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जानिए कैसे दवा कारोबारियों की पोल खोलेगा ये ई-पोर्टल
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, कानपुर
Updated Tue, 30 May 2017 10:02 PM IST
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स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय देश भर में ई-पोर्टल नीति लागू करने की तैयारी में है। जिसका विरोध में प्रदेश के सभी दवा कारोबारी हड़ताल करेंगे। दवा कारोबारियों का कहना है कि अगर ई-पोर्टल व्यवस्था लागू हो गई तो उनको आने वाले समय में बहुत सी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। इसके विरोध में ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (एआईओसीडी) ने मंगलवार को प्रदेश व्यापारियों ने हड़ताल करने का फैसला लिया है।
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इसका विरोध करने के लिए आज जिले के दवाई व्यापारी अपनी दुकाने बंद रखेंगे। मालूम हो कि इस हड़ताल में करीब साढ़े आठ लाख दवा कारोबारी शामिल होंगे। इस हड़ताल से मरीजों को दवाई के इधर उधर भटकना पड़ेगा।
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केंद्र सरकार की इस ड्रग पोर्टल नीति को लेकर मेडिकल कारोबारियों ने सर्कार को पहले ही चेताया था, लेकिन केंद्र सरकार ने उनकी मांगों को अनसुना कर दिया और उसके बाद दवा कारोबारी आंदोलन पर उतर आए हैं। सोमवार रात बारह बजे से सभी मेडिकल कारोबारी प्रदेश की सभी जिला मुख्यायलों पर धरना-प्रदर्शन कर अपनी बात केंद्र व प्रदेश सरकार तक पहुंचाएंगे।
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इस दौरान मेडिकल कारोबारी अपनी मेडिकल दुकानें बंद रख कर प्रदर्शन करेंगे। मेडिकल की दुकानें बंद होने से मरीजों को दवा के लिए काफी परेशान होना पड़ेगा । इस प्रदर्शन के बीच सरकारी अस्पतालों की मेडिकल दुकानें खुलीं रहेंगे। वहीं लखनऊ की खाद्य सुरक्षा औषधि प्रशासन कामिनी चौहान ने कहा है कि दवा की दुकानें बंद कराने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
क्यों हो रहा ई-पोर्टल का विरोध
सरकार द्वारा ई-पोर्टल नीति लागू होने का सभी दवा कारोबारी इसका विरोध कर रहे हैं। इस पोर्टल में सभी दवा कारोबारियों को सीएनएफ, थोक विक्रेता को दिये गये औषधि का पूरा डाटा अपलोड करना होगा। पोर्टल में दवा का बैच नंबर, बेची गयी दवा की मात्रा एवं दवाओं के एक्सपायरी की तिथि भी दर्ज करानी होगी। खुदरा दवा विक्रेता, केमिस्ट व ई-फार्मेसी को तब तक उस दवा बिक्री की अनुमति नहीं की जाएगी, जब तक सभी दवा कारोबारी ई-पोर्टल पर दवा का पूरा ब्योरा दर्ज नहीं कर देते।