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Exclusive: यूपी के पहले तैरते सोलर संयंत्र से विद्युत उत्पादन शुरू, 3.02 रुपये प्रति यूनिट पड़ेगी बिजली
Sat, 17 Sep 2022 08:19 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, औरैया
अमर उजाला नेटवर्क, औरैया
Published by: शाहरुख खान
Updated Sat, 17 Sep 2022 08:19 AM IST
सार
महाप्रबंधक जसवीर सिंह अहलावत व अधिकारियों की मौजूदगी में कई चरणों में हुई जांच के बाद गुरुवार रात से उत्पादन शुरू हुआ। एनटीपीसी के अपर महाप्रबंधक संजय बाल्यान के अनुसार यह तैरता सोलर संयंत्र प्रदेश में पहला है। एनटीपीसी अब तक चार प्रदेशों तेलंगाना के रामागुंडम, केरल के कायमकुलम, गुजरात के कवास और आंध्र प्रदेश के सेमाद्री में जलाशय पर तैरते सोलर संयंत्र लगा चुकी है।
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जलाशय पर तैरता सोलर बिजली उत्पादन संयंत्र
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
औरैया के दिबियापुर में एनटीपीसी में जलाशय पर तैरने वाले (फ्लोटिंग) 20 मेगावाट सोलर संयंत्र से बिजली का उत्पादन गुरुवार रात से शुरू हो गया। संयंत्र से उत्पादित बिजली ग्रिड को आपूर्ति की गई है। इससे एनटीपीसी औरैया संयंत्र की अब कुल क्षमता बढ़कर 704 मेगावाट हो गई है। अधिकारियों का दावा है कि इससे व्यावसायिक क्षेत्र में सस्ती बिजली मुहैया होगी।
महाप्रबंधक जसवीर सिंह अहलावत व अधिकारियों की मौजूदगी में कई चरणों में हुई जांच के बाद गुरुवार रात से उत्पादन शुरू हुआ। एनटीपीसी के अपर महाप्रबंधक संजय बाल्यान के अनुसार यह तैरता सोलर संयंत्र प्रदेश में पहला है। एनटीपीसी अब तक चार प्रदेशों तेलंगाना के रामागुंडम, केरल के कायमकुलम, गुजरात के कवास और आंध्र प्रदेश के सेमाद्री में जलाशय पर तैरते सोलर संयंत्र लगा चुकी है।
औरैया में फ्लोटिंग सोलर संयंत्र के लिए एनटीपीसी ने सितंबर 2019 में निविदा आमंत्रित की थी। निविदा पाने वाली कंपनी ने जून 2020 में सोलर संयंत्र का काम शुरू किया था। दिबियापुर स्थित एनटीपीसी में लगभग 90 एकड़ क्षेत्र में फैले पूरे तालाब में पैनल नहीं लगाए जा सकते थे।
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तालाब का निर्धारित हिस्सा छोड़ना पड़ा। इसलिए 500 वाट क्षमता के सोलर पैनलों का प्रयोग किया गया। फ्लोटिंग सोलर संयंत्र की कुल लागत लगभग 90 करोड़ रुपये आई है। अगस्त 2022 में सोलर प्लांट लगकर तैयार हो चुका था। इसके बाद टेस्टिंग और कमीशनिंग का काम पूरा किया गया।
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महाप्रबंधक जसवीर सिंह अहलावत व अधिकारियों की मौजूदगी में कई चरणों में हुई जांच के बाद गुरुवार रात से उत्पादन शुरू हुआ। एनटीपीसी के अपर महाप्रबंधक संजय बाल्यान के अनुसार यह तैरता सोलर संयंत्र प्रदेश में पहला है। एनटीपीसी अब तक चार प्रदेशों तेलंगाना के रामागुंडम, केरल के कायमकुलम, गुजरात के कवास और आंध्र प्रदेश के सेमाद्री में जलाशय पर तैरते सोलर संयंत्र लगा चुकी है।
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औरैया में फ्लोटिंग सोलर संयंत्र के लिए एनटीपीसी ने सितंबर 2019 में निविदा आमंत्रित की थी। निविदा पाने वाली कंपनी ने जून 2020 में सोलर संयंत्र का काम शुरू किया था। दिबियापुर स्थित एनटीपीसी में लगभग 90 एकड़ क्षेत्र में फैले पूरे तालाब में पैनल नहीं लगाए जा सकते थे।
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तालाब का निर्धारित हिस्सा छोड़ना पड़ा। इसलिए 500 वाट क्षमता के सोलर पैनलों का प्रयोग किया गया। फ्लोटिंग सोलर संयंत्र की कुल लागत लगभग 90 करोड़ रुपये आई है। अगस्त 2022 में सोलर प्लांट लगकर तैयार हो चुका था। इसके बाद टेस्टिंग और कमीशनिंग का काम पूरा किया गया।
सोलर बिजली उत्पादन हुआ 40 मेगावाट
केंद्र सरकार नवीकरणीय ऊर्जा के रूप में सोलर संयंत्रों की स्थापना पर ध्यान दे रही है। एनटीपीसी संयंत्र परिसर में लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत से 20 मेगावाट क्षमता का जमीन पर सोलर संयंत्र लगाया गया था। जमीन पर लगे सोलर प्लांट में 330 वाट के सोलर पैनल मॉड्यूल लगाए गए हैं।
जमीन पर लगे सोलर संयंत्र से व्यावसायिक बिजली उत्पादन तीन चरणों में (पहले चरण में 10 नवंबर 2020 को आठ मेगावाट, चार दिसंबर को सात मेगावाट एवं 20 फरवरी 2021 को पांच मेगावाट) ग्रिड से जोड़ कर शुरू किया जा चुका है। अब दिबियापुर फ्लोटिंग सोलर संयंत्र से व्यावसायिक बिजली उत्पादन शुरू हो गया है।
इससे सोलर संयत्र की उत्पादन क्षमता बढ़कर 40 मेगावाट हो गई है। एनटीपीसी औरैया में गैस और नेफ्था से चलने वाला 664 मेगावाट का बिजली उत्पादन संयंत्र भी लगा है।
3.02 रुपये प्रति यूनिट पड़ेगी बिजली
एनटीपीसी अधिकारियों के अनुसार गैस और नेफ्था आधारित संयंत्रों से उत्पादित बिजली पांच रुपये से लेकर 20 रुपये प्रति यूनिट पड़ती है। सोलर से उत्पादित बिजली 3.02 रुपये प्रति यूनिट पड़ेगी।
जमीन पर लगे सोलर संयंत्र से व्यावसायिक बिजली उत्पादन तीन चरणों में (पहले चरण में 10 नवंबर 2020 को आठ मेगावाट, चार दिसंबर को सात मेगावाट एवं 20 फरवरी 2021 को पांच मेगावाट) ग्रिड से जोड़ कर शुरू किया जा चुका है। अब दिबियापुर फ्लोटिंग सोलर संयंत्र से व्यावसायिक बिजली उत्पादन शुरू हो गया है।
इससे सोलर संयत्र की उत्पादन क्षमता बढ़कर 40 मेगावाट हो गई है। एनटीपीसी औरैया में गैस और नेफ्था से चलने वाला 664 मेगावाट का बिजली उत्पादन संयंत्र भी लगा है।
3.02 रुपये प्रति यूनिट पड़ेगी बिजली
एनटीपीसी अधिकारियों के अनुसार गैस और नेफ्था आधारित संयंत्रों से उत्पादित बिजली पांच रुपये से लेकर 20 रुपये प्रति यूनिट पड़ती है। सोलर से उत्पादित बिजली 3.02 रुपये प्रति यूनिट पड़ेगी।