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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Elections in UP: When there was a ban on taking out Tajiya, where did the question of burial come from?

यूपी में चुनाव: जब ताजिया निकालने पर पाबंदी तो दफनाने का सवाल कहां से आया

Thu, 19 Aug 2021 06:03 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Thu, 19 Aug 2021 06:03 AM IST
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Elections in UP: When there was a ban on taking out Tajiya, where did the question of burial come from?
विधायक अभिजीत सिंह सांगा - फोटो : अमर उजाला

कानपुर में 75वें स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में एक दिन पहले किदवईनगर में आयोजित कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का अचानक यह कहना कि यदि हिंदू होना सांप्रदायिक हैं तो मैं हिंदू हूं। शासन की तरफ से ताजिया निकालने पर लगी रोक के बावजूद विधायक अभिजीत सिंह सांगा का ताजिया नहीं दफन होने देंगे के बयान वाला वीडियो वायरल होना और पिछले दिनों बर्रा में हुई मारपीट की घटना को धर्मांतरण के नाम पर विहिप का मुद्दा बनाना किसी सोची समझी रणनीति का हिस्सा लग रहा है। ये सभी प्रकरण कहीं आगामी चुनाव को हिंदू-मुस्लिम रंग देने के संकेत तो नहीं हैं। विपक्ष के नेताओं का भी कहना है कि भाजपा हिंदू-मुस्लिम का कार्ड चलकर राजनीति को हवा देने की कोशिश कर रही है।

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चुनाव नजदीक आने की वजह से भाजपा हिंदू-मुसलमान का मुद्दा उठाकर माहौल खराब करना चाहती है। जिस बात को दोनों पक्षों के साथ बैठकर हल किया जा सकता है, उसे दूसरी शक्ल देना ठीक नहीं।
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रमेश यादव, बसपा, विधानसभा प्रत्याशी बिठूर

बिधनू के रौतापुर में पिछले 100 साल से ताजिया दफन करने की परंपरा चली आ रही है। इस बार प्रशासन की तरफ से ताजिया निकालने पर रोक लगा दी गई है। विधायक का इस तरह से कहना कि ताजिया दफनाने नहीं देंगे, पूरी तरह गैरवाजिब है। दो दिन पहले जब उनके परिवार की कुछ महिलाएं कर्बला पर दीया जलाने गईं थीं, तब भी पुलिस ने उन्हें ऐसा करने से रोका था।
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निसार अहमद, स्थानीय निवासी, ग्राम प्रधान प्रत्याशी

जो लोग उसे ताजिया दफन करने का स्थान बता रहे हैं, वह सरकारी अभिलेखों में कहीं भी कर्बला के नाम पर दर्ज नहीं है। वहां पर पुराना मंदिर है, उसके समीप ताजिया दफन नहीं करने दिया जाएगा। वैसे भी रौतापुर में एक भी मुस्लिम परिवार नहीं रहता है। ऐसे में बाहर के लोग यहां आकर राजनीति चमकाने की कोशिश कर रहे हैं। ताजिया नहीं निकालने के आदेश से पहले ही कुछ लोगों की तरफ से यहां पर बिना वजह माहौल बनाने की कोशिश की जा रही थी। इसलिए ऐसा करना जरूरी हो गया।
अभिजीत सिंह सांगा, विधायक बिठूर

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