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टूटी पटरी से धड़धड़ाते हुए गुजरी मालगाड़ी, दुर्घटनाग्रस्त होने से बची दुरंतो एक्सप्रेस
Thu, 07 Nov 2019 05:50 PM IST
शिखा पांडेय
यूपी डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
यूपी डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
Published by: शिखा पांडेय
Updated Thu, 07 Nov 2019 05:50 PM IST
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दुर्घटनाग्रस्त होने से बची दुरांतो एक्सप्रेस
- फोटो : अमर उजाला
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चित्रकूट में पश्चिम मध्य रेलवे के मानिकपुर-सतना रेलखंड के बरमाफी के पास पटरी टूटने से बड़ा हादसा टला। बुधवार रात करीब नौ बजे बरमाफी रेलवे स्टेशन के पास पटरी टूट गयी। जिस वक्त यह घटना हुई आगे मालगाड़ी और पीछे दुरंतो थी।
मालगाड़ी के गार्ड ने बरामाफी के डिप्टी एसएस को अलर्ट किया और इसी सक्रियता के कारण आनन-फानन में दुरंतो एक्सप्रेस को डाउन की लूप लाइन से निकाल दिया गया। माना जा रहा है कि अगर मालगाडी के गार्ड ने सक्रियता नहीं दिखाई होती तो बड़ा हादसा हो सकता था।
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मालगाड़ी के गार्ड ने बरामाफी के डिप्टी एसएस को अलर्ट किया और इसी सक्रियता के कारण आनन-फानन में दुरंतो एक्सप्रेस को डाउन की लूप लाइन से निकाल दिया गया। माना जा रहा है कि अगर मालगाडी के गार्ड ने सक्रियता नहीं दिखाई होती तो बड़ा हादसा हो सकता था।
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दुरंतो के ठीक आगे-आगे सतना से सीमेंट लोड कर छपरा जा रही मालगाड़ी के गार्ड को बरमाफी स्टेशन के होम सिग्नल पर जोर के झटके महसूस हुए गार्ड को शक हुआ कि ट्रैक में कहीं फ्रैक्चर है। गार्ड ने वाकी-टाकी के जरिये फौरन इस बात की जानकारी सहायक स्टेशन मास्टर हरिप्रसाद को दी।
स्टेशन मास्टर ने पेट्रोलिंग मैन और की मैन अर्जुन कुमार को मौके पर भेजा। गनीमत यह थी कि फ्रैक्चर होम सिग्नल के पास था। जैसे पटरी टूटने की पुष्टि हुई वैसी ही पीछे से दुरंतो के आने का वक्त हो गया था।
आनन-फानन में दुरंतो को डाउन लूप लाइन से निकाल दिया गया। सुबह 11 बजे क्लैपिंग कर यातायात बहाल किया गया। इस दौरान 30 किमी. प्रति घंटा के हिसाब से कॉसन पर गाड़ियां चलाई गईं।दोपहर 2 बजे के करीब क्षतिग्रस्त ट्रैक को बदल दिया गया।
स्टेशन मास्टर ने पेट्रोलिंग मैन और की मैन अर्जुन कुमार को मौके पर भेजा। गनीमत यह थी कि फ्रैक्चर होम सिग्नल के पास था। जैसे पटरी टूटने की पुष्टि हुई वैसी ही पीछे से दुरंतो के आने का वक्त हो गया था।
आनन-फानन में दुरंतो को डाउन लूप लाइन से निकाल दिया गया। सुबह 11 बजे क्लैपिंग कर यातायात बहाल किया गया। इस दौरान 30 किमी. प्रति घंटा के हिसाब से कॉसन पर गाड़ियां चलाई गईं।दोपहर 2 बजे के करीब क्षतिग्रस्त ट्रैक को बदल दिया गया।