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Kanpur News: ईं-बसें न होने पर ऑटो में खतरे में बीच सफर कर रहे यात्री
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रनियां (कानपुर देहात)। जिले में चलने वाली 13 ई-बसें अयोध्या में चल रही हैं। इसको लेकर यहां यात्रियों के आवागमन में दिक्कत हो रही है। मजबूरी में लोग ऑटो से आवागमन कर रहे हैं। चालक नियम तोड़ कर मानक से अधिक सवारियां बैठा रहे हैं। लटक कर यात्रा करने से परेशानी होती है। कई बार लोग गिरकर घायल हो रहे हैं।
इटावा या औरैया डिपो से कानपुर जाने वाली रोडवेज बसें पीछे के स्टॉपेज से भरकर आती हैं। इधर, रनियां से रामादेवी और घंटाघर जाने वाली ई-बसें 17 जनवरी को अयोध्या भेज दी गईं हैं। इसका फायदा ऑटो व टेंपो चालक उठाकर मनमानी कर रहे हैं। ये नियम तोड़ कर ठूंस कर सवारियां बैठातें हैं। आगे की सीट पर सवारियां लटका कर बैठातें हैं। ऐसे में खचाखच भरी ऑटों से कई बार सवारियां सड़क पर गिरकर घायल होती हैं। जबकि ऑटो या टेंपो से बाहर लटक कर बैठे यात्री संग हादसे का खतरा बना रहता है। जबकि ऑटों में चार सवारियां लेकर चलने की अनुमति हैं। वह भी निर्धारित रूट पर। मगर ऑटो चालक हाईवे पर फर्राटा भर रहे हैं। परिवहन के लिए रोडवेज या फिर अन्य सरकारी बसें न होने से मजबूरी में लोग जान खतरे में डालकर सफर कर रहे हैं। ई-बसें अयोध्या जाने से यह संकट बना है। ई बसों के हर दिन 26 फेरे लगते थे इसमें करीब पांच सौ से अधिक सवारियां सुगम सफर करती थीं। एसओ महेंद्र पटेल ने बताया कि ई-बसों के रूट पर फिलहाल न चलने से वाहनों की दिक्कत हो रही है। ऑटो में अधिक सवारी बैठा कर चलने वालों पर अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी।
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इनसेट
ट्रैफिक पुलिस कर रही नजर अंदाज
रनियां। मैथा-रनियां मोड़ के पास हाईवे पर ऑटो और टैंपो रोक के बाद भी खड़े होते है। ई बसें न चलने से ऑटो चालकों ने मनमानी शुरू कर दी है। नजदीक ही ट्रैफिक पुलिस की ड्यूटी रहती है। इसके बाद भी ट्रैफिक पुलिस ऑटो चालकों की अराजकता को नजर अंदाज किए हैं।
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रूट पर ई-बसें नहीं दुश्वारी झेल रहे यात्री
ई बसें न चलने से ऑटो से सफर की दुश्वारी झेलनी पड़ रही है। किराया अधिक लगता है तो समय भी जाया होता है। लटक कर यात्रा करने से हादसे का खतरा भी रहता है।
-विकाश शर्मा
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इटावा व औरैया की ओर से आने वाली रोडवेज बसें भरी होती है। सीएनजी बसें भी अकबरपुर से भरकर आती हैं। मजबूरी में ऑटो से सफर करना पड़ रहा है।
-अंकित सिंह
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इटावा या औरैया डिपो से कानपुर जाने वाली रोडवेज बसें पीछे के स्टॉपेज से भरकर आती हैं। इधर, रनियां से रामादेवी और घंटाघर जाने वाली ई-बसें 17 जनवरी को अयोध्या भेज दी गईं हैं। इसका फायदा ऑटो व टेंपो चालक उठाकर मनमानी कर रहे हैं। ये नियम तोड़ कर ठूंस कर सवारियां बैठातें हैं। आगे की सीट पर सवारियां लटका कर बैठातें हैं। ऐसे में खचाखच भरी ऑटों से कई बार सवारियां सड़क पर गिरकर घायल होती हैं। जबकि ऑटो या टेंपो से बाहर लटक कर बैठे यात्री संग हादसे का खतरा बना रहता है। जबकि ऑटों में चार सवारियां लेकर चलने की अनुमति हैं। वह भी निर्धारित रूट पर। मगर ऑटो चालक हाईवे पर फर्राटा भर रहे हैं। परिवहन के लिए रोडवेज या फिर अन्य सरकारी बसें न होने से मजबूरी में लोग जान खतरे में डालकर सफर कर रहे हैं। ई-बसें अयोध्या जाने से यह संकट बना है। ई बसों के हर दिन 26 फेरे लगते थे इसमें करीब पांच सौ से अधिक सवारियां सुगम सफर करती थीं। एसओ महेंद्र पटेल ने बताया कि ई-बसों के रूट पर फिलहाल न चलने से वाहनों की दिक्कत हो रही है। ऑटो में अधिक सवारी बैठा कर चलने वालों पर अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी।
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ट्रैफिक पुलिस कर रही नजर अंदाज
रनियां। मैथा-रनियां मोड़ के पास हाईवे पर ऑटो और टैंपो रोक के बाद भी खड़े होते है। ई बसें न चलने से ऑटो चालकों ने मनमानी शुरू कर दी है। नजदीक ही ट्रैफिक पुलिस की ड्यूटी रहती है। इसके बाद भी ट्रैफिक पुलिस ऑटो चालकों की अराजकता को नजर अंदाज किए हैं।
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रूट पर ई-बसें नहीं दुश्वारी झेल रहे यात्री
ई बसें न चलने से ऑटो से सफर की दुश्वारी झेलनी पड़ रही है। किराया अधिक लगता है तो समय भी जाया होता है। लटक कर यात्रा करने से हादसे का खतरा भी रहता है।
-विकाश शर्मा
इटावा व औरैया की ओर से आने वाली रोडवेज बसें भरी होती है। सीएनजी बसें भी अकबरपुर से भरकर आती हैं। मजबूरी में ऑटो से सफर करना पड़ रहा है।
-अंकित सिंह