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Kanpur News: सुरक्षित सीट पर पिछड़ों को साधने की कवायद

Mon, 22 Apr 2024 03:28 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 22 Apr 2024 03:28 AM IST
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Effort to ensure backward classes on reserved seats
इटावा। इटावा लोकसभा सुरक्षित सीट होने के बावजूद यहां पिछड़ों का गणित सबसे ज्यादा मजबूत है। लोकसभा क्षेत्र में सबसे अधिक लगभग साढ़े छह लाख से अधिक पिछड़ी जाति के वोटर होने की वजह से सभी राजनीतिक दल और प्रत्याशी उन्हें साधने का प्रयास कर रहे हैं।
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लोकसभा सीट में इटावा की दो विधानसभाएं इटावा सदर और भरथना आती हैं। औरैया जिले की सदर और दिबियापुर व कानपुर देहात की सिकंदरा सीट भी इसी लोकसभा में हैं। जबकि जिले की जसवंतनगर विधानसभा मैनपुरी लोकसभा में आती है। इटावा लोकसभा की पांचों विधानसभाओं में सबसे ज्यादा साढ़े छह लाख पिछड़ी जाति के वोटर हैं। इनमें 1.85 लाख लोधी, 1.80 लाख यादव, 1.15 के करीब शाक्य और लगभग इतने ही पाल वोटर हैं। करीब 55 हजार कुर्मी वोटर हैं। लगभग एक लाख अन्य पिछड़ी जातियों के वोटर शामिल हैं।
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ऐसे में सभी राजनीतिक पार्टियों का पिछड़ों को साधने पर खासा जोर रहता है। इस बार भी यही कवायद की जा रही है। सपा जहां पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) का फार्मूला बनाकर अपने प्रत्याशी को जिताने के प्रयास में लगी है। वहीं, भाजपा भी दलित के साथ पिछड़ा कार्ड खेल रही है। भाजपा ने अपने प्रत्याशी की नामांकन सभा में भी पिछड़ा वर्ग के बड़े नेता डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को बुलाकर समीकरण साधने का प्रयास भी किया। इस सीट के पिछड़े मतदाता चुनावी रण के परिणाम में अहम भूमिका निभाएंगे।
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इटावा सदर और भरथना में पिछड़ों का गणित
इटावा सदर में लगभग 45 हजार यादव मतदाता है। लगभग 35 हजार लोधी, 30-30 हजार शाक्य और पाल, सात हजार कुर्मी और लगभग 20 हजार अति पिछड़े वोटर हैं। वहीं, भरथना विधानसभा में लगभग 55 हजार यादव, 30 हजार शाक्य, लगभग 17 हजार लोधी और 15 हजार पाल वोट हैं। अति पिछड़ों की भी संख्या लगभग 25 हजार है।




दिबियापुर, औरैया और सिकंदरा में भी मजबूत स्थिति
औरैया सदर में लगभग 25 हजार वोटर यादव हैं। शाक्य लगभग 20 हजार हैं। वहीं इस सीट पर लोधी और पाल समाज के वोटर लगभग 22-22 हजार हैं। दिबियापुर में लगभग 37 हजार यादव और 15 हजार शाक्य हैं। यहां 30 हजार लोधी और लगभग 20 हजार पाल वोटर हैं। दोनों ही सीटों पर अन्य पिछड़ों की संख्या लगभग 35 हजार है। उधर, सिकंदरा विधानसभा में सबसे ज्यादा कुर्मी वोटर लगभग 40 हजार हैं। इनमें यादव 20 हजार, 17 हजार शाक्य, 30 हजार पाल और 10 हजार लोधी वोटर हैं।
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