{"_id":"60d359d48ebc3e343478bfd4","slug":"dr-sanjay-kala-new-principal-of-gsvm-medical-college","type":"story","status":"publish","title_hn":"कानपुर: डॉ. संजय काला बने जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के नए प्राचार्य","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कानपुर: डॉ. संजय काला बने जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के नए प्राचार्य
Thu, 24 Jun 2021 08:29 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Thu, 24 Jun 2021 08:29 AM IST
सार
डॉ. कमल राजकीय मेडिकल कॉलेज प्रयागराज में फिजियोलॉजी विभागाध्यक्ष के रूप में ज्वाइन करेंगे। कार्यवाहक प्राचार्य बनने से पहले वह इसी पद पर तैनात रहे थे।
विज्ञापन
डॉ. संजय काला
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सीनियर सर्जन डॉ. संजय काला जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के नए कार्यवाहक प्राचार्य बने हैं। इस संबंध में प्रमुख सचिव आलोक कुमार ने आदेश जारी कर दिया है। मेडिकल कॉलेज के कार्यवाहक प्राचार्य रहे डॉ. आरबी कमल को उनके मूल तैनाती स्थल भेज दिया गया है।
डॉ. कमल राजकीय मेडिकल कॉलेज प्रयागराज में फिजियोलॉजी विभागाध्यक्ष के रूप में ज्वाइन करेंगे। कार्यवाहक प्राचार्य बनने से पहले वह इसी पद पर तैनात रहे थे। डॉ. संजय राजकीय मेडिकल कॉलेज आगरा के कार्यवाहक प्राचार्य रहे हैं।
वह शासन के अग्रिम आदेश तक आगरा मेडिकल कॉलेज की भी जिम्मेदारी संभालेंगे। डॉ. संजय आगरा जाने के पहले जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के सर्जरी विभागाध्यक्ष थे। डॉ. कमल के तबादले की चर्चा बीते शुक्रवार से हो रही थी।
विज्ञापन
जाते-जाते डॉ. कमल ने साथियों पर फोड़ा ठीकरा
जीएसवीएम मेडिकल कालेज के प्राचार्य डॉ. आरबी कमल ने जाते-जाते अपने साथियों पर नाकामयाबी का ठीकरा फोड़ दिया है। वह एक साल 12 दिन कार्यवाहक प्राचार्य रहे। उनसे शासन-प्रशासन को सबसे ज्यादा शिकायत टीम न बना पाने की थी।
सूत्र बता रहे हैं कि इस पर उन्होंने कई विभागाध्यक्षों और अधिकारियों का नाम लिख कर शासन को दिया है। बुधवार को डॉ. कमल का तबादला आदेश आने के साथ शासन से विभागाध्यक्षों के नाम स्पष्टीकरण संबंधी पत्र भी आने लगे। इससे हड़कंप मच गया। सबसे ज्यादा चर्चा हैलट की प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ज्योति सक्सेना के नाम की रही।
हैलट की अव्यवस्था, कोरोना रोगियों की मौत छिपाने, रेमडेसिविर प्रकरण आदि मामलों में शासन ने डॉ. कमल को बुलाया था। इस पर नाराजगी जाहिर की गई। सूत्रों ने बताया कि शासन से डाक्टरों के असहयोग की शिकायत की गई थी। इस पर शासन ने नोटिस ले लिया है।
प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सक्सेना का कहना है कि उनके पास अभी कोई पत्र तो नहीं आया लेकिन पता चला है कि कालेज में आया है। गुरुवार को पता चलेगा। इसके अलावा कम्युनिटी मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. सीमा निगम के नाम भी पत्र आने की चर्चा है। विभागाध्यक्षों की शिकायत की भी चर्चा होती रही। हालांकि डॉ. कमल ने कहा कि शासन का निर्णय है। वह अपने कार्यकाल के दौरान काम से संतुष्ट हैं।
विज्ञापन
डॉ. कमल राजकीय मेडिकल कॉलेज प्रयागराज में फिजियोलॉजी विभागाध्यक्ष के रूप में ज्वाइन करेंगे। कार्यवाहक प्राचार्य बनने से पहले वह इसी पद पर तैनात रहे थे। डॉ. संजय राजकीय मेडिकल कॉलेज आगरा के कार्यवाहक प्राचार्य रहे हैं।
विज्ञापन
वह शासन के अग्रिम आदेश तक आगरा मेडिकल कॉलेज की भी जिम्मेदारी संभालेंगे। डॉ. संजय आगरा जाने के पहले जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के सर्जरी विभागाध्यक्ष थे। डॉ. कमल के तबादले की चर्चा बीते शुक्रवार से हो रही थी।
विज्ञापन
जाते-जाते डॉ. कमल ने साथियों पर फोड़ा ठीकरा
जीएसवीएम मेडिकल कालेज के प्राचार्य डॉ. आरबी कमल ने जाते-जाते अपने साथियों पर नाकामयाबी का ठीकरा फोड़ दिया है। वह एक साल 12 दिन कार्यवाहक प्राचार्य रहे। उनसे शासन-प्रशासन को सबसे ज्यादा शिकायत टीम न बना पाने की थी।
सूत्र बता रहे हैं कि इस पर उन्होंने कई विभागाध्यक्षों और अधिकारियों का नाम लिख कर शासन को दिया है। बुधवार को डॉ. कमल का तबादला आदेश आने के साथ शासन से विभागाध्यक्षों के नाम स्पष्टीकरण संबंधी पत्र भी आने लगे। इससे हड़कंप मच गया। सबसे ज्यादा चर्चा हैलट की प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ज्योति सक्सेना के नाम की रही।
हैलट की अव्यवस्था, कोरोना रोगियों की मौत छिपाने, रेमडेसिविर प्रकरण आदि मामलों में शासन ने डॉ. कमल को बुलाया था। इस पर नाराजगी जाहिर की गई। सूत्रों ने बताया कि शासन से डाक्टरों के असहयोग की शिकायत की गई थी। इस पर शासन ने नोटिस ले लिया है।
प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सक्सेना का कहना है कि उनके पास अभी कोई पत्र तो नहीं आया लेकिन पता चला है कि कालेज में आया है। गुरुवार को पता चलेगा। इसके अलावा कम्युनिटी मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. सीमा निगम के नाम भी पत्र आने की चर्चा है। विभागाध्यक्षों की शिकायत की भी चर्चा होती रही। हालांकि डॉ. कमल ने कहा कि शासन का निर्णय है। वह अपने कार्यकाल के दौरान काम से संतुष्ट हैं।