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शर्मनाक: पैसे न होने से नर्सिंग होम में 20 घंटे पड़ी रही लाश, निजी अस्पताल में चल रहा था इलाज
Fri, 18 Oct 2019 09:02 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कन्नौज
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कन्नौज
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 18 Oct 2019 09:02 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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कन्नौज मंडी समिति में 11 अक्तूबर को लोडर की टक्कर से घायल किशोर की कानपुर के एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान गुरुवार शाम मौत हो गई। अस्पताल ने करीब एक लाख रुपये का भुगतान न होने के कारण शव को 20 घंटे तक रोके रखा।
परिजनों ने किसी तरह पैसों की व्यवस्था कर भुगतान किया। इसके बाद शाम चार बजे शव घर आ सका। सदर कोतवाली के गांव बलही निवासी अभिनव (13) पुत्र कमलेश पाल 11 अक्तूबर को मंडी समिति से होकर साइकिल से घर जा रहा था।
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परिजनों ने किसी तरह पैसों की व्यवस्था कर भुगतान किया। इसके बाद शाम चार बजे शव घर आ सका। सदर कोतवाली के गांव बलही निवासी अभिनव (13) पुत्र कमलेश पाल 11 अक्तूबर को मंडी समिति से होकर साइकिल से घर जा रहा था।
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इसी दौरान अनियंत्रित लोडर ने अभिनव को टक्कर मार कर घायल कर दिया। स्थानीय लोगों ने चालक को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया था। घायल अभिनव को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहां से कानपुर रेफर कर दिया गया।
हैलट में उपचार के बाद हालत में सुधार न होने पर कानपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। सात दिन तक उपचार के बाद उसने गुरुवार की शाम करीब सात बजे दम तोड़ दिया। पिता कमलेश पाल ने बताया कि उनके पास जो पैसे थे, वह बेटे के इलाज में खर्च हो गए।
करीब एक लाख रुपये और देने थे। इससे अस्पताल के लोगों ने शव नहीं दिया। किसी तरह पैसों की व्यवस्था कर भुगतान किया। शनिवार शाम करीब तीन बजे शव दिया। वह चार बजे शव को घर लाए। मृतक के पिता कमलेश पाल गरीब किसान हैं। अभिनव तीन भाइयों में सबसे छोटा था।
हैलट में उपचार के बाद हालत में सुधार न होने पर कानपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। सात दिन तक उपचार के बाद उसने गुरुवार की शाम करीब सात बजे दम तोड़ दिया। पिता कमलेश पाल ने बताया कि उनके पास जो पैसे थे, वह बेटे के इलाज में खर्च हो गए।
करीब एक लाख रुपये और देने थे। इससे अस्पताल के लोगों ने शव नहीं दिया। किसी तरह पैसों की व्यवस्था कर भुगतान किया। शनिवार शाम करीब तीन बजे शव दिया। वह चार बजे शव को घर लाए। मृतक के पिता कमलेश पाल गरीब किसान हैं। अभिनव तीन भाइयों में सबसे छोटा था।