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आईआईटी के ग्लाइडर कैमरे से हॉटस्पॉट इलाकों की निगरानी
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यतीमखाना चौराहे पर द्रोण कैमरे से निगरानी करते आईआईटी टीम के साथ डीएम डा. ब्रहृमदेव राम तिवारी व ?
कानपुर। शहर में 13 हॉटस्पॉट एरिया की निगरानी अब आईआईटी के ग्लाइडर ड्रोन कैमरे से की जाएगी। इसकी शुरुआत शुक्रवार को सजेती थाना क्षेत्र के बरीपाल इलाके से हुई। जिलाधिकारी डॉ. ब्रह्मदेव राम तिवारी और डीआईजी अनंत देव नेसभी हॉटस्पॉट एरिया के निरीक्षण करने के बाद बताया कि ग्लाइडर ड्रोन कैमरे की पिक्चर क्वालिटी अच्छी होने से हॉटस्पॉट एरिया की स्थिति अच्छी तरह से स्पष्ट हो सकेगी। बाकी स्थानों पर प्राइवेट एजेंसियों से हायर किए गए ड्रोन कैमरों से निगरानी की जा रही है।
जिलाधिकारी ने बताया कि हॉटस्पॉट एरिया में निरीक्षण के दौरान लोगों से उनका हालचाल लिया गया। उन्हें बताया गया कि दिक्कत होने पर केंद्रीय कंट्रोल रूम में माध्यम से जिला प्रशासन तक अपने बात पहुंचा सकते हैं। किसी को घर से बाहर निकलने की इजाजत नहीं है। जिलाधिकारी ने रामा हॉस्पिटल पहुंचकर कोरोना वार्ड का भी निरीक्षण किया।
ग्लाइडर ड्रोन की खासियत
कैमरे से लैस ग्लाइडर ड्रोन टेकऑफ और लैंडिंग ड्रोन की तरह करता है, लेकिन हवा में जहाज की तरह उड़ता है। हाई क्वालिटी कैमरे से लैस ग्लाइडर ड्रोन के जरिये छह किलोमीटर के सर्किल की रियल टाइम स्पष्ट वीडियो और फोटो देखी जा सकती है। इससे संबंधित क्षेत्र में हो रही हरकत की त्वरित और सटीक जानकारी मिलती है। पूरी तरह से मेक इन इंडिया यह ड्रोन करीब साढ़े पांच किलोमीटर की ऊंचाई तक उड़ान भरने में सक्षम है।
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जिलाधिकारी ने बताया कि हॉटस्पॉट एरिया में निरीक्षण के दौरान लोगों से उनका हालचाल लिया गया। उन्हें बताया गया कि दिक्कत होने पर केंद्रीय कंट्रोल रूम में माध्यम से जिला प्रशासन तक अपने बात पहुंचा सकते हैं। किसी को घर से बाहर निकलने की इजाजत नहीं है। जिलाधिकारी ने रामा हॉस्पिटल पहुंचकर कोरोना वार्ड का भी निरीक्षण किया।
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ग्लाइडर ड्रोन की खासियत
कैमरे से लैस ग्लाइडर ड्रोन टेकऑफ और लैंडिंग ड्रोन की तरह करता है, लेकिन हवा में जहाज की तरह उड़ता है। हाई क्वालिटी कैमरे से लैस ग्लाइडर ड्रोन के जरिये छह किलोमीटर के सर्किल की रियल टाइम स्पष्ट वीडियो और फोटो देखी जा सकती है। इससे संबंधित क्षेत्र में हो रही हरकत की त्वरित और सटीक जानकारी मिलती है। पूरी तरह से मेक इन इंडिया यह ड्रोन करीब साढ़े पांच किलोमीटर की ऊंचाई तक उड़ान भरने में सक्षम है।
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