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नियम कायदे तार-तार, भारी हुजूम के साथ हुए नामांकन
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कलक्ट्रेट में आरओ कक्ष के बाहर नामांकन के लिए कतार में खड़े प्रत्याशी।
- फोटो : AKBARPUR
कानपुर देहात। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के पहले दिन दावेदारों ने कोविड नियम के कायदे तार-तार कर भारी हुजूम के साथ नामांकन किए। इस दौरान सत्ता की हनक भी दिखी और रोड शो के साथ समर्थकों ने खूब हल्ला किया। मामला तूल पकड़ना शुरू किया तो एडीएम प्रशासन ने सदर एसडीएम को कार्रवाई के निर्देश दिए।
मंगलवार से त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई। जिला प्रशासन की ओर हुजूम, रैली आदि पर रोक लगा दी गई थी। लेकिन सत्ताधारी नेता सहित अन्य ने सभी निर्देशों व नियम कायदों को ताक पर रखकर नामांकन किया। दोपहर सिठमरा जिला पंचायत सदस्य सीट के दावेदार भाजपा नेता ने सारी हदें पार कर दी। एसपी आवास के बाहर से सैकड़ों की संख्या में हुजूम के साथ कलक्ट्रेट पहुंचे। खास बात यह है कि पुलिस साथ में चलती रही, लेकिन रोकने का प्रयास तक नहीं किया। नामांकन कक्ष में कोविड नियमों को धता बताकर हुजूम के साथ पहुंच गए। लाइन में लगे दावेदार खड़े के खड़े रह गए। आरओ ने आपत्ति दर्ज की। इसके बाद भी नहीं माने। बड़े अफसरों को नामांकन कक्ष से फोन कर मुहूर्त का हवाला दिया।
इधर, लाइन में खड़े अन्य दावेदार नाराज होकर कक्ष में भीड़ के साथ खड़े हो गए। अन्य दावेदारों ने कार्रवाई की मांग की। इधर, जिला निर्वाचन अधिकारी जेपी सिंह व एसपी केशव कुमार चौधरी ने अकबरपुर ब्लाक नामांकन स्थल का निरीक्षण किया और आवश्यक निर्देश दिए।
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किसी को भी गाजे-बाजे या रोड शो के साथ नामांकन कराने की अनुमति नहीं दी गई है। चुनाव आचार संहिता व कोविड नियमों का पालन किए बिना नामांकन कराने वाले प्रत्याशी व समर्थकों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश सदर एसडीएम को दिए गए हैं। अनुमति से ज्यादा वाहन लाने पर सीज किया जाएगा। पंकज वर्मा (उपजिला निर्वाचन अधिकारी/एडीएम प्रशासन)
जुलूस रोकने पर पुलिस कर्मियों से भिड़े भाजपाई
कानपुर देहात। निर्वाचन आयोग की गाइडलाइन के बावजूद नामांकन के पहले दिन आदर्श आचार संहिता की दलीलें हवाहवाई साबित हुई। जिला पंचायत सदस्य के लिए नामांकन कराने पहुंचे सत्ताधारी दल के प्रत्याशी वाहनों का लंबा-चौड़ा काफिला लेकर अकबरपुर, माती रोड से होकर जिला मुख्यालय पहुंच गए। एसपी आवास के ठीक सामने पुलिस कर्मी ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तो भाजपाई भिड़ गए। बहस के बावजूद पुलिस कर्मी वाहनों के बिना ही जाने देने की बात पर अड़े रहे। बड़े नेताओं के हस्तक्षेप पर काफिला रोका गया और प्रत्याशी व बड़ी संख्या में समर्थक नारेबाजी करते हुए नामांकन के लिए गए।
अकबरपुर में जाम से जूझे लोग
कानपुर देहात। रैली, जुलूस पर रोक के बावजूद दावेदारों ने नामांकन कराने के दौरान नियमों को दरकिनार कर दिया। जिला पंचायत सदस्य के नामांकन के लिए सत्ताधारी दल के प्रत्याशी वाहनों का काफिला लेकर समर्थकों के साथ दोपहर में अकबरपुर अंडरपास पहुंचे। इससे भीषण जाम लग गया और लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बड़ी बात यह है कि पुलिस ने सत्ता की हनक के आगे जाम की अनदेखी कर दी। काफिला निकलने के बाद जाम खुल सका।
न दिखा मास्क, नहीं किया गया सैनिटाइज
कानपुर देहात। जिला प्रशासन ने सख्त निर्देश दिए थे कि नामांकन स्थल में बिना मास्क व सैनिटाइज के कोई दावेदार नहीं जा सकेगा। इसके बावजूद दावेदारों ने हदें पार कर दी। जिम्मेदारों ने अनदेखी की। कलक्ट्रेट में जिला पंचायत सदस्य के नामांकन के दौरान दोवेदार व प्रस्तावक बिना मास्क के घूमते नजर आए। यही हाल अधिकांश ब्लाक में भी देखने को मिला। हालांकि झींझक, डेरापुर में बिना मास्क व सैनिटाइज के अंदर नहीं जाने दिया गया।
प्यास बुझाने के लिए फ्रीजर पर लगी लंबी कतार
राजपुर। ब्लाक परिसर में नामांकन के लिए पहुंचे दावेदारों व प्रस्तावकों को काउंटर पर घंटों धूप में इंतजार करना पड़ा। इस दौरान प्यास से बेहाल लोगों की ब्लाक के फ्रीजर में पानी पीने के लिए लंबी लाइन लग गई। पानी के लिए जमकर धक्का मुक्की हुई। पुलिस ने कतार लगवाकर पानी की व्यवस्था कराई।
ड्यूटी पर मौजूद रहने पर भी एआरओ पर एफआईआर
राजपुर। अकबरपुर के एक कॉलेज के प्रवक्ता धुव्र शंकर सहायक निर्वाचन अधिकारी के रूप में राजपुर ब्लाक में तैनात किए गए। एक दिन पहले सोमवार को उन्हें ब्लाक में नामांकन सामग्री लेनी थी। निर्धारित समय पर वह नहीं पहुंचे। निर्वाचन अधिकारी प्रकाश चंद्र ने उनपर रिपोर्ट दर्ज करा दी। जबकि एआरओ मंगलवार को नामांकन के दौरान ड्यूटी पर तैनात रहे।
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मंगलवार से त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई। जिला प्रशासन की ओर हुजूम, रैली आदि पर रोक लगा दी गई थी। लेकिन सत्ताधारी नेता सहित अन्य ने सभी निर्देशों व नियम कायदों को ताक पर रखकर नामांकन किया। दोपहर सिठमरा जिला पंचायत सदस्य सीट के दावेदार भाजपा नेता ने सारी हदें पार कर दी। एसपी आवास के बाहर से सैकड़ों की संख्या में हुजूम के साथ कलक्ट्रेट पहुंचे। खास बात यह है कि पुलिस साथ में चलती रही, लेकिन रोकने का प्रयास तक नहीं किया। नामांकन कक्ष में कोविड नियमों को धता बताकर हुजूम के साथ पहुंच गए। लाइन में लगे दावेदार खड़े के खड़े रह गए। आरओ ने आपत्ति दर्ज की। इसके बाद भी नहीं माने। बड़े अफसरों को नामांकन कक्ष से फोन कर मुहूर्त का हवाला दिया।
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इधर, लाइन में खड़े अन्य दावेदार नाराज होकर कक्ष में भीड़ के साथ खड़े हो गए। अन्य दावेदारों ने कार्रवाई की मांग की। इधर, जिला निर्वाचन अधिकारी जेपी सिंह व एसपी केशव कुमार चौधरी ने अकबरपुर ब्लाक नामांकन स्थल का निरीक्षण किया और आवश्यक निर्देश दिए।
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किसी को भी गाजे-बाजे या रोड शो के साथ नामांकन कराने की अनुमति नहीं दी गई है। चुनाव आचार संहिता व कोविड नियमों का पालन किए बिना नामांकन कराने वाले प्रत्याशी व समर्थकों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश सदर एसडीएम को दिए गए हैं। अनुमति से ज्यादा वाहन लाने पर सीज किया जाएगा। पंकज वर्मा (उपजिला निर्वाचन अधिकारी/एडीएम प्रशासन)
जुलूस रोकने पर पुलिस कर्मियों से भिड़े भाजपाई
कानपुर देहात। निर्वाचन आयोग की गाइडलाइन के बावजूद नामांकन के पहले दिन आदर्श आचार संहिता की दलीलें हवाहवाई साबित हुई। जिला पंचायत सदस्य के लिए नामांकन कराने पहुंचे सत्ताधारी दल के प्रत्याशी वाहनों का लंबा-चौड़ा काफिला लेकर अकबरपुर, माती रोड से होकर जिला मुख्यालय पहुंच गए। एसपी आवास के ठीक सामने पुलिस कर्मी ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तो भाजपाई भिड़ गए। बहस के बावजूद पुलिस कर्मी वाहनों के बिना ही जाने देने की बात पर अड़े रहे। बड़े नेताओं के हस्तक्षेप पर काफिला रोका गया और प्रत्याशी व बड़ी संख्या में समर्थक नारेबाजी करते हुए नामांकन के लिए गए।
अकबरपुर में जाम से जूझे लोग
कानपुर देहात। रैली, जुलूस पर रोक के बावजूद दावेदारों ने नामांकन कराने के दौरान नियमों को दरकिनार कर दिया। जिला पंचायत सदस्य के नामांकन के लिए सत्ताधारी दल के प्रत्याशी वाहनों का काफिला लेकर समर्थकों के साथ दोपहर में अकबरपुर अंडरपास पहुंचे। इससे भीषण जाम लग गया और लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बड़ी बात यह है कि पुलिस ने सत्ता की हनक के आगे जाम की अनदेखी कर दी। काफिला निकलने के बाद जाम खुल सका।
न दिखा मास्क, नहीं किया गया सैनिटाइज
कानपुर देहात। जिला प्रशासन ने सख्त निर्देश दिए थे कि नामांकन स्थल में बिना मास्क व सैनिटाइज के कोई दावेदार नहीं जा सकेगा। इसके बावजूद दावेदारों ने हदें पार कर दी। जिम्मेदारों ने अनदेखी की। कलक्ट्रेट में जिला पंचायत सदस्य के नामांकन के दौरान दोवेदार व प्रस्तावक बिना मास्क के घूमते नजर आए। यही हाल अधिकांश ब्लाक में भी देखने को मिला। हालांकि झींझक, डेरापुर में बिना मास्क व सैनिटाइज के अंदर नहीं जाने दिया गया।
प्यास बुझाने के लिए फ्रीजर पर लगी लंबी कतार
राजपुर। ब्लाक परिसर में नामांकन के लिए पहुंचे दावेदारों व प्रस्तावकों को काउंटर पर घंटों धूप में इंतजार करना पड़ा। इस दौरान प्यास से बेहाल लोगों की ब्लाक के फ्रीजर में पानी पीने के लिए लंबी लाइन लग गई। पानी के लिए जमकर धक्का मुक्की हुई। पुलिस ने कतार लगवाकर पानी की व्यवस्था कराई।
ड्यूटी पर मौजूद रहने पर भी एआरओ पर एफआईआर
राजपुर। अकबरपुर के एक कॉलेज के प्रवक्ता धुव्र शंकर सहायक निर्वाचन अधिकारी के रूप में राजपुर ब्लाक में तैनात किए गए। एक दिन पहले सोमवार को उन्हें ब्लाक में नामांकन सामग्री लेनी थी। निर्धारित समय पर वह नहीं पहुंचे। निर्वाचन अधिकारी प्रकाश चंद्र ने उनपर रिपोर्ट दर्ज करा दी। जबकि एआरओ मंगलवार को नामांकन के दौरान ड्यूटी पर तैनात रहे।

कलक्ट्रेट में आरओ कक्ष के बाहर नामांकन के लिए कतार में खड़े प्रत्याशी।- फोटो : AKBARPUR