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सीएसजेएम विश्वविद्यालय: अब शिक्षा विभाग के अध्यक्ष ने दिया इस्तीफा, बैकफुट पर विवि प्रशासन

Thu, 13 Dec 2018 11:31 AM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Updated Thu, 13 Dec 2018 11:31 AM IST
सार

- सीनियरों की अनदेखी का आरोप लगा यूआईईटी और आईबीएम के निदेशक पहले ही दे चुके हैं इस्तीफा
- नाराज शिक्षकों को मनाने की कोशिश करेगा विवि प्रशासन, प्रो. मुकेश रंगा का आज बढ़ सकता है कार्यकाल

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Education Department Chairman resigns
सीएसजेएम विश्वविद्यालय

विस्तार

कानपुर  स्थित  छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) में सीनियर शिक्षकों और विवि प्रशासन के बीच का विवाद बढ़ता ही जा रहा है। यूनिवर्सिटी के इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (यूआईईटी) की निदेशक डॉ. अर्पिता यादव और इंस्टीट्यूट ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट (आईबीएम) के निदेशक प्रो. मुकेश रंगा के बाद अब शिक्षा विभाग के अध्यक्ष प्रो. मुनेश कुमार ने भी इस्तीफा दे दिया है।
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हालांकि कुलपति का कहना है कि उनका इस्तीफा अभी मिला नहीं है। इन सीनियर शिक्षकों का आरोप है कि उन्हें नजरअंदाज कर जूनियर शिक्षकों को उच्च पदों पर बैठाया जा रहा है। विश्वविद्यालय में एक के बाद एक सीनियर शिक्षकों के इस्तीफे से विश्वविद्यालय प्रशासन बैकफुट पर आ गया है। प्रो. मुकेश रंगा को मनाने का फैसला लिया है। उनका कार्यकाल गुरुवार को छह साल का किया जा सकता है। इसके लिए कुलपति ने रजिस्ट्रार कार्यालय से फाइलें मंगवाई हैं।
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प्रो. मुनेश कुमार को भी मनाने की कोशिश होगी। चर्चा है कि वे बीएड के लिए अलग से कोआर्डिनेटर बनाए जाने से नाराज हैं। अभी तक शिक्षा शास्त्र विभाग के अध्यक्ष होने के नाते उनके पास बीएड, एमएड और एमए सभी की जिम्मेदारी थी लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन ने डॉ. रश्मि गोरे को बीएड के लिए समन्वयक नियुक्त कर दिया। डॉ. रश्मि प्रो. मुनीश से काफी जूनियर हैं। प्रो. मुनेश के कार्यकाल में विभाग ने कई रिकॉर्ड भी बनाए। एकसाथ पहली बार विभाग के 38 छात्रों ने नेट-जेआरएफ की परीक्षा पास की थी। 
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सीएसजेएम विश्वविद्यालय
यूआईईटी में कोई निदेशक नहीं बनना चाहता

यूआईईटी की निदेशक रहीं डॉ. अर्पिता यादव के इस्तीफे के बाद अब संकट की स्थिति बन गई है। बताया जाता है कि इंस्टीट्यूट में कोई भी शिक्षक इस पद की जिम्मेदारी नहीं लेना चाहता है। 
कई और शिक्षकों के इस्तीफे की भी अफवाह विश्वविद्यालय के कई अन्य शिक्षकों के इस्तीफे की भी अफवाह है। इसमें डीन पद की जिम्मेदारी संभाल रहे एक सीनियर प्रोफेसर का नाम भी सामने आ रहा है। हालांकि उन्होंने ऐसी किसी बात से इंकार किया है। यह बात जरूर कही है कि विश्वविद्यालय में सिस्टम को किनारे करके कुछ लोग काम कर रहे हैं।

कई शिक्षक पहले भी साइडलाइन हो चुके हैं

इसके पहले भी कई सीनियर शिक्षक साइडलाइन किए जा चुके हैं। इस वजह से भी सभी नाराज चल रहे हैं। सीनियर शिक्षकों ने इसके लिए कुलपति और रजिस्ट्रार दोनों को ही कठघरे में खड़ा कर दिया है। शिक्षकों का कहना है कि दोनों वरिष्ठ शिक्षकों को दबाने की कोशिश कर रहे हैं। 

Education Department Chairman resigns
सीएसजेएम विश्वविद्यालय
मैंने हमेशा विभाग को आगे बढ़ाने का काम किया है। मेरे लिए बच्चों को पढ़ाना प्राथमिकता रही है लेकिन पिछले कुछ दिनों से विश्वविद्यालय में जो कुछ चल रहा है, उससे मैं असहज हूं। मैं इसके लिए किसी पर आरोप नहीं लगाऊंगा लेकिन लोगों को खुद समझना चाहिए कि गलत हो रहा है। मैंने अपनी सारी बातें पत्र के जरिए रजिस्ट्रार को भेज दी हैं। 
- प्रो. मुनेश कुमार, अध्यक्ष, शिक्षा शास्त्र विभाग


मैंने प्रो. मुनेश कुमार के इस्तीफे की बात सुनी है लेकिन अभी तक मेरे पास कोई पत्र नहीं आया है। यूआईईटी, आईबीएम का मामला अलग-अलग है। सबको एकसाथ जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। आईबीएम के निदेशक पद के कार्यकाल को लेकर प्रो. मुकेश रंगा नाराज थे। चूंकि प्रो. संजय श्रीवास्तव के रिटायरमेंट के बाद किसी को यह पद देना था, इसलिए अग्रिम आदेश तक उन्हें पद देने का पत्र जारी किया गया था। मैंने सारी फाइलें मंगवाई हैं। नियमानुसार निदेशक पद का जो भी कार्यकाल होगा, उसी के अनुसार नया पत्र जारी किया जाएगा।
- प्रो. नीलिमा गुप्ता, कुलपति, सीएसजेएमयू
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