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सरवनखेड़ा के पांच गांवों में जल्द दूर होगी पेयजल समस्या, चार में काम शुरू
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सरवनखेड़ा। पेयजल समस्या से जूझ रहे क्षेत्रवासियों के लिए राहत भरी खबर है। ब्लॉक के आलापुर, दुआरी, कटेठी, सैंथा व मनेथू में पेयजल आपूर्ति के लिए पानी की टंकी बनाई जाएगी। मनेथू में भूमि का चयन नहीं हो सका है। वहीं अन्य जगह काम भी शुरू हो गया है।
जल जीवन पेयजल मिशन योजना के तहत ब्लॉक के पांच गांवों में पानी की टंकी की निर्माण होना है। आलापुर गांव में दो करोड़ 67 लाख की लागत से बनने वाली टंकी के लिए बोरिंग का काम पूरा कर लिया गया है। बोरिंग गांव के मजरा नंदपुर में कराई गई है।
ग्राम प्रधान राम प्रसाद के पुत्र राजेश सिंह ने बताया कि उनकी पंचायत में लोग पेयजल की समस्या से जूझ रहे थे। जलस्तर नीचे चले जाने से हैंडपंपों ने पानी देना कम कर दिया था। गोकुल सिंह ने बताया कि टंकी बन जाने से पेयजल की समस्या से निजात मिल जाएगी।
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वहीं दुआरी, कटेठी व सैंथा में बोरिंग व टंकी निर्माण के लिए जमीन चिह्नित कर ली गई है। यहां काम की शुरुआत भी हो गई है। वहीं, मनेथू गांव में नाले के पास चिह्नित की गई भूमि को विशेषज्ञों की टीम ने अस्वीकार कर दिया।
अब दूसरी जमीन चिह्नित की जानी है। जल निगम के सहायक अभियंता राम सेवक ने बताया कि मनेथू को छोड़कर अन्य सभी गांवों में काम शुरू करा दिया गया है। ग्रामीणों को जल्द ही आसानी से शुद्ध पेयजल उपलब्ध होगा।
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जल जीवन पेयजल मिशन योजना के तहत ब्लॉक के पांच गांवों में पानी की टंकी की निर्माण होना है। आलापुर गांव में दो करोड़ 67 लाख की लागत से बनने वाली टंकी के लिए बोरिंग का काम पूरा कर लिया गया है। बोरिंग गांव के मजरा नंदपुर में कराई गई है।
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ग्राम प्रधान राम प्रसाद के पुत्र राजेश सिंह ने बताया कि उनकी पंचायत में लोग पेयजल की समस्या से जूझ रहे थे। जलस्तर नीचे चले जाने से हैंडपंपों ने पानी देना कम कर दिया था। गोकुल सिंह ने बताया कि टंकी बन जाने से पेयजल की समस्या से निजात मिल जाएगी।
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वहीं दुआरी, कटेठी व सैंथा में बोरिंग व टंकी निर्माण के लिए जमीन चिह्नित कर ली गई है। यहां काम की शुरुआत भी हो गई है। वहीं, मनेथू गांव में नाले के पास चिह्नित की गई भूमि को विशेषज्ञों की टीम ने अस्वीकार कर दिया।
अब दूसरी जमीन चिह्नित की जानी है। जल निगम के सहायक अभियंता राम सेवक ने बताया कि मनेथू को छोड़कर अन्य सभी गांवों में काम शुरू करा दिया गया है। ग्रामीणों को जल्द ही आसानी से शुद्ध पेयजल उपलब्ध होगा।