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Kanpur News: फेस गुल होने से पीएचसी में 10 दिन से ठप पड़ी जांचें
Thu, 12 Feb 2026 01:41 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Thu, 12 Feb 2026 01:41 AM IST
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राजपुर। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की पैथोलॉजी (लैब) कक्ष में बिजली का फेस गुल होने से दस दिनों से जांच सुविधा ठप है। ऐसे में यहां खून के सैंपल नहीं लिए जा रहे हैं। मरीजों को बगैर जांच कराए वापस लौटना पड़ रहा है। खास बात यह है कि परिसर में जनरेटर लगा है लेकिन इसका कनेक्शन पैथाेलॉजी में नहीं है।
राजपुर पीएचसी में प्रतिदिन 150 के करीब मरीज इलाज कराने आते हैं। पीएचसी की पब्लिक ब्लॉक हेल्थ यूनिट (बीपीएचयू) में अत्याधुनिक मशीनें लगी हैं। ओपीडी में आने वाले मरीजों काे चिकित्सक यहीं से जांच कराने की सलाह देते हैं। ज्यादातर मरीज पैथाेलॉजी में ही जांच कराते हैं। यहां निशुल्क जांच होती हैं। पैथोलॉजी के लैबटेक्नीशियन प्रतिपालेंद्र सिंह, अजीत सिंह ने बताया कि एक फरवरी को एक फेस चले जाने के कारण पैथाेलॉजी की आपूर्ति बाधित हो गई। इस कारण सीबीसी समेत अन्य मशीनों से होने वाली खून के नमूनों की जांच नहीं हो पा रही है। जांच कराने वालों में अधिकतर गर्भवती होती हैं। जिन्हें जांच के अभाव में सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पीएचसी में इन दिनों अधिकतर लोग वायरल बुखार, खांसी आदि की परेशानी होने पर इलाज के लिए पहुंच रहे हैं, जिन्हें डॉक्टर खून की जांच कराने की सलाह दे रहे हैं। पीएचसी के प्रभारी चिकित्सकाधिकारी डाॅ. सलिल सचान ने बताया कि बिजली निगम के कर्मचारियों को जानकारी दी गई है। इसके बाद भी फेस में सुधार नहीं किया गया। उपकेंद्र के अवर अभियंता केडी वर्मा ने बताया कि लाइनमैन को भेजकर फेस में सुधार कराया जाएगा।
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राजपुर पीएचसी में प्रतिदिन 150 के करीब मरीज इलाज कराने आते हैं। पीएचसी की पब्लिक ब्लॉक हेल्थ यूनिट (बीपीएचयू) में अत्याधुनिक मशीनें लगी हैं। ओपीडी में आने वाले मरीजों काे चिकित्सक यहीं से जांच कराने की सलाह देते हैं। ज्यादातर मरीज पैथाेलॉजी में ही जांच कराते हैं। यहां निशुल्क जांच होती हैं। पैथोलॉजी के लैबटेक्नीशियन प्रतिपालेंद्र सिंह, अजीत सिंह ने बताया कि एक फरवरी को एक फेस चले जाने के कारण पैथाेलॉजी की आपूर्ति बाधित हो गई। इस कारण सीबीसी समेत अन्य मशीनों से होने वाली खून के नमूनों की जांच नहीं हो पा रही है। जांच कराने वालों में अधिकतर गर्भवती होती हैं। जिन्हें जांच के अभाव में सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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पीएचसी में इन दिनों अधिकतर लोग वायरल बुखार, खांसी आदि की परेशानी होने पर इलाज के लिए पहुंच रहे हैं, जिन्हें डॉक्टर खून की जांच कराने की सलाह दे रहे हैं। पीएचसी के प्रभारी चिकित्सकाधिकारी डाॅ. सलिल सचान ने बताया कि बिजली निगम के कर्मचारियों को जानकारी दी गई है। इसके बाद भी फेस में सुधार नहीं किया गया। उपकेंद्र के अवर अभियंता केडी वर्मा ने बताया कि लाइनमैन को भेजकर फेस में सुधार कराया जाएगा।
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