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केंद्रीय राज्यमंत्री को अपमानित करने में फंसे डीपीआरओ, कार्रवाई के लिए अपर मुख्य सचिव पंचायती राज को लिखापढ़ी
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कानपुर देहात। अक्सर विवादों में रहने वाले डीपीआरओ ने केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण राज्यमंत्री साध्वी निरंजन ज्योति को ही अपमानित कर दिया। केंद्रीय राज्यमंत्री की नाराजगी के बाद भारत सरकार की निजी सचिव ने डीपीआरओ पर कार्रवाई के लिए अपर मुख्य सचिव पंचायती राज को लिखापढ़ी की है।
कानपुर देहात गृह क्षेत्र होने के चलते केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण राज्यमंत्री साध्वी निरंजन ज्योति मूसानगर स्थित आश्रम में अक्सर जनता की शिकायतों को सुनती हैं। पिछले दिनों क्षेत्र के लोगों ने डीपीआरओ अनिल कुमार सिंह पर विकास कार्यों में अनियमितता का आरोप लगाकर शिकायत की।
इस संबंध में केंद्रीय राज्यमंत्री ने जब डीपीआरओ से बात करने के लिए उनको फोन किया तो उन्होंने बात नहीं की। बाद में भी डीपीआरओ ने केंद्रीय राज्यमंत्री से संपर्क करना मुनासिब नहीं समझा। मंत्री के निर्देश पर उनके निजी सचिव प्रथम राजेंद्र कुमार निषाद ने भी डीपीआरओ से कई बार संपर्क किया और संदेश भी भेजा, लेकिन किसी प्रकार की तवज्जो नहीं दी गई।
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जिस पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए। इसके बाद केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण राज्यमंत्री भारत सरकार की निजी सचिव डॉ. आशिमा जैन ने प्रदेश के अपर मुख्य सचिव पंचायती राज मनोज कुमार को पत्र भेजा है। जिसमें उन्होंने डीपीआरओ अनिल कुमार सिंह पर केंद्रीय मंत्री को जान-बूझकर अपमानित करने का आरोप लगाया है।
उन्होंने केंद्रीय राज्यमंत्री के संदेश की अवहेलना पर आवश्यक कार्रवाई करते हुए उनके कार्यालय को भी अवगत कराने को कहा है। मामले की जानकारी डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह को भी दी गई है। वहीं मामले में सीडीओ सौम्या पांडेय ने डीपीआरओ से स्पष्टीकरण तलब किया है।
रिटायरमेंट के चलते कार्रवाई से बचाते रहे अधिकारी
मामले में कार्रवाई के लिए भारत सरकार की निजी सचिव ने 18 नवंबर को अपर मुख्य सचिव पंचायती राज व डीएम को पत्र भेजा था, लेकिन डीपीआरओ अनिल कुमार सिंह का रिटायरमेंट 30 नवंबर को होने के चलते अफसर कार्रवाई से बचते रहे। मंगलवार को डीपीआरओ के कार्यकाल के आखिरी दिन सीडीओ की तरफ से स्पष्टीकरण तलब किया गया है। ऐसे में कार्रवाई की शैली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
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कानपुर देहात गृह क्षेत्र होने के चलते केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण राज्यमंत्री साध्वी निरंजन ज्योति मूसानगर स्थित आश्रम में अक्सर जनता की शिकायतों को सुनती हैं। पिछले दिनों क्षेत्र के लोगों ने डीपीआरओ अनिल कुमार सिंह पर विकास कार्यों में अनियमितता का आरोप लगाकर शिकायत की।
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इस संबंध में केंद्रीय राज्यमंत्री ने जब डीपीआरओ से बात करने के लिए उनको फोन किया तो उन्होंने बात नहीं की। बाद में भी डीपीआरओ ने केंद्रीय राज्यमंत्री से संपर्क करना मुनासिब नहीं समझा। मंत्री के निर्देश पर उनके निजी सचिव प्रथम राजेंद्र कुमार निषाद ने भी डीपीआरओ से कई बार संपर्क किया और संदेश भी भेजा, लेकिन किसी प्रकार की तवज्जो नहीं दी गई।
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जिस पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए। इसके बाद केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण राज्यमंत्री भारत सरकार की निजी सचिव डॉ. आशिमा जैन ने प्रदेश के अपर मुख्य सचिव पंचायती राज मनोज कुमार को पत्र भेजा है। जिसमें उन्होंने डीपीआरओ अनिल कुमार सिंह पर केंद्रीय मंत्री को जान-बूझकर अपमानित करने का आरोप लगाया है।
उन्होंने केंद्रीय राज्यमंत्री के संदेश की अवहेलना पर आवश्यक कार्रवाई करते हुए उनके कार्यालय को भी अवगत कराने को कहा है। मामले की जानकारी डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह को भी दी गई है। वहीं मामले में सीडीओ सौम्या पांडेय ने डीपीआरओ से स्पष्टीकरण तलब किया है।
रिटायरमेंट के चलते कार्रवाई से बचाते रहे अधिकारी
मामले में कार्रवाई के लिए भारत सरकार की निजी सचिव ने 18 नवंबर को अपर मुख्य सचिव पंचायती राज व डीएम को पत्र भेजा था, लेकिन डीपीआरओ अनिल कुमार सिंह का रिटायरमेंट 30 नवंबर को होने के चलते अफसर कार्रवाई से बचते रहे। मंगलवार को डीपीआरओ के कार्यकाल के आखिरी दिन सीडीओ की तरफ से स्पष्टीकरण तलब किया गया है। ऐसे में कार्रवाई की शैली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।