कम खपत वाले कनेक्शन अधिक
चीनापार्क, साइकिल मार्केट, माल रोड, म्योरमिल, चमनगंज, अफीम कोठी, छप्पर मूलमंज, सुजातगंज, दहेली सुजानपुर, बाबूपुरवा, रतनपुर, कल्याणपुर, ग्वालटोली, जीआईसी कर्नलगंज, जरीबचौकी, फूलबाग, बीएस पार्क, विश्वबैंक बर्रा, गोविंदनगर, हंसपुरम, मछरिया, कोयलानगर और परमपुरवा।
एक महीने में चिन्हित मीटरों की रीडिंग
यूनिट मीटरों की संख्या
00 17 हजार
01 से 50 67 हजार
50 से 99 76 हजार
करीब 1600 मकानों की जांच कराई गई है। न्यूनतम बिजली इस्तेमाल करने पर भी 100 से 150 यूनिट का मासिक बिल बनता है। इससे कम यूनिटों का बिल के पीछे की वजह पता करने के लिए जांच हो रही है। रीडिंग स्टोर या मीटर धीमा करने का खेल मिला, तो एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। -सैमुअल पॉल एन, एमडी, केस्को