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घोर लापरवाही: 3 केंद्रों में 3 नवजातों की मौत, लाख मिन्नतों के बाद भी डॉक्टर ने नहीं सुनी गुहार
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sat, 22 Sep 2018 09:12 PM IST
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भर्ती प्रसूता, जिला अस्पताल से मृत नवजात को ले जाते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
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सरकार स्वास्थ्य विभाग में सुविधाओं को बढ़वा दे रही है। ताकि मरीजों को भटकना न पड़े। लेकिन चित्रकूट जिले की स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही तीन केंद्रों पर देखने को मिली। तीनों केस में प्रसूताओं के नवजात की समय से इलाज न मिलने से मौत हो गई। परिजनों ने संबंधित अस्पताल के स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाया है। सीएमओ ने पूछताछ कर कार्रवाई कराने की बात कही है।
केस नंबर-1- भिटारी थाना क्षेत्र मऊ निवासी पूजा देवी के पति नर्वदा प्रसाद ने बताया कि उसकी पत्नी इन दिनों मायका सपहा गांव मेें थी। शुक्रवार की शाम को तेज दर्द होने पर उसे मानिकपुर अस्पताल लाया गया। जहां बिना भर्ती किए बाहर से ही लौटा दिया गया। परिजन उसे मुख्यालय लाने के लिए वाहन का इंतजार करते रहे। एंबुलेंस भी नहीं मिली। दो घंटे तक गर्भवती वही गेट के बाहर बैठी रही रात को उसे जिला अस्पताल लाया गया। जहां बच्चा जनते ही नवजात की मौत हो गई। उसने आरोप लगाया कि समय से यदि उसे मानिकपुर में भर्ती कर प्रसव कराया जाता तो उसके नवजात की जान बच सकती थी।
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केस नंबर-1- भिटारी थाना क्षेत्र मऊ निवासी पूजा देवी के पति नर्वदा प्रसाद ने बताया कि उसकी पत्नी इन दिनों मायका सपहा गांव मेें थी। शुक्रवार की शाम को तेज दर्द होने पर उसे मानिकपुर अस्पताल लाया गया। जहां बिना भर्ती किए बाहर से ही लौटा दिया गया। परिजन उसे मुख्यालय लाने के लिए वाहन का इंतजार करते रहे। एंबुलेंस भी नहीं मिली। दो घंटे तक गर्भवती वही गेट के बाहर बैठी रही रात को उसे जिला अस्पताल लाया गया। जहां बच्चा जनते ही नवजात की मौत हो गई। उसने आरोप लगाया कि समय से यदि उसे मानिकपुर में भर्ती कर प्रसव कराया जाता तो उसके नवजात की जान बच सकती थी।
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डॉक्टर को बार-बार बुलाते रहे लेकिन कोई नहीं आया
जिला अस्पताल से मृत नवजात को ले जाते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
केस नंबर-2- भरतकूप के घुरेटनपुर निवासी तुलसादेवी पत्नी अजय के भाई शिवविलास ने बताया कि बहन को तेज प्रसव दर्द होने पर शुक्रवार की शाम एंबुलेंस को फोन किया गया। लगभग तीन घंटे तक एंबुलेंस नहीं पहुंची तो गर्भवती की हालत गंभीर हो गई। इसके बाद शिवरामपुर अस्पताल लाया गया तो मौजूद स्टाफ ने प्रसव कराया। नवजात की कुछ ही देर में हालत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया कि समय से एंबुलेंस न मिलने पर वह अस्पताल देरी से पहुंचे और नवजात की मौत हुई। इस मामले में सीएमओ से शिकायत की गई है।
केस नंबर- 3- राजापुर भटरी निवासी रंजना शुक्ला पत्नी राकेश का बच्चा जनते ही मौत हो गई। राकेश कुमार ने बताया कि शुक्रवार की शाम को वह आशा लीलावती के साथ राजापुर अस्पताल पहुंचे तो वहां एक नर्स मात्र थी। डाक्टर को बार-बार बुलाते रहे लेकिन कोई नहीं आया। किसी तरह रात को नर्स ने प्रसव कराया तो नवजात की हालत बिगड़ गई। इसके बाद भी डाक्टर नहीं पहुंचे। राकेश ने बताया कि वह परेशान होकर नवजात को लेकर राजापुर में देर रात लगभग दो बजे प्राइवेट अस्पताल के डाक्टर के घर पहुंचा। डाक्टर को नवजात की हालत दिखाई तो उन्होंने उसे मृत घोषित कर दिया। लौटकर अस्पताल आया तो पत्नी की भी हालत खराब होने लगी। इसे लेकर परिजनों ने अस्पताल में हंगामा काटा। सीएमओ से लेकर अधिकारियों को जानकारी दी गई। तब जाकर डाक्टर पहुंचे और पत्नी को मुख्यालय रेफर कर दिया। प्रसूता का पहला ही बच्चा था।
मामलों के बारे में सीएमओ डा.राजेंद्र सिंह ने बताया कि एंबुलेंस न पहुंचने की रिपोर्ट मांगी गई है। राजापुर अस्पताल में हंगामे व डाक्टर की गैर मौजूदगी के बारे में पूछताछ की जा रही है। दोषियों पर कार्रवाई होगी।
केस नंबर- 3- राजापुर भटरी निवासी रंजना शुक्ला पत्नी राकेश का बच्चा जनते ही मौत हो गई। राकेश कुमार ने बताया कि शुक्रवार की शाम को वह आशा लीलावती के साथ राजापुर अस्पताल पहुंचे तो वहां एक नर्स मात्र थी। डाक्टर को बार-बार बुलाते रहे लेकिन कोई नहीं आया। किसी तरह रात को नर्स ने प्रसव कराया तो नवजात की हालत बिगड़ गई। इसके बाद भी डाक्टर नहीं पहुंचे। राकेश ने बताया कि वह परेशान होकर नवजात को लेकर राजापुर में देर रात लगभग दो बजे प्राइवेट अस्पताल के डाक्टर के घर पहुंचा। डाक्टर को नवजात की हालत दिखाई तो उन्होंने उसे मृत घोषित कर दिया। लौटकर अस्पताल आया तो पत्नी की भी हालत खराब होने लगी। इसे लेकर परिजनों ने अस्पताल में हंगामा काटा। सीएमओ से लेकर अधिकारियों को जानकारी दी गई। तब जाकर डाक्टर पहुंचे और पत्नी को मुख्यालय रेफर कर दिया। प्रसूता का पहला ही बच्चा था।
मामलों के बारे में सीएमओ डा.राजेंद्र सिंह ने बताया कि एंबुलेंस न पहुंचने की रिपोर्ट मांगी गई है। राजापुर अस्पताल में हंगामे व डाक्टर की गैर मौजूदगी के बारे में पूछताछ की जा रही है। दोषियों पर कार्रवाई होगी।