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Kanpur News: छह की गैर इरादतन हत्या में ई-बस चालक दोषी करार
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कानपुर। दो साल पहले काल बनकर दौड़ी ई-बस ने टाटमिल चौराहे के पास छह लोगों को मौत के घाट उतार दिया था जबकि लगभग डेढ़ दर्जन लोग जख्मी हुए थे। घटना के जिम्मेदार बस चालक सत्येंद्र को अपर जिला जज 14 की अदालत ने गैर इरादतन हत्या में दोषी करार दे दिया है। सजा पर फैसला मंगलवार को सुनाया जाएगा।
घंटाघर से चली ई-बस ने 30 जनवरी 2022 की आधी रात टाटमिल चौराहे के पास ऐसा तांडव मचाया था कि छह लोग काल के गाल में समा गए और लगभग डेढ़ दर्जन घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। लोगों को रौंदती और वाहनों को क्षतिग्रस्त करती ई-बस चौराहे पर बने ट्रैफिक बूथ से टकराते हुए डंपर में घुस गई थी। हादसे में स्कूटी सवार लाटूश रोड निवासी शिवम उर्फ शुभम सोनकर, उसके दोस्त ट्विंकल उर्फ सुनील सोनकर, बाइक सवार बेकनगंज निवासी अर्सलान, राहगीर नौबस्ता के केशवनगर निवासी अजीत कुमार, उन्नाव के आनंदपुरम निवासी रमेश कुमार और श्यामनगर के रामपुरम निवासी कैलाश राठौर की मौत हो गई थी।
वहीं, रूमा में एक शादी समारोह में शामिल होने के बाद कार से रामादेवी से लौट रहे धनकुट्टी निवासी विनय शुक्ला, उनकी पत्नी आरती अंजली मिश्रा, लाठी मोहाल निवासी जीजा राजेश त्रिपाठी व बहन नीलू की कार में कृष्णा हॉस्पिटल के पास विपरीत दिशा से आ रही ई-बस ने जोरदार टक्कर मारी थी। भीषण टक्कर में पूरा परिवार बुरी तरह घायल हो गया था। विनय ने ही रेलबाजार थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बस चालक को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। एडीजीसी शिवभगवान गोस्वामी ने बताया कि पुलिस ने कानपुर देहात के गजनेर निवासी बस चालक सत्येंद्र सिंह के खिलाफ 27 अप्रैल 2022 को चार्जशीट कोर्ट भेजी थी। 20 अगस्त 2022 को कोर्ट ने आरोप तय कर दिए थे।
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लोअर और सेशन कोर्ट से जमानत अर्जी खारिज होने के बाद सत्येंद्र ने हाईकोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की थी लेकिन उसे कोई राहत नहीं मिल सकी थी। घटना के बाद से वह जेल में ही बंद है। हाईकोर्ट ने 21 मई 2024 को जमानत याचिका खारिज करते हुए दस महीने में मुकदमे के निस्तारण के निर्देश जारी किए थे। अभियोजन की ओर से 26 गवाह कोर्ट में पेश किए गए। सबूतों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने सत्येंद्र को गैर इरादतन हत्या का दोषी करार दिया।
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घंटाघर से चली ई-बस ने 30 जनवरी 2022 की आधी रात टाटमिल चौराहे के पास ऐसा तांडव मचाया था कि छह लोग काल के गाल में समा गए और लगभग डेढ़ दर्जन घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। लोगों को रौंदती और वाहनों को क्षतिग्रस्त करती ई-बस चौराहे पर बने ट्रैफिक बूथ से टकराते हुए डंपर में घुस गई थी। हादसे में स्कूटी सवार लाटूश रोड निवासी शिवम उर्फ शुभम सोनकर, उसके दोस्त ट्विंकल उर्फ सुनील सोनकर, बाइक सवार बेकनगंज निवासी अर्सलान, राहगीर नौबस्ता के केशवनगर निवासी अजीत कुमार, उन्नाव के आनंदपुरम निवासी रमेश कुमार और श्यामनगर के रामपुरम निवासी कैलाश राठौर की मौत हो गई थी।
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वहीं, रूमा में एक शादी समारोह में शामिल होने के बाद कार से रामादेवी से लौट रहे धनकुट्टी निवासी विनय शुक्ला, उनकी पत्नी आरती अंजली मिश्रा, लाठी मोहाल निवासी जीजा राजेश त्रिपाठी व बहन नीलू की कार में कृष्णा हॉस्पिटल के पास विपरीत दिशा से आ रही ई-बस ने जोरदार टक्कर मारी थी। भीषण टक्कर में पूरा परिवार बुरी तरह घायल हो गया था। विनय ने ही रेलबाजार थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बस चालक को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। एडीजीसी शिवभगवान गोस्वामी ने बताया कि पुलिस ने कानपुर देहात के गजनेर निवासी बस चालक सत्येंद्र सिंह के खिलाफ 27 अप्रैल 2022 को चार्जशीट कोर्ट भेजी थी। 20 अगस्त 2022 को कोर्ट ने आरोप तय कर दिए थे।
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लोअर और सेशन कोर्ट से जमानत अर्जी खारिज होने के बाद सत्येंद्र ने हाईकोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की थी लेकिन उसे कोई राहत नहीं मिल सकी थी। घटना के बाद से वह जेल में ही बंद है। हाईकोर्ट ने 21 मई 2024 को जमानत याचिका खारिज करते हुए दस महीने में मुकदमे के निस्तारण के निर्देश जारी किए थे। अभियोजन की ओर से 26 गवाह कोर्ट में पेश किए गए। सबूतों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने सत्येंद्र को गैर इरादतन हत्या का दोषी करार दिया।